द्वारका में बुलेट ट्रेन स्टेशन का एलाइंमेंट बदला, DDA के फैसले से सैकड़ों परिवारों को राहत; नहीं टूटेंगे मकान
दिल्ली-अमृतसर हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के द्वारका स्टेशन के लिए धूलसिरस और बामनौली गांवों में मकानों के टूटने का खतरा टल गया है।
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बुलेंट ट्रेन स्टेशन का अलाइनमेंट बदला। फोटो: आर्काइव
HighLights
डीडीए ने हाई-स्पीड रेल स्टेशन को वैकल्पिक भूमि दी
धूलसिरस और बामनौली गांवों के मकान टूटने से बचे
द्वारका स्टेशन के लिए नया एलाइंमेंट तैयार हो रहा है
गौतम कुमार मिश्रा, पश्चिमी दिल्ली। दिल्ली से अमृतसर के बीच प्रस्तावित 453 किलोमीटर लंबे हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के स्टेशन निर्माण को लेकर द्वारका के धूलसिरस और बामनौली गांव के निवासियों के लिए एक राहत भरी खबर आई है।
डीडीए अब इस महत्वाकांक्षी परियोजना के स्टेशन के लिए गांव से सटे खाली हिस्से में वैकल्पिक भूमि उपलब्ध कराने पर सहमत हो गया है। डीडीए के इस बड़े फैसले से कई परिवारों के मकान ढहने से बच जाएंगे।
स्टेशन के लिए मिलेगी वैकल्पिक भूमि
योजना के शुरुआती नक्शे के अनुसार, द्वारका स्थित यशोभूमि के पास बनने वाला यह शुरुआती स्टेशन धूलसिरस और बामनौली गांव के लाल डोरा क्षेत्र के बीच प्रस्तावित था। यदि स्टेशन का निर्माण पुरानी योजना के तहत होता, तो दोनों गांवों की घनी आबादी इसकी जद में आ जाती और कई मकानों को तोड़ना पड़ता।
इसकी जानकारी मिलते ही दिल्ली देहात किसान संघर्ष समिति, धूलसिरस वेलफेयर एसोसिएशन, बामनौली ग्राम विकास समिति और शहीद भगत सिंह ब्रिगेड जैसे संगठनों ने एकजुट होकर मोर्चा खोल दिया।
ग्रामीणों की इस एकजुटता के बाद दक्षिण-पश्चिमी जिला प्रशासन और उपराज्यपाल ने मामले का संज्ञान लिया तथा नेशनल हाई स्पीड रेल कारपोरेशन लिमिटेड को जनहित में स्टेशन के एलाइंमेंट को संशोधित करने का पत्र भेजा।
बाद में इस मसले को सांसद के डीडीए के उपाध्यक्ष के साथ हुई बैठक में उठाया गया, जिसमें इस बात पर सहमति हुई कि लाल डोरा के बजाय गांव के पास डीडीए अपनी जमीन इस कार्य के लिए उपलब्ध कराएगी।
नई जगह पर तैयार हो रहा स्टेशन का एलाइंमेंट
प्रशासन की पहल और डीडीए के सहयोग के बाद अब हाई-स्पीड रेल परियोजना के अधिकारी स्टेशन के लिए नए सिरे से एलाइंमेंट तैयार कर रहे हैं।
डीडीए गांव से सटी ऐसी गैर-आवासीय जमीन उपलब्ध करा रही है, जहां कोई आबादी नहीं रहती, ताकि निर्माण कार्य के दौरान कम से कम या शून्य तोड़फोड़ की स्थिति बने।
बनने हैं कुल 10 स्टेशन
250 से 350 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ने वाली इस ट्रेन के लिए दिल्ली, सोनीपत, पानीपत, करनाल, अंबाला, चंडीगढ़, लुधियाना, जालंधर, ब्यास और अमृतसर सहित कुल 10 स्टेशन प्रस्तावित हैं।
डीडीए की सहमति के बाद तैयार हो रहे इस नए एलाइंमेंट को जल्द ही अंतिम मंजूरी के लिए रेल मंत्रालय को भेजा जाएगा।
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