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- दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने की 'जन सदन' सभाओं की शुरूआत

- दिल्ली कांग्रेस की ओर से 'नोट पर चर्चा' नाम से अखबार बांटे गए

जागरण संवाददाता, पूर्वी दिल्ली: दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय माकन ने कहा कि नोटबंदी के गलत फैसले के कारण दिल्ली का विकास रूक गया है। पूरी दिल्ली बैंकों व एटीएम की लाइन में खड़ी होकर परेशानी झेल रही है। दिल्ली कांग्रेस परेशानी झेल रहे लोगों की आवाज बनकर उनके साथ खड़ी है, जिसके लिए कांग्रेस ने दिल्ली के सभी 280 ब्लाकों में बैंक शाखाओं व एटीएम के पास मंगलवार व बुधवार को जन सदन का आयोजन किया है। जन सदन की शुरूआत माकन ने बाबरपुर ब्लॉक से की।

इस मौके पर लोगों के दिल्ली कांग्रेस की ओर से 'नोट पर चर्चा' नाम से अखबार बांटे गए। माकन ने बताया कि इसे सभी 280 ब्लाकों में होने वाले 'जन सदन' सभाओं में बांटा जा रहा है। जिससे कि मोदी के नोटबंदी के गलत फैसले, उसके प्रभाव तथा घोटाले को जनता तक पहुंचाया जा सके। उन्होंने कहा कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने नोटबंदी को लेकर लोगों को हो रही परेशानियों के खिलाफ संसद में आवाज उठाई है, यह कोई छोटी लड़ाई नही है।

छोटे उद्योग ठप, मजदूर बेरोजगार

नोटबंदी की वजह से आज छोटे उद्योग ठप हो गए है, क्योंकि मांग में कमी के कारण बिक्री नही हो रही जिससे फैक्टरियों में उत्पादन बहुत कम हो पा रहा है। इस कारण मजदूर बेरोजगार हो गए हैं और रोजाना 10 से 15 हजार मजदूर बेरोजगार होने के कारण दिल्ली से पलायन कर रहे है। इससे न केवल दिल्ली की बल्कि पूरे देश की अर्थव्यवस्था ठप हो गई है।

करोड़ों रुपये के नए नोट पकड़े जा रहे:

नोटबंदी के फैसले से एक तरफ तो 100 से ज्यादा लोगों को बैंक व एटीएम की लाइन में जान गंवानी पड़ी वहीं दूसरी ओर प्रधानमंत्री की नाक के नीचे दिल्ली में करोड़ों रुपये के नए नोट पकड़े जा रहे हैं। रिजर्व बैंक व नोट छापने वाली कंपनियां सरकार की हैं फिर यह सवाल उठता है कि नई करेंसी इतनी तादात में एक ही जगह पर कहां से आए?

माकन ने पूछा, कहां गया कालाधन:

माकन ने कहा कि सरकार ने यह दावा किया था कि एक हजार व पांच सौ के 14.5 लाख करोड़ नोट प्रचलन में हैं, दो दिन पहले तक 12 लाख करोड़ बैंकों में जमा हो गए थे। इससे लगता है कि 30 दिसंबर तक सभी नोट जमा हो जाएंगे। ऐसे में मोदी सरकार के कालेधन को खत्म करने का दावा खोखला साबित हो जाएगा। प्रधानमंत्री का यह दावा भी फेल हो गया कि इससे आतंकवाद खत्म हो जाएगा क्योंकि नोटबंदी के कुछ दिन बाद ही मारे गए आतंकियों की जेब से दो-दो हजार रुपये की नई करेंसी मिली थी। उन्होंने कहा कि दो हजार की नई करेंसी से आतंकवाद, कालाधन व कालाबाजार करने वालों को फायदा हुआ है। माकन ने कहा कि देश को कैशलेस बनाने का दावा भी खोखला है क्योंकि आधी आबादी ग्रामीणों के पास न तो डेबिट/क्रेडिट कार्ड हैं और न ही उनके घर के पास बैंक व एटीएम ही हैं। क्रेडिट या डेबिट कार्ड से भुगतान करने पर लोगों को अतिरिक्त शुल्क देना पड़ता है। कोई क्यों अतिरिक्त शुल्क देगा। बड़ी अजीब बात है कि जनता का पैसा, जनता की मेहनत और उन्हीं को कार्ड से खरीदारी पर अतिरक्त टैक्स देना होगा। कंपनियां शुरू में तो रियायत देती हैं लेकिन बाद में टैक्स लगा देती हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि पेटीएम का मतलब है पे-टू-मोदी। इस मौके पर दिल्ली के प्रदेश प्रभारी पीसी चाको और जिलाध्यक्ष भीष्म शर्मा ने भी संबोधित किया।

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