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फांसी घर विवाद: समिति की अवमानना के आरोप में केजरीवाल समेत चार को विधानसभा सचिवालय ने भेजी चिट्ठी

Published: Tue, 27 Jan 2026 09:39 PM (GMT+05:30)

दिल्ली विधानसभा सचिवालय ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, रामनिवास गोयल और राखी बिरला को पत्र जारी किए हैं। ...और पढ़ें

दिल्ली विधानसभा सचिवालय ने अरविंद केजरीवाल समेत चार को औपचारिक पत्र जारी किए। फाइल फोटो

दिल्ली विधानसभा सचिवालय ने अरविंद केजरीवाल समेत चार को औपचारिक पत्र जारी किए। फाइल फोटो

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राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। फांसीघर मामले में दिल्ली विधानसभा सचिवालय ने मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल, पूर्व उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया तथा पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष राखी बिरला को औपचारिक पत्र जारी किए हैं।

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस पत्र में उन्हें अवगत कराया गया है कि विशेषाधिकार समिति ने विस्तृत परीक्षण के उपरांत यह निष्कर्ष निकाला है कि समिति के समक्ष बार-बार नोटिस और पर्याप्त अवसर दिए जाने के बावजूद जानबूझकर उपस्थित न होना, सदन एवं समिति की अवमानना के समान है।

पत्र में यह भी सूचित किया गया है कि समिति ने सदन द्वारा उपयुक्त कार्रवाई किए जाने की संस्तुति की है तथा संबंधित व्यक्तियों से विशेषाधिकार समिति की प्रथम रिपोर्ट में निहित निष्कर्षों एवं संस्तुतियों का संज्ञान लेने को कहा गया है।

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समिति ने माना अवमानना

ये पत्र विशेषाधिकार समिति द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट पर विचार के उपरांत जारी किए गए हैं और समिति के समक्ष बार-बार नोटिस, पर्याप्त अवसर तथा किसी भी न्यायालय से कोई स्थगन अथवा निर्देश न होने के बावजूद संबंधित व्यक्तियों की जानबूझकर अनुपस्थिति से संबंधित हैं।

समिति ने फांसीघर मामले की श्रृंखला, किए गए पत्राचार, विधिक स्थिति तथा स्थापित संसदीय प्रक्रिया की सावधानीपूर्वक जांच के बाद यह निष्कर्ष निकाला है कि इस प्रकार का आचरण सदन एवं समिति की अवमानना के समान है।

ज्ञात हो कि दिल्ली विधानसभा ने सदन की कार्यवाही में छह जनवरी 2026 को प्रस्तुत विशेषाधिकार समिति की प्रथम रिपोर्ट से सहमति व्यक्त करते हुए एक प्रस्ताव को पारित किया था।

सदन ने एक अन्य प्रस्ताव भी पारित किया था, जिसके अंतर्गत इन लोगों को विशेषाधिकार समिति के समक्ष समन किए जाने पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने, 13 नवंबर 2025 एवं 20 नवंबर 2025 को निर्धारित बैठकों में अनुपस्थिति के कारणों की व्याख्या करने तथा विधानसभा परिसर में कथित फांसी घर के अस्तित्व की प्रामाणिकता स्थापित करने के लिए उनके पास उपलब्ध किसी भी सूचना अथवा दस्तावेज को समिति के समक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया था।

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