जागरण संवाददाता, नई दिल्ली : सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) देश की सीमाओं की सुरक्षा के साथ साथ नक्सलियों के खात्मे को चलाए जा रहे अभियानों को भी बखूबी अंजाम दे रहा है। जम्मू परिक्षेत्र में 'आपरेशन भीम' के तहत सीमा पार से की जाने वाली कार्रवाई का मुंहतोड़ जवाब दिया जा रहा है। यह बातें बीएसएफ के महानिदेशक (डीजी) रजनीकांत मिश्रा ने शुक्रवार को निजामुद्दीन स्थित ऑफिसर्स मेस में आयोजित वार्षिक प्रेस वार्ता के दौरान कही।

बल के 54वें स्थापना दिवस पर आयोजित वार्ता में मिश्रा ने कहा कि बल को नवीनतम तकनीक और अत्याधुनिक उपकरणों से लैस किए जाने के लिए निरंतर प्रयास जारी हैं। उन्होंने कहा कि बल अत्याधुनिक बंकर का निर्माण करा रहा है। इसके अंदर जवानों के लिए तमाम सुविधाएं मौजूद होंगी। बंकर पूरी तरह से बुलेटप्रूफ होगा। एक सवाल के जबाव में उन्होंने कहा कि नए खुले करतारपुर सीमा की सुरक्षा में भी बल को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आएगी। भ्रष्टाचार कम करने के लिए अधिकारी जवानों पर नजर रख रहे हैं। वहीं, जवानों और उनके परिवार के लिए कई कल्याणकारी कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं।

विश्व का सबसे बड़ा सीमा रक्षक बल

उन्होंने कहा कि बीएसएफ की स्थापना एक दिसंबर 1965 को 25 बटालियनों के साथ की गई थी। वर्तमान में यह विश्व का सबसे बड़ा सीमा रक्षक बल है। बल ने बांग्लादेश से लगे 8.3 किलोमीटर के इलाके को पूरी तरह से अपराध मुक्त कर दिया गया है। नक्सल और उग्रवाद प्रभावित पूर्वोत्तर राज्यों, छत्तीसगढ़ और ओडिसा में बीएसएफ की तैनाती की गई हैं। जवानों के प्रयास से करीब 40 नक्सलियों को काबू में किया गया।

Posted By: Jagran

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