BRICS Summit में दिल्ली के 300 किमी दायरे में चार्टर उड़ानों पर रोक, VVIP विमानों के लिए खास स्लॉट मैनेजमेंट प्लान
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पर वीवीआईपी विमानों की आवाजाही के लिए विशेष स्लॉट मैनेजमेंट प्लान लागू किया गया है।

सम्मेलन के समापन के बाद अतिथियों का प्रस्थान भी यहीं से होगा।
HighLights
वीवीआईपी विमानों के लिए विशेष टाइम स्लॉट निर्धारित किए गए।
सामान्य उड़ानों में देरी कम करने के लिए प्रबंधन योजना।
दिल्ली के 300 किमी दायरे में चार्टर उड़ानों पर अस्थायी रोक।
गौतम कुमार मिश्रा, नई दिल्ली। राजधानी में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को लेकर विदेशी राष्ट्राध्यक्षों और उच्चस्तरीय प्रतिनिधियों के विमानों की आईजीआई एयरपोर्ट पर लैंडिंग का सिलसिला जारी है। सम्मेलन के समापन के बाद अतिथियों का प्रस्थान भी यहीं से होगा।
उड़ानों में होने वाली देरी को न्यूनतम रखना
ऐसे में वीवीआईपी विमानों की सुरक्षित व निर्बाध आवाजाही के साथ-साथ आम यात्रियों की नियमित उड़ानों को समय पर संचालित रखने के लिए एयरपोर्ट संचालन एजेंसी डायल और विमान के हवाई यातायात प्रबंधन करने वाली एटीसी द्वारा लागू किया गया स्लाॅट मैनेजमेंट प्लान बेहद अहम साबित हो रहा है। इस प्लान का मुख्य उद्देश्य आगमन और प्रस्थान दोनों चरणों के दौरान रनवे पर दबाव कम करना और सामान्य उड़ानों में होने वाली देरी को न्यूनतम रखना है।
'टाइम गैप' बनाकर एयर ट्रैफिक को मैनेज किया
इस विशेष स्लाॅट प्लान के तहत वीवीआईपी विमानों के उतरने और उड़ान भरने (टेक-आफ) के लिए एटीसी द्वारा पहले से ही विशिष्ट समय-खंड (डेडिकेटेड टाइम स्लाॅट) निर्धारित किए गए हैं। सामान्य दिनों में जिस रनवे और एयरस्पेस का उपयोग कॉमर्शियल उड़ानें करती हैं, वहां वीआईपी उड़ानों की आवाजाही के दौरान बेहद कम समयांतराल का 'टाइम गैप' बनाकर एयर ट्रैफिक को मैनेज किया जा रहा है।
रनवे पर होल्डिंग टाइम न बढ़े
इससे सम्मेलन के दौरान या समाप्ति के बाद किसी भी निर्धारित शेडयूल उड़ान को अंतिम समय में रद करने या लंबे समय तक एयर-होल्ड पर रखने की नौबत नहीं आएगी। सभी एयरलाइन कंपनियों को हिदायत दी है कि वे अपने निर्धारित स्लाॅट अनुशासन का सख्ती से पालन करें, ताकि प्रस्थान के समय भी रनवे पर होल्डिंग टाइम न बढ़े और आम यात्रियों को किसी असुविधा का सामना न करना पड़े।
नाॅन शेडयूल व चार्टर जेट्स पर अस्थायी रोक
व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए दिल्ली के 300 किलोमीटर के दायरे वाले हवाई क्षेत्र में नाॅन शेडयूल उड़ानों और चार्टर्ड जेट्स की लैंडिंग-टेकऑफ पर अस्थायी रूप से रोक लगी है।
इससे एयर ट्रैफिक कंट्रोलरों को केवल वीआईपी मेहमानों के आने-जाने और नियमित कॉमर्शियल उड़ानों के स्लाॅट पर ध्यान केंद्रित करने की छूट मिली है।
एप्रन एरिया में भीड़भाड़ से बचने के लिए विदेशी मेहमानों के विमानों के लिए स्पेशल पार्किंग बे तैयार किए गए हैं, जबकि आपातकालीन स्थितियों और पार्किंग प्रबंधन के लिए जयपुर, लखनऊ व हिंडन जैसे नजदीकी एयरपोर्ट को स्टैंडबाय के रूप में चिह्नित किया गया है।
आइसोलेटेड पार्किंग बे पर खड़े हैं विमान
सभी राष्ट्रप्रमुखों के विमानों के लिए सामान्य यात्रियों के विमानों से दूर अलग बे रिजर्व रखे गए हैं इन विमानों के आसपास एनएसजी और दिल्ली पुलिस की स्वाट टीमों के साथ-साथ सीआइएसएफ और संबंधित देश की अपनी सुरक्षा एजेंसियां तैनात हैं। एयरपोर्ट परिसर और रनवे के आसपास किसी भी अज्ञात उड़ने वाली वस्तु को रोकने के लिए एंटी-ड्रोन सिस्टम सक्रिय किए गए हैं।
