विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण के लिए MCD का बड़ा फैसला, सभी जोन के डीसी रोजाना 4 घंटे फील्ड में करेंगे निरीक्षण

Published: Sat, 31 Oct 2026 09:38 PM (IST)

दिल्ली में सर्दियों के दौरान वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए नगर निगम ने निगरानी सख्त की है। अब ...और पढ़ें

दिल्ली में वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने की सख्त तैयारी। फोटो-दैनिक जागरण

दिल्ली में वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने की सख्त तैयारी। फोटो-दैनिक जागरण

HighLights

  1. निगम उपायुक्त रोजाना चार घंटे फील्ड निरीक्षण करेंगे।

  2. सड़क धूल, कचरा जलाने, औद्योगिक प्रदूषण पर नजर।

  3. शीतकालीन प्रतिबंधों और GRAP का पालन सुनिश्चित होगा।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली में सर्दियों के दौरान वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए नगर निगम ने अपनी निगरानी व्यवस्था सख्त कर दी है। अब निगम के सभी जोन के उपायुक्त (डीसी) रोजाना कम से कम चार घंटे फील्ड में रहकर प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े उपायों का निरीक्षण करेंगे।

इस दौरान उन्हें अपने क्षेत्र में सड़कों की धूल, निर्माण गतिविधियों, कचरा जलाने और औद्योगिक प्रदूषण समेत अन्य कारणों की निगरानी करनी होगी। निगम आयुक्त संजीव खिरवार ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं।

सभी उपायुक्तों की लगेगी ड्यूटी

आदेश के अनुसार, सभी जोन के उपायुक्तों को प्रतिदिन अपने क्षेत्र में कम से कम चार घंटे का निरीक्षण करना अनिवार्य होगा। यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है और सर्दियों में प्रदूषण नियंत्रण की अवधि तक जारी रहेगी। यह निर्णय मुख्य सचिव की अध्यक्षता में 27 अक्टूबर को हुई वायु प्रदूषण नियंत्रण संबंधी बैठक में दिए गए निर्देशों के बाद लिया गया है।

पांच बजे तक भेजना होगा रिपोर्ट

उपायुक्तों को निरीक्षण की रिपोर्ट निर्धारित प्रारूप में रोजाना शाम पांच बजे तक अतिरिक्त आयुक्त (डीईएमएस) को ईमेल से भेजनी होगी। इसमें निरीक्षण स्थलों, मिली खामियों और की गई कार्रवाई का विवरण देना होगा। साथ में जियो टैग फोटो भी लगानी होंगी। अतिरिक्त आयुक्त सभी जोन की रिपोर्ट संकलित कर दिल्ली सरकार के पर्यावरण विभाग और ग्रीन वार रूम को भेजेंगे।

धूल नियंत्रण के उपायों पर भी रहेगी नजर

निरीक्षण के दौरान सबसे पहले सड़कों की धूल पर नियंत्रण के उपायों की जांच होगी। इसमें मैकेनिकल रोड स्वीपिंग, पानी का छिड़काव, जमा धूल और गाद हटाने तथा सड़कों के किनारों और खाली पड़ी जमीन पर हरियाली विकसित करने जैसे काम शामिल हैं।

निर्माण और तोड़फोड़ वाली जगहों पर धूल नियंत्रण के निर्धारित उपायों का पालन हो रहा है या नहीं, इसकी भी जांच की जाएगी।

इसके अलावा खुले में कचरा, पत्तियां, बायोमास और अन्य ज्वलनशील सामग्री जलाने पर रोक सुनिश्चित करनी होगी। कचरे का नियमित उठान, परिवहन और निस्तारण भी निरीक्षण के दायरे में रहेगा। अवैध रूप से प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक इकाइयों की पहचान कर संबंधित एजेंसियों के साथ कार्रवाई करनी होगी।

प्रदूषण हॉटस्पॉट पर रहेगी नजर

निगम ने प्रदूषण हॉटस्पॉट पर भी विशेष निगरानी के निर्देश दिए हैं। चिह्नित हॉटस्पॉट के आसपास तीन किलोमीटर के दायरे में प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी।

साप्ताहिक बाजारों में अतिक्रमण से लगने वाले जाम और उससे होने वाले प्रदूषण की जांच भी की जाएगी। इसके लिए प्रत्येक जोन में सप्ताह में एक बार रात्रिकालीन बाजार का निरीक्षण अनिवार्य होगा।

शीतकालीन प्रतिबंधों के उल्लंघन पर होगी कार्रवाई

एक नवंबर से लागू होने वाले शीतकालीन प्रतिबंधों के पालन की जिम्मेदारी भी उपायुक्तों को दी गई है। एक नवंबर 2026 से 20 फरवरी 2027 तक निर्माण और तोड़फोड़ गतिविधियों पर लागू प्रतिबंधों की निगरानी होगी।

10 दिसंबर से 20 जनवरी तक अधिक सख्त प्रतिबंधों का पालन सुनिश्चित करना होगा। ग्रेप के तहत लागू निर्देशों पर भी नजर रखी जाएगी। उल्लंघन मिलने पर नोटिस, चालान और नियमानुसार अन्य कार्रवाई की जाएगी।

यह भी पढ़ें- 1 नवंबर से सहारनपुर के 55 हजार BS-4 वाहन नहीं जा सकेंगे दिल्ली, नया नियम लागू

यह भी पढ़ें- दिल्ली में कल से इन गाड़ियों पर पाबंदी: तुरंत चेक करें, क्या आपकी गाड़ी पर भी पड़ेगा असर?

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।