दिल्ली में बच्चों की सांसों पर संकट: मांओं ने सरकार से कहा, ‘अब और इंतजार नहीं, हेल्थ अलर्ट जारी करें’
दिल्ली में वायु प्रदूषण के बढ़ते स्तर के कारण बच्चों के स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है। माताओं ने सरकार ...और पढ़ें

HighLights
दिल्ली में वायु प्रदूषण से बच्चों को खतरा
माताओं ने स्वास्थ्य अलर्ट की मांग की
सरकार से तत्काल कार्रवाई की अपेक्षा
जागरण संवाददाता, दक्षिणी दिल्ली। हमारे बच्चे जहरीली हवा में सांस लेने को मजबूर हैं। सुबह उठते ही खांसते हैं, गले में खराश है और खेल के मैदान में भी मास्क पहन रहे हैं। सांसों पर बने इस संकट को लेकर जल्द ही हेल्थ एडवाइजरी जारी की जाए, ताकि हमारे बच्चे सुरक्षित रहें। सरकार से ये अपील दिल्ली-एनसीआर की मांओं ने की है। इसे लेकर सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय को पत्र भेजकर तत्काल ठोस कदम उठाने की मांग की जा चुकी है।
आवाज उठाना ही मकसद
दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण के खिलाफ 'वारियर माम्स' और 'माई राइट टू ब्रीद (एआरटीबी)' जैसे नागरिक समूहों के तहत दिल्ली-एनसीआर के अभिभावक, युवा और आम नागरिक एकजुट होने लगे हैं। लोगों ने सरकार से प्रदूषण पर सख्त कदम उठाने और हेल्थ एडवाइजरी जारी करने की मांग की है। वहीं, जल्द ऐसा नहीं होने पर विरोध जताने की भी तैयारी है। एकजुट होकर स्वच्छ हवा, जनस्वास्थ्य और सरकार की जवाबदेही के लिए आवाज उठाना ही मकसद है।
इंटरनेट मीडिया पर छेड़ा अभियान
दिल्ली में प्रदूषण से आपातकाल जैसे हालात हैं कुछ करो सरकार, महिला टीम विश्वकप घर ले आई क्या हम माएं बच्चों के लिए सुरक्षित हवा की जंग जीत पाएंगी? इंटरनेट मीडिया पर इसी तरह के पोस्ट साझा किए जा रहे हैं। वहीं, मुहिम के तहत पोस्टर अभियान शुरू किया गया है, जिसमें “हम अपने बच्चों को जहरीली हवा में सांस नहीं लेने देंगे।” थीम पर पोस्टर बनाए जा रहे हैं। मुहिम से जुड़ीं अमिता सिंह बताती हैं कि वायु प्रदूषण के खिलाफ हम एकजुट हुए हैं। सामूहिक रूप से सरकार को चेताना और स्वच्छ हवा के लिए तत्काल कार्रवाई की मांग उठाना ही मकसद है।
आंदोलन तेज करने की तैयारी
वारियर माम की संस्थापक भावरीन कंधारी बताती हैं कि सरकार को पत्र भेजकर 48 घंटों में हेल्थ एडवाइजरी जारी करने की मांग की थी, अभी तक कुछ नहीं हुआ है। मुख्यमंत्री से मिलने का समय मांगा था व्यस्तता की बात कहकर समय नहीं दिया गया। प्रदूषण के चलते हमारे बच्चों की सेहत बिगड़ रही है। सरकार की तरफ से कोई कदम नहीं उठाए गए तो हम सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।
यह उठाई हैं मांगे
- तत्काल हेल्थ एडवाइजरी जारी की जाए।
- प्रदूषण से बचाव को लेकर स्पष्ट मार्गदर्शन जारी हों।
- बच्चों को डाक्टर को दिखाने की जरूरत पर लक्षणों की सूची जारी हो।
- सर्दी के बजाय स्थिति के हिसाब से जरूरी कदम उठाए जाएं।
- बाल रोग विशेषज्ञों व विभागों को प्रदूषण से जुड़ी बीमारियों पर दिशानिर्देश जारी हों।
- प्रदूषण गंभीर श्रेणी पर पहुंचते ही एसएमएस, आरोग्य सेतु एप और स्कूल वाट्सएप ग्रुप पर अलर्ट भेजने के लिए सिस्टम बने।
दिल्ली-एनसीआर में चार नवंबर को एक्यूआई की स्थिति
| स्थान | एक्यूआई | वायु गुणवत्ता |
| दिल्ली | 291 | खराब |
| गाजियाबाद | 325 | बेहद खराब |
| फरीदाबाद | 194 | मध्यम |
| गुरुग्राम | 219 | खराब |
| नोएडा | 302 | बेहद खराब |
| ग्रेटर नोएडा | 62 | खराब |
(स्त्रोत: केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड)
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