अमरावती में एअर इंडिया की फ्लाइंग अकादमी को DGCA की मंजूरी, 34 विमानों से शुरू होगी पायलट ट्रेनिंग
एअर इंडिया की फ्लाइंग ट्रेनिंग अकादमी को अमरावती के बेलोरा एयरपोर्ट पर डीजीसीए से संचालन की मंजूरी मिल गई है। ...और पढ़ें

HighLights
एअर इंडिया की अमरावती अकादमी को डीजीसीए से मंजूरी मिली।
यह किसी भारतीय एयरलाइन की पहली फ्लाइंग अकादमी है।
सालाना 180 पायलट तैयार कर निर्भरता घटाने का लक्ष्य।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। देश में पायलट प्रशिक्षण की घरेलू क्षमता बढ़ाने की दिशा में एक नई पहल हुई है।
महाराष्ट्र के अमरावती स्थित बेलोरा एयरपोर्ट पर एअर इंडिया की फ्लाइंग ट्रेनिंग अकादमी को नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) से संचालन की मंजूरी मिल गई है। यह देश में किसी भारतीय एयरलाइन की ओर से संचालित पहली फ्लाइंग ट्रेनिंग अकादमी होगी।
करीब 10 एकड़ में विकसित इस परिसर में कुल 34 प्रशिक्षण विमान तैनात किए गए हैं। इनमें 31 सिंगल इंजन और तीन ट्विन इंजन विमान शामिल हैं।
अकादमी में डिजिटल क्लासरूम, हॉस्टल, ऑपरेशन सेंटर, विमान रखरखाव के लिए हैंगर और आधुनिक सिमुलेशन सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।
यहां कमर्शियल पायलट लाइसेंस का प्रशिक्षण दिया जाएगा। एअर इंडिया का लक्ष्य इस संस्थान से सालाना 180 पायलट तैयार करना है।
विदेशों पर निर्भरता घटाने की कोशिश
भारत में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़न अकादमी सहित कई सरकारी और निजी फ्लाइंग ट्रेनिंग संस्थान पहले से संचालित हैं।
हालांकि, प्रशिक्षण विमानों की सीमित उपलब्धता, सीटों की कमी और लंबी प्रशिक्षण अवधि के कारण कई युवाओं को विदेशों का रुख करना पड़ता है।
अमरावती में नई अकादमी शुरू होने से देश में प्रशिक्षण क्षमता बढ़ने और विदेशों पर निर्भरता कम होने की उम्मीद है।
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