दिल्ली में बीएस-4 वाहनों पर प्रतिबंध के पहले ही दिन सीमाओं पर लगा भीषण जाम, वापस लौटाए गए हजारो वाहन
दिल्ली में बीएस-4 वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध के पहले दिन सीमाओं पर भारी जाम लग गया। दो हजार से ...और पढ़ें

दिल्ली के बाहर से आने वाहनों की जांच। फोटो-दैनिक जागरण
HighLights
दिल्ली में बीएस-4 वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लागू हुआ।
पहले दिन सीमाओं पर भीषण जाम, यात्री घंटों परेशान हुए।
दो हजार से अधिक बीएस-4 वाहन वापस लौटाए गए।
जागरण संवाददाता, पूर्वी दिल्ली। एक नवंबर से बीएस-6 मानक से कम के पेट्रोल व डीजल वाले दिल्ली से बाहर के पंजीकृत वाहनों को राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश प्रतिबंधित होने के पहले ही दिन सीमाओं पर लोग जाम से जूझे।
दिल्ली से सटी उत्तर प्रदेश व हरियाणा की सीमाओं से प्रवेश के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। मिनटों का सफर तय करने में घंटेभर का समय लगा। शनिवार रात से ही दिल्ली, उत्तर प्रदेश व हरियाणा पुलिस सीमा पर तैनात हो गई थी। 13 बार्डर पर वाहनों की चेकिंग के बाद ही बीएस-6 वाहनों को दिल्ली में प्रवेश दिया गया।
दो हजार से अधिक वाहन वापस लौटा
बीएस-4 वाले दो हजार से अधिक वाहनों को वापस लौटा दिया गया। इसके साथ ही वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसी) न होने के 250 चालान भी किए गए। दिल्ली में कांग्रेस की रैली की वजह से भी जाम रहा। सोमवार को कार्यालय खुलेंगे, ऐसे में ट्रैफिक जाम होने से रोकना पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण होगा। 13 बार्डर पर पुलिस की करीब 30 टीमें तैनात रहीं।
वाहनों की जांच के लिए लगा बैरिकेड
वाहनों की जांच के लिए पुलिस ने बैरिकेड लगाए हुए थे। उत्तर प्रदेश व हरियाणा से आने वाले वाहनों को रोककर पुलिस ने जांच की। पुलिस ने एप के जरिये देखा कि वाहन बीएस-6 है या नहीं।
गैर दिल्ली पंजीकृत जो वाहन बीएस-4 थे, उन्हें सीमा से वापस लौटाया गया। दिल्ली में प्रवेश पर 20 हजार रुपये का चालान है।गाजीपुर, अप्सरा, चिल्ला, कालिदी कुंज, कापसहेड़ा समेत अन्य बार्डर पर यातायात पुलिस व थाना पुलिस तैनात रही।
चेकिंग के दौरान लगा जाम
एनएच-नौ व दिल्ली मेरठ एक्सप्रसे वे पर वाहनों की चेकिंग की वजह से गाजीपुर से खोड़ा तक जाम लगा रहा। कालिंदी कुंज बार्डर पर पुलिस की जांच के कारण यातायात प्रभावित रहा और वाहनों की कतारें लग गईं। जो वाहन लौटाए जा रहे थे उनके चालकों का पुलिस से कहना था कानूनी रूप से उनका वाहन 15 वर्ष के लिए वैध है।
वाहन खरीदते समय नहीं बताया गया था कि दिल्ली में यह वाहन नहीं चलेगा। सवाल था उनके पास पीयूसी भी है, अगर यह वाहन दिल्ली में प्रदूषण फैलाएगा तो हरियाणा व उत्तर प्रदेश में नहीं फैलाएगा। जिसके पास बीएस-4 है, फिटनेस भी ठीक है। दूसरा कोई वाहन नहीं है उसे दिल्ली आना है तो वह क्या और कैसे करे।
हजारों वाहनों की जांच
दिल्ली यातायात पुलिस ने बताया कि शनिवार रात से रविवार रात आठ बजे तक दिल्ली में कुल 7279 वाहनों की जांच की गई। इस दौरान 10 वाहनों के चालान किए गए, जबकि 714 वाहनों को जब्त किया गया। ट्रैफिक पुलिस की ओर से वाहन चालकों को नियमों की जानकारी देने के साथ उनका पालन करने की अपील भी की जा रही है।
बार्डर पर लगीं वाहनों की कतारें
गुरुग्राम में सरहौल बार्डर, कापसहेड़ा, आया नगर, रजोकरी बार्डर और बजघेड़ा बार्डर, ग्वाल पहाड़ी पर गुरुग्राम यातायात पुलिस की पांच विशेष टीमें तैनात की गईं। मानेसर में पचगांव के पास भी एक नाका लगाया गया है, जहां दूसरे राज्यों से आने वाले कमर्शियल वाहनों को रोककर केएमपी एक्सप्रेसवे के रास्ते आगे भेजा जा रहा है।
फरीदाबाद में शनिवार रात 12 बजे से पुलिस ने बैरिकेडिंग कर वाहनों को रोकना शुरू कर दिया। आगरा और मथुरा की ओर से आने वाले वाहनों को बदरपुर बार्डर पर चेक किया जा रहा था। बीएस-6 वाहनों को ही आगे जाने की अनुमति दी गई। चेकिंग की वजह से वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं और लोगों को जांच के लिए काफी देर तक इंतजार करना पड़ा।
महारैली में प्रतिबंधित वाहनों से जा रहे थे कार्यकर्ता
दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को आइएनडीआइए की रैली हुई। उत्तर प्रदेश व हरियाणा के पार्टी के विभिन्न कार्यकर्ता दिल्ली में प्रतिबंधित वाहनों के जरिये प्रवेश करना चाहते थे।
पुलिस ने उन्हें बैरिकेड लगाकर रोक दिया। पुलिस ने प्रतिबंधित वाहनों को दिल्ली में प्रवेश नहीं दिया। इस वजह से वे पुलिस से नोक-झोंक करने लगे। उनकी वजह से दूसरे वाहन चालक जाम में फंसे रहे।
यह भी पढ़ें- दिल्ली से गोरखपुर के बीच दो-दो फेरे लगाएगी स्पेशल ट्रेन, हरदोई स्टेशन पर भी होगा ठहराव
यह भी पढ़ें- दिल्ली में 10 करोड़ की साइबर ठगी का खुलासा, जबलपुर से मिला लिंक, 5 राज्यों में हुई गिरफ्तारी
देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।