बाड़मेर से तेल उत्पादन संबंधी अनुबंध की अवधि 2030 तक की जाए
जासं, नई दिल्ली : हाई कोर्ट ने बृहस्पतिवार को केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह वेदांता लिमि
जासं, नई दिल्ली : हाई कोर्ट ने बृहस्पतिवार को केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह वेदांता लिमिटेड तथा ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (ओएनजीसी) के बीच राजस्थान के बाड़मेर स्थित तेल ब्लॉक से तेल उत्पादन करने संबंधी समझौते की अवधि 10 वर्ष के लिए बढ़ाकर 2030 तक करे। न्यायमूर्ति राजीव शकधर ने कहा कि पूर्व में केयर्न इंडिया के नाम से जाना जाने वाला वेदांता लिमिटेड 2020 में समाप्त होने आ रहे अपने अनुबंध के विस्तार का हकदार है। कोर्ट ने कहा कि यह समझौता और इसकी शर्ते तब ही तय हो गई थीं, जब पहली बार दोनों ने वर्ष 1995 में समझौते में प्रवेश किया था। कोर्ट ने यह आदेश वेदांता लिमिटेड की याचिका पर दिया।
याचिका में कंपनी ने ओएनजीसी से उत्पादन अनुबंध के विस्तार की मांग की थी। दोनों के बीच राजस्थान में बाड़मेर ब्लॉक से तेल निकालने के लिए अनुबंध हुआ था। कोर्ट ने कहा कि दो सप्ताह के अंदर इस अनुबंध को लेकर बैठक की जाए। मामले में केंद्र सरकार ने अदालत को आश्वासन दिया था कि वह अक्टूबर 2016 तक कोई सकारात्मक निर्णय लेगा। हालाकि, बाद में उसने अधिक समय मागा था।
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