डॉक्टर संजय की डिग्री पर भी संदेह
नई दिल्ली, जागरण संवाददाता : अपने घर में नाबालिग नौकरानी को बंद कर थाइलैंड घूमने जाने के आरोप में हिरासत में लिए गए डॉक्टर संजय वर्मा की एमडी की डिग्री भी संदेह के घेरे में है। उनकी डिग्री पर सवाल उठाते हुए दिल्ली मेडिकल काउंसिल (डीएमसी) ने चार साल पहले नोटिस जारी किया था। काउंसिल ने एक शिकायत पर संजय वर्मा के खिलाफ कार्रवाई की थी।
डीएमसी के रजिस्ट्रार डॉक्टर गिरीश त्यागी ने बताया कि हमें शिकायत मिली थी कि संजय वर्मा की डिग्री सही नहीं है। वह अखबारों में विशेषज्ञता के साथ अपना विज्ञापन प्रकाशित करवाते थे। जांच में पता चला कि संजय वर्मा अपने नाम के आगे मधुमेह रोग विशेषज्ञ लिखते हैं। भारत में अपने नाम के साथ किसी विभाग में विशेषज्ञ का इस्तेमाल वे डॉक्टर ही कर सकते हैं, जिन्हें देश के किसी मेडिकल कॉलेज से खास विभाग में एमडी की डिग्री हासिल हो। जबकि संजय वर्मा ने रूस से एमडी की डिग्री ली है। रूस में एमबीबीएस की डिग्री की जगह एमडी का प्रयोग होता है। रूस से एमबीबीएस की डिग्री हासिल करने वाले डॉक्टर को भारत में प्रैक्टिस करने के लिए एमसीआइ की एक परीक्षा पास करनी पड़ती है। तब उन्हें एमबीबीएस की डिग्री मिलती है। इसके बाद वे अपने नाम के आगे डॉक्टर की उपाधि तो जोड़ सकता है, लेकिन किसी विभाग की विशेषज्ञता का इस्तेमाल नहीं कर सकता।
बता दें कि द्वारका सेक्टर छह के हनीमैन अपार्टमेंट में रहने वाले डॉक्टर संजय वर्मा और सुनीता वर्मा अपने घर में नाबालिग नौकरानी को बंद कर विदेश चले गए थे। चार दिन से भूखी किशोरी को फायर बिग्रेड की मदद से बंद फ्लैट से बाहर निकाला गया था।
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