आधुनिक जेपीएन लाइब्रेरी का निर्माण अब अंतिम चरण में, यहां होंगी 30 हजार किताबें और 200 लोग बैठक सकेंगे एक साथ
नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) की आधुनिक लाइब्रेरी सितंबर तक चालू हो जाएगी, जिसका 85% काम पूरा हो चुका है। मंदिर मार्ग के नवयुग स्कूल में बन रही यह लाइब्रेरी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए विशेष रूप से फायदेमंद होगी। 14.57 करोड़ रुपये की लागत से बन रही इस लाइब्रेरी में 30,000 पुस्तकें होंगी और 200 लोग बैठ सकेंगे। यह एनडीएमसी के मौजूदा आठ पुस्तकालयों के नेटवर्क को और मजबूत करेगी, खासकर हाल की घटनाओं के बाद सार्वजनिक पुस्तकालयों की बढ़ती आवश्यकता को देखते हुए।

मंदिर मार्ग स्थित निर्माणधीन जेपीएन लाइब्रेरी। सौजन्यः एनडीएमसी
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली: नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) की आधुनिक लाइब्रेरी सितंबर तक चालू हो जाएगी। इसका 85 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। शेष कार्य तेजी से हो इसको लेकर एनडीएमसी उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं।
उन्होंने कहा एनडीएमसी अपनी परियोजनाओं की लगातार समीक्षा कर रहा है जो परियोजनाएं समय से पूरी नहीं हो रही है उन्हें पूरा करने के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।
साथ ही कहा गया है कि अब कोई देरी नहीं होनी चाहिए। चहल ने बताया कि मंदिर मार्ग के नवयुग स्कूल के दूसरे हिस्से में बन रही है। जो कि वाल्मीकि सदन, मंदिर मार्ग, गोल मार्केट और आसपास के क्षेत्र के लोगों के लिए फायदेमंद होगा।
खास तौर पर उन युवाओं के लिए जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। वह इस पुस्तकालय में आकर पाठ्य सामग्री के जरिये अपनी परीक्षाओं की तैयारियों को और मजबूत कर सकेंगे।
लाइब्रेरी के निर्माण में 14.57 करोड़ रुपये का खर्च आएगा
चहल ने बताया कि इस पुस्तकालय के निर्माण का प्रस्ताव भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा लाया गया था। इसके लिए सीपीडब्ल्यूडी ने 2.17 करोड़ की राशि स्वीकृत की है और बाकी की राशि एनडीएमसी द्वारा वहन की जा रही है।
बाद में चूंकि परियोजना की राशि बढ़ गई तो इसके लिए 14.57 करोड़ रुपये का फंड पुन: संशोधित करके काउंसिल से मंजूर किया गया। इसमें सिविल कार्य के साथ इलेक्ट्रिकल, फर्नीचर और अग्निशमन से बचाव के उपकरण लगाना शामिल हैं।
उन्होने बताया, करीब 85 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। अगस्त तक फर्नीचर, आईटी सिस्टम और पुस्तकें आ जाएंगी। हम इस पुस्तकालय का उद्घाटन सितंबर 2025 तक करने का लक्ष्य रख रहे हैं।
एनडीएमसी के पास पहले से ही आठ पुस्तकालय संचालित हैं। जेपीएन लाइब्रेरी इस नेटवर्क को और मजबूत करेगी और ज्ञान के प्रचार-प्रसार का केंद्र बनेगी।
30 हजार पुस्तकें और बैठ सकेंगे 200 लोग
इसमें प्रत्येक फ्लोर पर 750 वर्गमीटर में पुस्तकालय विकसित किया जा रहा है। इसमें 30 हजार पुस्तकों के साथ 200 लोगों लिए हाल होगा। साथ ही 30 पाठक एक समय में बैठ सकें इसकी सुविधा होगी।
वर्ष 2020 में इस योजना का विचार आया था, लेकिन पिछले वर्ष ओल्ड राजेंद्र नगर में यूपीएससी अभ्यर्थियों की प्राइवेट कोचिंग में डूबने से हुई मृत्यु के बाद इस प्रकार की लाइब्रेरी की जरुरत बढ़ गई है। क्योंकि लोग सरकारी व्यवस्था न होने की वजह से प्राइवेट लाइब्रेरी का इस्तेमाल करते हैं।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।