दिल्ली-NCR में मौसम का डबल असर, प्रदूषण से राहत के बीच अगले पांच दिनों में 5 डिग्री तक बढ़ेगा पारा
दिल्ली में इस अक्टूबर 2015 के बाद सबसे साफ हवा दर्ज की गई, जबकि चार साल में सर्वाधिक वर्षा हुई, ...और पढ़ें

बीते तीन दिनों से हुई वर्षा से दिल्ली-एनसीआर में हवा स्वच्छ होने के साथ ही तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। नोएडा में कुछ ऐसी दिखीं शुक्रवार को सड़कें। जागरण
HighLights
अक्टूबर में दिल्ली की हवा 2015 के बाद सबसे साफ रही।
चार साल में सर्वाधिक वर्षा दर्ज की गई, AQI में सुधार।
चक्रवात 'अर्नब' के प्रभाव से गुलाबी ठंड की दस्तक।
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली में इस बार अक्टूबर ने मौसम और हवा की गुणवत्ता के कई रिकार्ड तोड़ दिए। एक ओर राजधानी में 2015 के बाद अक्टूबर की सबसे साफ हवा दर्ज की गई, वहीं दूसरी ओर चार साल में सबसे ज्यादा वर्षा हुई। यह 2015 के बाद इस महीने का सबसे कम औसत है। मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को दिल्ली में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे, हालांकि बारिश की कोई संभावना नहीं है।
चक्रवात 'अर्नब' का दिखा असर
आने वाले 5 दिनों में अधिकतम तापमान 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। दिल्ली-एनसीआर में हुई मध्यम बारिश से न सिर्फ मौसम सुहावना हुआ है और हवा की गुणवत्ता में सुधार आया है, बल्कि नवंबर की शुरुआत से पहले ही हल्की 'गुलाबी ठंड' की दस्तक भी महसूस होने लगी है।
उल्लेखनीय है कि देश के कई अन्य राज्यों में चक्रवात 'अर्नब' के कारण भारी बारिश हुई है। सेंटर फाॅर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (सीआरईए) के विश्लेषण के अनुसार, अक्टूबर में दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 167 रहा।
विकल्प 2: संक्षिप्त और सीधा (Bullet Points)
दिल्ली का मौसम: शनिवार को आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे, बारिश की संभावना नहीं है।
तापमान में बढ़ोतरी: अगले 5 दिनों में अधिकतम तापमान 3-5°C बढ़ सकता है।
मौसम में बदलाव: हाल ही में हुई मध्यम बारिश से दिल्ली-एनसीआर का मौसम सुहावना हुआ है और AQI सुधरा है।
ठंड की शुरुआत: नवंबर से ठीक पहले दिल्ली में 'गुलाबी ठंड' ने दस्तक दे दी है।
चक्रवात अर्नब: देश के कई राज्यों में इस चक्रवात की वजह से भारी बारिश का दौर देखने को मिला है।
वर्षा ने सुधारी हवा
मौसम में आए बदलाव का असर हवा पर भी दिखा। शुक्रवार यानी 30 अक्टूबर को एक्यूआई 60 दर्ज किया गया, जो अक्टूबर में 10 अक्टूबर 2022 के बाद सबसे साफ दिन रहा। हालांकि, सीआरईए के विशेषज्ञ मनोज कुमार ने कहा कि प्रदूषण में कमी का श्रेय केवल ग्रेप के उपायों को नहीं दिया जा सकता। वर्षा और मौसम की परिस्थितियों का भी इसमें बड़ा योगदान रहा।
अक्टूबर में हवा की स्थिति
इस अक्टूबर में अब तक पांच दिन हवा खराब श्रेणी में रही, जबकि 22 दिन मध्यम और तीन दिन संतोषजनक श्रेणी में दर्ज किए गए। 21 अक्टूबर को एक्यूआई 245 पहुंचा था। इसके बाद वर्षा के कारण इसमें गिरावट आई। जनवरी से अक्टूबर तक औसत एक्यूआई 168 रहा, जो 2020 के बाद इस अवधि का सबसे कम स्तर है।
सामान्य से कई गुना ज्यादा बारिश
30 अक्टूबर सुबह 8:30 बजे तक दिल्ली में कुल 123.3 मिमी वर्षा दर्ज की गई। यह 1954 के बाद अक्टूबर में चौथी सबसे ज्यादा वर्षा है। इस महीने की सामान्य वर्षा केवल 15.1 मिमी है।
किस सेंटर पर कैसा रहा एक्यूआई?
| मौसम केंद्र | वर्षा (मिमी) | सामान्य से अधिक |
|---|---|---|
| सफदरजंग | 123.3 | 717 प्रतिशत |
| पालम | 85.7 | 575 प्रतिशत |
| लोधी रोड | 130.6 | 765 प्रतिशत |
| रिज | 126.7 | 974 प्रतिशत |
| आया नगर | 104.0 | 654 प्रतिशत |
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