जस्टिस वर्मा के खिलाफ महाभियोग पर बोले किरेन रिजीजू, प्रक्रिया जारी; जांच समिति रिपोर्ट का इंतजार
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू ने बताया कि जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग की प्रक्रिया जारी है। सरकार लोकसभा ...और पढ़ें

जस्टिस वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रक्रिया जारी। (फाइल)
HighLights
जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रक्रिया जारी।
तीन सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट का इंतजार।
2015 में जले नोट मिलने के आरोप हैं।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू ने मंगलवार को कहा कि इलाहाबाद हाई कोर्ट के जज जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग की प्रक्रिया जारी है। सरकार यशवंत वर्मा के खिलाफ लगे आरोपों की जांच के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा गठित तीन सदस्यीय समिति की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
लोकसभा अध्यक्ष ने जस्टिस वर्मा को हटाने के लिए नोटिस स्वीकार करने के बाद पिछले साल 12 अगस्त को उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए समिति का गठन किया था।
गौरतलब है कि जब जस्टिस वर्मा दिल्ली हाई कोर्ट के जज थे, तब 14 मार्च 2025 को उनके दिल्ली स्थित सरकारी आवास में आग लग गई थी। आग बुझाने के लिए जब अग्निशमन दल उनके आवास पर पहुंचा तो उसे वहां एक स्टोर रूम में भारी मात्रा में जले हुए नोटों की गड्डियां मिली थीं।
दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने मामले की रिपोर्ट तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश जस्टिस संजीव खन्ना को दी थी, जिसके बाद जस्टिस खन्ना ने आरोपों की जांच के लिए तीन जजों की आंतरिक जांच कमेटी बनाई और कमेटी की रिपोर्ट आने पर जस्टिस यशवंत वर्मा से इस्तीफा देने को कहा गया, लेकिन उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया। जस्टिस वर्मा से न्यायिक कामकाज वापस लेकर उनका इलाहाबाद हाई कोर्ट स्थानांतरण कर दिया गया था।
यह पूछे जाने पर कि क्या बुधवार से शुरू होने वाले संसद के आगामी बजट सत्र से पहले इस मामले पर चर्चा की जाएगी, रिजीजू ने टिप्पणी करने से इनकार किया। उन्होंने कहा, प्रक्रिया के अनुसार सदन की सहमति से लोकसभा अध्यक्ष द्वारा गठित समिति को मामला भेज दिया गया है और प्रक्रिया जारी है।
समिति अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रही है। हम रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। मैं कोई टिप्पणी नहीं कर सकता। जांच समिति में सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस अरविंद कुमार, मद्रास हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस मनिंद्र मोहन श्रीवास्तव और कर्नाटक हाई कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता बीवी आचार्य शामिल हैं।
(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
