नई दिल्ली, ऑनलाइन डेस्क। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत अक्सर कोई ऐसा बयान दे देते हैं जो विवादों में आ जाता है। ताजा बयान उन्होंने दिल्ली-एनसीआर में फैल रहे कोरोना महामारी को लेकर दिया है। उन्होंने केंद्र सरकार को चेतावनी दी है कि उनका आंदोलन शाहीन बाग वाला आंदोलन नहीं है, जो कोरोना के डर से खत्म हो जाएगा। राकेश टिकैट का आरोप है कि सरकार किसानों को कोरोना का डर दिखाकर आंदोलन खत्म कराना चाहती है। उन्होंने साफ कहा कि कानून वापसी के बाद ही किसानों का यह आंदोलन खत्म होगा। यदि उन्हें उम्रभर के लिए भी आंदोलन करना पड़ा तो वह करेंगे।

राकेश टिकैत ने कहा है कि चाहे तो देश में लाकडाउन लग जाए, कर्फ्यू लग जाए, लेकिन आंदोलन किसी कीमत पर नहीं थमेगा। अब सवाल उठता है क्या राकेश टिकैत को आंदोलनकारियों के जान की परवाह नही है। वह क्या चाहते हैं। अगर कोई प्रदर्शनकारी कोरोना से संक्रमित हो गया तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी।

यूपी के सहारनपुर में राकेश टिकैत के दिए गए ताजा बयान पर एक बार फिर से विवाद हो सकता है। क्योंकि दिल्ली में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। लोगों का मानना है कि यह बयान लोगों को उकसाने वाला है।

ये है राकेश टिकैत के प्रमुख विवादित बयान

  • राकेश टिकैत ने कहा कि प्रदर्शनस्थल पर पक्का निर्माण करो हमें कोई नहीं रोक सकता।
  • लाल किले पर हिंसा का मुख्य आरोपित दीप सिद्धू चाहे तो हमारे साथ आ सकता है।
  • दिल्ली में 26 जनवरी को ट्रैक्टर मार्च के दौरान हिंसा के मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद राकेश टिकैत ने विवादित बयान देते हुए कहा था कि जब उपद्रवी लाल किला पर धार्मिक झंडा फहरा रहे थे तो उस समय पुलिस कहां थी। उसने गोली क्यों नहीं चलाई। उपद्रवियों को जानें क्यों दिया गया।
  • कथित तौर पर धरनास्थल पर बिजली कटने से नाराज टिकैत ने धमकी दी थी कि अगर कोई अप्रिय घटना होती है तो उसके लिए सरकार जिम्मेदार होगी। यूपी गेट पर बिजली पानी का कनेक्शन काटने पर थाने का घेराव करेंगे, रोड जाम करेंगे।

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