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दिल्ली में प्रदूषण से निपटने के लिए DDA का मेगा प्लान, 270 मिस्टिंग पोल और 21 लाख पौधे लगाने का दावा

Published: Thu, 05 Nov 2026 02:40 PM (IST)

DDA ने सर्दियों में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए व्यापक उपाय किए हैं। इनमें नरेला में रोड स्वीपिंग मशीनें, ...और पढ़ें

दिल्ली में गहराते स्मॉग को देखते हुए दिल्ली सरकार ने पूरी ताकत झोंकने का दावा किया है। यह नजारा राजधानी में व्याप्त स्माॅग को बयां कर रहा है। फाइल फोटो

दिल्ली में गहराते स्मॉग को देखते हुए दिल्ली सरकार ने पूरी ताकत झोंकने का दावा किया है। यह नजारा राजधानी में व्याप्त स्माॅग को बयां कर रहा है। फाइल फोटो

HighLights

  1. नरेला में दो मैकेनाइज्ड रोड स्वीपिंग मशीनें तैनात की गईं।

  2. द्वारका में 270 मिस्टिंग पोल का नेटवर्क 11.8 किमी तक फैला।

  3. डीडीए का दावा- 21 लाख से अधिक पौधे लगाए।

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली में सर्दियों के दौरान वायु प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने अपने क्षेत्रों में धूल नियंत्रण के उपाय तेज किए हैं।

इसके तहत नरेला में दो मैकेनाइज्ड रोड स्वीपिंग मशीनें, द्वारका में 270 मिस्टिंग पोल और विभिन्न क्षेत्रों में पानी के छिड़काव के लिए स्प्रिंकलर व एंटी स्माॅग गन तैनात की गई हैं।

डीडीए ने चालू वित्त वर्ष में 21.24 लाख से अधिक पौधे लगाने और पार्कों में 143 एकड़ धूल भरे हिस्सों पर घास विकसित करने का भी दावा किया है।

विशेष टीमें भी बनाई गईं

डीडीए के अनुसार, ये उपाय उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू की निगरानी में किए जा रहे हैं। धूल नियंत्रण के साथ खुले में कूड़ा जलाने, मलबा डालने और निर्माण सामग्री को बिना ढके रखने जैसी गतिविधियों पर कार्रवाई के लिए विशेष टीमें भी बनाई गई हैं।

द्वारका में 11.8 किलोमीटर तक मिस्टिंग नेटवर्क

डीडीए ने द्वारका में मिस्टिंग नेटवर्क का विस्तार कर इसकी कुल लंबाई 11.8 किलोमीटर कर दी है। इसमें 270 पोल लगाए गए हैं। हाल में सेक्टर-8 में तीन किलोमीटर का नया हिस्सा शुरू किया गया है, जिसमें 66 पोल शामिल हैं। प्रत्येक पोल में 30 नोजल लगे हैं। ये सुबह सात से 11 बजे और शाम चार से आठ बजे के बीच हर घंटे 10 से 15 मिनट तक चलते हैं।

नरेला में दो मैकेनाइज्ड रोड स्वीपिंग मशीनें

नरेला में 20 मीटर चौड़ाई वाली सड़कों की सफाई के लिए दो मैकेनाइज्ड रोड स्वीपिंग मशीनें और धूल दबाने के लिए सात स्प्रिंकलर लगाए गए हैं। रोहिणी में 18 मीटर से अधिक चौड़ी सड़कों पर करीब 166 किलोमीटर लंबाई में एक दिन छोड़कर मशीनों से सफाई की जा रही है। इसके साथ फुटपाथ, साइकिल ट्रैक और सड़क किनारे के हिस्सों की भी सफाई की जा रही है।

खुले में कूड़ा जलाने और मलबा डालने पर निगरानी

डीडीए ने खुले में कूड़ा जलाने और मलबा डालने पर रोक लगाने के लिए जिला और उपमंडल स्तर पर टीमें गठित की हैं। निर्माण सामग्री को हरे जाल से ढकने, सड़कों और फुटपाथों से धूल हटाने तथा प्रदूषण संबंधी शिकायतों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

विकास मीनार पर एक स्थायी एंटी स्माॅग गन

उत्तर क्षेत्र में विकास मीनार पर एक स्थायी एंटी स्माग गन और धीरपुर क्षेत्र में चार स्प्रिंकलर तैनात हैं। दक्षिण क्षेत्र में सात स्प्रिंकलर और तीन एंटी स्माग गन लगाई गई हैं। यहां सात विशेष टीमें प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों की निगरानी कर रही हैं।

पार्कों और सड़कों के किनारे हरियाली बढ़ाने का दावा

डीडीए के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष में पार्कों, हरित क्षेत्रों और सड़कों के किनारे 21.24 लाख से अधिक पौधे लगाए गए हैं। पार्कों में 143 एकड़ के खाली और धूल भरे हिस्सों पर घास विकसित की गई है।

करीब आठ किलोमीटर सड़क किनारे की जमीन पर घास और झाड़ियां लगाकर हरियाली बढ़ाई गई है। पार्कों में पेड़-पौधों की धुलाई और पैदल पथों पर पानी का छिड़काव भी किया जा रहा है।

डीडीए ने कहा है कि सर्दियों में धूल नियंत्रण के लिए यांत्रिक सफाई, पानी का छिड़काव और प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर कार्रवाई जारी रहेगी।

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