विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

IGI एयरपोर्ट ने रचा इतिहास: सिंगापुर और दक्षिण कोरिया को पछाड़ एशिया-प्रशांत का 5वां सबसे व्यस्त हब बना दिल्ली एयरपोर्ट

Published: Fri, 06 Mar 2026 08:11 PM (GMT+05:30)

इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) हवाई अड्डा अब एशिया-प्रशांत क्षेत्र का 5वां सबसे व्यस्त हवाई अड्डा बन गया है। ऑफिशियल एयरलाइन ...और पढ़ें

दिल्ली एयरपोर्ट अब एशिया-प्रशांत (एपैक) क्षेत्र के 5 सबसे व्यस्त हवाई अड्डों की सूची में शामिल हो गया है। प्रतीकात्मक तस्वीर

दिल्ली एयरपोर्ट अब एशिया-प्रशांत (एपैक) क्षेत्र के 5 सबसे व्यस्त हवाई अड्डों की सूची में शामिल हो गया है। प्रतीकात्मक तस्वीर

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (आईजीआई) हवाई अड्डे ने अंतरराष्ट्रीय विमानन मानचित्र पर भारत का गौरव बढ़ाते हुए एक ऐतिहासिक मुकाम हासिल किया है। विमानन डेटा और विश्लेषण के क्षेत्र में विश्व की अग्रणी संस्था ऑफिशियल एयरलाइन गाइड (ओएजी) द्वारा जारी ताजा रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली एयरपोर्ट अब एशिया-प्रशांत (एपैक) क्षेत्र के 5 सबसे व्यस्त हवाई अड्डों की सूची में शामिल हो गया है।

दिल्ली एयरपोर्ट साल 2019 में एशिया-प्रशांत क्षेत्र में 9वें स्थान पर

इस रैंकिंग की सबसे बड़ी खास बात यह है कि दिल्ली ने दुनिया के बेहतरीन माने जाने वाले सिंगापुर के चांगी हवाई अड्डे और दक्षिण कोरिया के इंचियोन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को भी क्षमता के मामले में पीछे छोड़ दिया है। दिल्ली एयरपोर्ट साल 2019 में एशिया-प्रशांत क्षेत्र में 9वें स्थान पर था। महज छह वर्षों के भीतर, दिल्ली ने 46.18 मिलियन वन-वे डिपार्चर सीटों (निर्धारित विमान क्षमता) के साथ 5वां स्थान हासिल कर लिया है। यह उपलब्धि भारत के तेजी से बढ़ते विमानन क्षेत्र और दिल्ली एयरपोर्ट की बढ़ती वैश्विक स्वीकार्यता का प्रमाण है।

भारत की एविएशन ग्रोथ का प्रमाण

आईजीआई हवाई अड्डे का प्रबंधन और संचालन करने वाली जीएमआर एयरो के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम, दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डायल) के सीईओ विदेह कुमार जयपुरियार ने इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए कहा है कि दिल्ली एयरपोर्ट का टाॅप-5 में शामिल होना भारत की एविएशन ग्रोथ स्टोरी की ताकत को दर्शाता है।

एशिया और यूरोप के बीच एक कनेक्टिंग ब्रिज बना

इंडिगो और एयर इंडिया जैसे हमारे एयरलाइन पार्टनर्स का निरंतर विस्तार और मजबूत घरेलू व अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी दिल्ली को दुनिया का प्राथमिक प्रवेश द्वार बना रही है। इसमें इंडिगो ने अंतरराष्ट्रीय सीटों में 8 प्रतिशत की सालाना वृद्धि दर्ज की है, वहीं एयर इंडिया ग्रुप ने यूरोप और दक्षिण-पूर्व एशिया के रूट पर क्रमशः 18 प्रतिशत और 29 प्रतिशत की वृद्धि की है। इससे दिल्ली अब एशिया और यूरोप के बीच एक कनेक्टिंग ब्रिज बन गया है।

वैश्विक केंद्रों को कड़ी टक्कर दे रहा

पिछले एक साल में दिल्ली एयरपोर्ट से 11 नए गंतव्यों के लिए उड़ानें शुरू हुई हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अब दिल्ली सीधे मनीला, शंघाई, क्राबी, ग्वांगझू और मैनचेस्टर जैसे प्रमुख शहरों से जुड़ गया है। वहीं घरेलू स्तर पर भुज, पूर्णिया, नवी मुंबई और रीवा जैसे शहरों के जुड़ने से टियर-2 और टियर-3 शहरों की पहुंच सीधे वैश्विक स्तर तक हो गई है।

100 मिलियन यात्रियों की वार्षिक क्षमता के साथ दिल्ली एयरपोर्ट अब न केवल भारत का सबसे बड़ा हवाई अड्डा है, बल्कि यह बैंकाक (सुवर्णभूमि) और सिंगापुर जैसे स्थापित वैश्विक केंद्रों को कड़ी टक्कर दे रहा है।

यह भी पढ़ें- पश्चिम एशिया संकट: दिल्ली एयरपोर्ट पर ब्लैक फ्राइडे, 104 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद होने से हजारों यात्री दिखे बेचैन

यह भी पढ़ें- खराब मौसम की वजह से दिल्ली से वाराणसी फ्लाइट पहुंची लखनऊ, एयर इंडिया के व‍िमान में 90 यात्री और 6 क्रू मेंबर थे सवार

यह भी पढ़ें- मार्च में ही 34 डिग्री पहुंचा पारा, दिल्ली में पावर डिमांड बढ़ी; इस गर्मी में 9000 MW पार करने का अनुमान