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CBI Raids Manish Sisodia: 7 साल से सीबीआई के छापे झेल रहे हैं दिल्ली सरकार के मंत्री और विधायक

CBI Raids Manish Sisodia सीबीआई की टीम ने शुक्रवार को दिल्ली सरकार की आबकारी नीति में घोटाले को लेकर उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के सरकारी आवास पर करीब 15 घंटे तलाशी ली। सिसोदिया ने बताया कि इस दौरान सीबीआई उनका मोबाइल और कंप्यूटर भी साथ ले गई।

By Abhishek TiwariEdited By: Sat, 20 Aug 2022 09:28 AM (IST)
CBI Raids Manish Sisodia: 7 साल से सीबीआई के छापे झेल रहे हैं दिल्ली सरकार के मंत्री और विधायक

नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। आबकारी नीति घोटाले को लेकर दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) पर सीबीआई ने शिकंजा कसा है। जांच एजेंसी ने दो कंपनियों समेत 15 आरोपितों पर केस दर्ज करने के बाद दिल्ली में सिसोदिया के सरकारी आवास को मिलाकर सात राज्यों में कुल 31 स्थानों पर छापेमारी की।

बता दें कि सीबीआई की टीम उनके आवास पर सुबह आठ बजे पहुंची थी और रात 11 बजे वहां से निकली। इस दौरान घोटाले से जुड़े दस्तावेज मिलने का दावा भी किया गया। यह ऐसा पहला मौका नहीं है जब आम आदमी पार्टी के नेताओं पर जांच एजेंसियों ने कार्रवाई की हो बल्कि इससे पहले भी कई बार एक्शन लिया गया है।

फरवरी 2018: मुख्यमंत्री के आवास पर बैठक के दौरान तत्कालीन मुख्य सचिव अंशु प्रकाश पर हुए हमले में अरविंद केजरीवाल का नाम आया था। इस मामले की जांच के दौरान वीडियो सबूतों की तलाश में दिल्ली पुलिस मुख्यमंत्री के आवास पर पहुंची थी।

इस मामले में निचली अदालत ने केजरीवाल, सिसोदिया और आप के अन्य विधायकों- राजेश ऋषि, नितिन त्यागी, प्रवीण कुमार, अजय दत्त, संजीव झा, ऋतुराज गोविंद, राजेश गुप्ता, मदन लाल और दिनेश मोहनिया को आरोप मुक्त कर दिया था। इस मामले में आप विधायक अमानतुल्लाह खान और प्रकाश के खिलाफ आरोप तय हुए थे। इन दोनों विधायकों को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली थी।

दिसंबर 2015: दिल्ली में दूसरी बार सत्ता में आने के कुछ महीने बाद सीबीआई ने केजरीवाल के तत्कालीन प्रधान सचिव राजेंद्र कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों के संबंध में उनके कार्यालय की तलाशी ली थी। इस मामले ने केजरीवाल ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर तीखा हमला बोला था।

जुलाई 2016: सीबीआई ने केजरीवाल के प्रमुख सचिव राजेंद्र कुमार से जुड़े दिल्ली और उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर तलाशी ली थी। कुमार को केंद्रीय एजेंसी ने एक कंपनी को अनुचित लाभ पहुंचाने के आरोप में गिरफ्तार किया था।

मई 2018: केजरीवाल के भतीजे विनय बंसल को भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने लोक निर्माण विभाग में घोटाले के आरोप में गिरफ्तार किया था। बंसल पर एक फर्म में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने का आरोप था, जो उत्तर-पश्चिमी दिल्ली में एक जल निकासी व्यवस्था के निर्माण में वित्तीय अनियमितताओं में शामिल थी।

जून 2017: सीबीआई मथुरा रोड स्थित सिसोदिया के आवास पर 2016 में आयोजित ‘टाक टू एके’ अभियान में अनियमितताओं पर उनका बयान लेने पहुंची थी। इस कार्यक्रम में केजरीवाल ने बिजली और पानी के कई मुद्दों पर लोगों के सवालों के जवाब दिए थे

मई 2018: सीबीआई ने लोक निर्माण विभाग के लिए वास्तुकारों को काम पर रखने में अनियमितता के लिए जैन के आवास की तलाशी ली थी। इस साल जून में उपराज्यपाल ने सात अस्पतालों के निर्माण में घोटाले को लेकर भाजपा सांसद मनोज तिवारी की शिकायत को जांच के लिए भ्रष्टाचार निरोधक शाखा को भेजा था। सिसोदिया ने उक्त आरोपों को ’निराधार’ करार दिया था।

अब इन पर एफआइआर

1. मनीष सिसोदिया, उप मुख्यमंत्री, दिल्ली सरकार

2. आरव गोपी कृष्ण, तत्कालीन आयुक्त, आबकारी विभाग

3. आनंद तिवारी, तत्कालीन उपायुक्त, आबकारी विभाग

4. पंकज भटनागर, सहायक आयुक्त, आबकारी विभाग

5. विजय नायर, पूर्व सीईओ, मै.ओनली मच लाउडर, मुंबई

6. मनोज राय, मेसर्स पर्नाड रिकार्ड, लखनऊ पूर्व कर्मचारी

7. अमनदीप ढल, निदेशक, मेसर्स ब्रिंडको सेल्स. दिल्ली

8. समीर महेंद्रू, प्रबंध निदेशक, इंडोस्पिरिट ग्रुप, दिल्ली

9. अमित अरोड़ा, निदेशक, मेसर्स बडी रिटेल, दिल्ली

10. मेसर्स बडी रिटेल प्राइवेट लिमिटेड, दिल्ली

11. दिनेश अरोड़ा, दिल्ली

12. मेसर्स महादेव लिकर्स,दिल्ली

13. सनी मारवाह, अधिकृत प्रतिनिधि, मेसर्स महादेव लिकर्स, दिल्ली

14. अरुण रामचंद्र पिल्लई, बेंगलुरु

15. अजरुन पांडेय, गुरुग्राम

16. अन्य अज्ञात