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राहुल गांधी की रैली क्या फूंक पाएगी दिल्ली कांग्रेस में जान? मंच पर दिखा जोश, लेकिन जमीनी वापसी बड़ी चुनौती

Published: Sun, 01 Nov 2026 08:55 PM (IST)

रामलीला मैदान में आईएनडीआईए की रैली ने दिल्ली कांग्रेस में उत्साह भरा, जिसमें राहुल गांधी और शीर्ष नेताओं की मौजूदगी ...और पढ़ें

मंच पर दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव और राहुल गांधी। फोटो: जागरण

मंच पर दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव और राहुल गांधी। फोटो: जागरण

HighLights

  1. आईएनडीआईए रैली ने दिल्ली कांग्रेस में जोश भरा।

  2. स्थानीय मुद्दों पर सक्रियता बढ़ाने की चुनौती है।

  3. उत्साह को संगठनात्मक मजबूती में बदलना होगा।

संजीव गुप्ता, नई दिल्ली। रामलीला मैदान में रविवार को आयोजित आईएनडीआईए की रैली दिल्ली कांग्रेस के लिए भी उत्साह बढ़ाने का अवसर बनी। राहुल गांधी सहित कांग्रेस के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी और प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र यादव के मंच संचालन ने कार्यकर्ताओं में जोश भरा।

हालांकि, रैली के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह उत्साह दिल्ली कांग्रेस को फिर से सक्रिय कर पाएगा? नियमित बड़े राजनीतिक कार्यक्रमों और जनसंपर्क अभियानों के अभाव में प्रदेश के प्रमुख नेता और कार्यकर्ता लंबे समय से अपेक्षित सक्रियता नहीं दिखा पा रहे हैं।

रैली में कार्यकर्ताओं की अच्छी भागीदारी

रैली में दिल्ली कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की अच्छी भागीदारी रही। प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने मंच संचालन के दौरान नेताओं के संबोधन को आगे बढ़ाया और कार्यकर्ताओं के बीच उत्साह बनाए रखा।

राहुल गांधी और अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ मंच साझा करने तथा राष्ट्रीय स्तर के आयोजन में प्रदेश कांग्रेस की भूमिका ने स्थानीय कार्यकर्ताओं को संगठन में अपनी अहमियत का एहसास कराया।

स्थानीय मुद्दों पर सक्रियता बढ़ाने की चुनौती

दिल्ली कांग्रेस के सामने हालांकि चुनौती केवल भीड़ जुटाने या बड़े आयोजनों में भागीदारी तक सीमित नहीं है। राजधानी में पार्टी को अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने के लिए नियमित रूप से जनता के मुद्दों पर सक्रिय होना होगा।

स्थानीय समस्याओं को लेकर आंदोलन, वार्ड स्तर पर जनसंपर्क और संगठनात्मक बैठकों की निरंतरता के अभाव में कार्यकर्ताओं की सक्रियता प्रभावित हो रही है।

नियमित अभियानों से मजबूत होगी पकड़

पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता मानते हैं कि संगठन को लगातार कार्यक्रमों की जरूरत है। केवल राष्ट्रीय स्तर की रैलियों में भागीदारी से स्थानीय स्तर पर राजनीतिक पकड़ मजबूत नहीं हो सकती।

दिल्ली में प्रदूषण, महंगाई, बेरोजगारी, नागरिक सुविधाओं और अन्य जनसमस्याओं को लेकर कांग्रेस को नियमित अभियान चलाने होंगे, ताकि कार्यकर्ताओं को सक्रिय भूमिका मिल सके और जनता के बीच पार्टी की मौजूदगी भी बढ़े।

उत्साह को संगठनात्मक मजबूती में बदलने की चुनौती

राहुल गांधी की रैली ने दिल्ली कांग्रेस को ऊर्जा और एकजुटता का संदेश जरूर दिया है, लेकिन इस उत्साह को संगठनात्मक मजबूती में बदलना प्रदेश नेतृत्व के लिए बड़ी चुनौती होगी।

अब देखना होगा कि प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र यादव इस ऊर्जा को नियमित कार्यक्रमों और जमीनी गतिविधियों में कितना बदल पाते हैं। हालांकि, जागरण से बातचीत में यादव ने कहा कि दिल्ली कांग्रेस लगातार बेहतर कर रही है और भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन के लिए तैयारी में जुटी है।

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