राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली : 26वें विश्व पुस्तक मेले के अंतिम दिन रविवार को प्रगति मैदान में पुस्तक प्रेमियों का खासा हुजूम देखने को मिला। दिनभर मेले के हर मंडप में खासी रौनक देखने को मिली। सुबह से ही पाठकों की भीड़ जुटना शुरू हुई और दोपहर तक आलम यह हो गया कि किसी भी हॉल में प्रवेश पाना कठिन हो गया। सभी हॉलों में पुस्तक प्रेमी लंबी कतारों में प्रवेश करते देखे गए। विभिन्न साहित्यिक कार्यक्रमों में भी पुस्तक प्रेमियों का खासा उत्साह देखने को मिला।

रविवार को बाल साहित्य के मशहूर लेखक रस्किन बॉंड भी पुस्तक मेले में पहुंचे। वह हॉल नं. 10 के ऑथर्स कॉर्नर में अपनी पुस्तक 'टिल द क्लाउडस रोल बाय' के लिए आए थे, लेकिन उनसे मिलने को लेकर पाठक इतने उत्साहित दिखे कि उनका मेले से निकलना मुश्किल हो गया। जैसे-तैसे उन्हें भीड़ से निकालकर पहले हॉल नं. 7 स्थित थीम मंडप में लाया गया और फिर किसी तरह वहां से बाहर निकाला गया। दरअसल, कोई उनसे किताब पर हस्ताक्षर या उनके साथ सेल्फी लेना चाहता था तो कोई उनसे बात करने की ख्वाहिश रखता था।

रविवार को कमोबेश ज्यादातर स्टालों पर लोग पसंदीदा पुस्तक खोजने में जुटे थे। प्रकाशकों ने भी अंतिम दिन होने के कारण छूट का दायरा बढ़ा दिया था। कहीं छूट 25 से 40 फीसद तक थी तो कहीं 50 फीसद से भी ज्यादा। कई स्टॉलों पर रविवार को किताबों की सेल देखने को मिली। इस दौरान बच्चे जहां कार्टून चरित्रों के साथ फोटो खिंचवाते नजर आए, वहीं युवक-युवतियां भी कई जगह सेल्फी लेते दिखाई दिए।

नेशनल बुक ट्रस्ट के अध्यक्ष बलदेव भाई शर्मा ने बताया कि पुस्तक मेले में बड़े प्रकाशकों के पास पेटीएम और स्वाइप मशीन का विकल्प होने से भी पाठकों को पुस्तकें खरीदने में परेशानी नहीं आई। मेले में विभिन्न साहित्यिक कार्यक्रमों का दौर रविवार को भी जारी रहा।

'नीदरलैंड की डायरी' का हुआ विमोचन

हॉल नं. 12 में किताबघर प्रकाशन के स्टॉल पर डॉ. पुष्पिता अवस्थी की पुस्तक 'नीदरलैंड की डायरी' का विमोचन वरिष्ठ लेखक साहित्यकार लीलाधर मंडलोई, ओम निश्चल एवं सत्यव्रत ने किया। लेखिका पुष्पिता इस अवसर पर नीदरलैंड से विशेष तौर पर आई थीं। वक्ताओं ने इस पुस्तक को नीदरलैंड की निजता का आख्यान करार दिया।

हैंगर हॉल में हुआ 'व्यंग्य समय' का विमोचन

हैंगर हॉल में नई श्रंखला 'व्यंग्य समय' (संपादक : सुशील सिद्धार्थ) की किताबों का विमोचन हुआ। इनमें हरिशंकर परसाई, शरद जोशी, श्रीलाल शुक्ल, रवींद्रनाथ त्यागी, मनोहर श्याम जोशी, नरेंद्र कोहली इत्यादि के व्यंग्य प्रकाशित हैं। इस अवसर पर प्रेम जनमेजय द्वारा संपादित 'व्यंग्य की धार्मिक पुस्तक : हरिशंकर परसाई' का विमोचन भी हुआ। इस दौरान विवेक मिश्र, सत्यव्रत एवं सुशील सिद्धार्थ इत्यादि उपस्थित रहे।

बाल साहित्य कुंभ का आयोजन

हॉल नं. 12 में ही लेखक मंच पर वाणी प्रकाशन ने बाल साहित्य कुंभ का आयोजन किया। इस अवसर पर परिचर्चा भी आयोजित की गई, जिसमें पुस्तक 'लॉटून्स' की लेखिका कानन ध्रु एवं इंद्रप्रस्थ महिला कॉलेज व 'तुन तुन तरा तरा' पुस्तक की लेखिका बाबली मोइत्रा सराफ शामिल हुई।

सिंधी साहित्य पर परिचर्चा

राष्ट्रीय सिंधी भाषा विकास परिषद की ओर से लेखक मंच पर सिंधी साहित्य पर परिचर्चा का आयोजन किया गया। इस परिचर्चा में राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के अध्यक्ष बलदेव भाई, पूर्व केंद्रीय मंत्री सत्यनारायण जटिया, मलयालम लेखक नंद कुमार, आकाशवाणी के निदेशक सोमदत्त शर्मा, सिंधी लेखिका जया जादवाणी, सिंधी साहित्यकार मोहिनी ¨हगोरानी और परिषद के निदेशक डॉ. रवि टेकचंदानी ने हिस्सा लिया। परिचर्चा में सिंधी भाषा के उन्नयन पर बात की गई और इस दिशा में केंद्र सरकार के प्रयासों को सराहा गया।

रणविजय राव की दो पुस्तकों का हुआ विमोचन

पुस्तक मेले में रणविजय राव की दो पुस्तकों 'अ‌र्घ्यदान की बेला' और 'जिंदगी इतनी सरल भी नहीं' का विमोचन हुआ। इस अवसर पर कार्यक्रम के अध्यक्ष पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. सत्यनारायण जटिया, राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के अध्यक्ष बलदेव भाई शर्मा, पद्मश्री डॉ. श्याम सिंह शशि, प्रख्यात लेखक-साहित्यकार गिरीश पंकज और लोकसभा सचिवालय के संयुक्त सचिव वीके त्रिपाठी उपस्थित थे।

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