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नए वित्त वर्ष में दिल्ली की सड़कों पर दौड़ेगी 2080 मोहल्ला बसें, लास्ट माइल कनेक्टिविटी पर सरकार का फोकस

दिल्ली के 2023-24 के बजट में लास्ट माइल कनेक्टिविटी योजना के तहत इस बस सेवा को शुरू किया जाएगा। इन छोटी बसों को संकरी गलियों में भी चलाया जा सकेगा। लोेगों को उनकी कालोनी के बाहर सार्वजनिक परिवहन सेवा मिल सकेगी।

By V K ShuklaEdited By: Abhi MalviyaPublished: Sat, 18 Mar 2023 12:27 AM (IST)Updated: Sat, 18 Mar 2023 12:27 AM (IST)
मोहल्ला क्लीनिक ही नहीं अब दिल्ली में मोहल्ला बस भी हाेगी।

नई दिल्ली, राज्य ब्यूरो। मोहल्ला क्लीनिक ही नहीं अब दिल्ली में मोहल्ला बस भी हाेगी। दिल्ली के 2023-24 के बजट में लास्ट माइल कनेक्टिविटी योजना के तहत इस बस सेवा को शुरू किया जाएगा। इन छोटी बसों को संकरी गलियों में भी चलाया जा सकेगा। लोेगों को उनकी कालोनी के बाहर सार्वजनिक परिवहन सेवा मिल सकेगी। ये सभी ई बसें होंगी जिससे प्रदूषण की समस्या से भी बचा जा सकेगा।

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इस घोषणा के साथ ही बजट में इस बार परिवहन क्षेत्र पर अधिक जाेर रहेगा। शहर की परिवहन प्रणाली को मजबूत और आधुनिक बनाने के लिए इस बार एक रोडमैप की घोषणा की जा सकती है, बजट मंगलवार को विधानसभा में पेश किया जाएगा।

एक एतिहासिक योजना

सरकार से जुड़े सूत्र ने बताया कि कि दिल्ली के इतिहास में पहली बार होगा कि मोहल्ला बस योजना नामक एक समर्पित लास्ट माइल कनेक्टिविटी योजना अगले साल शुरू की जाएगी। इस योजना का मकसद शहर के आखिरी छोर पर खड़े व्यक्ति को परिवहन सेवा उपलब्ध कराना है। इस सेवा के तहत अगले वित्त वर्ष में 2080 छाेटी इलेक्ट्रिक बसें सड़कों पर उतारी जाएंगी।वहीं 1,500 से अधिक ई-बसें भी इस साल सड़कों पर उतरेंगी।जिससे दिल्ली का ई-बस बेड़ा देश में सबसे बड़ा हो जाएगा।

सूत्र के अनुसार नए बजट में हवाई अड्डे जैसी सुविधाओं वाले बहु-स्तरीय बस डिपो और बस टर्मिनलों बनाने की घोषणा की जा सकती है। आइएसबीटी (अंतर-राज्य बस टर्मिनल) के विकास के साथ साथ वैश्विक मानकों को पूरा करने के लिए दिल्ली के सार्वजनिक परिवहन बुनियादी ढांचे का आधुनिकीकरण किया जाएगा। कर राजस्व में वृद्धि के साथ 2023-24 के लिए सरकार का बजट परिव्यय 80,000 करोड़ रुपये के करीब हो सकता है और पूंजीगत व्यय का सबसे बड़ा परिव्यय बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए होगा।

2022-23 के लिए दिल्ली सरकार का वार्षिक बजट आकार 75,800 करोड़ रुपये था और उससे एक साल पहले यह 69,000 करोड़ रुपये था।बजट 21 मार्च को वित्त मंत्री कैलाश गहलोत द्वारा पेश किया जाएगा और इससे पहले साेमवार को सरकार का आउटकम बजट पेश किया जाएगा।उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के इस्तीफे के बाद गहलोत को वित्त विभाग का प्रभार दिया गया था।अधिकारियों ने कहा कि बुनियादी ढांचे, बजट में स्वास्थ्य और शिक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण परिव्यय हो सकता है।


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