बिजली का नया कनेक्शन चाहिए तो देनी होगी टेस्ट रिपोर्ट
जागरण संवाददाता, बाहरी दिल्ली : यदि मकान या दुकान के लिए बिजली का नया कनेक्शन चाहिए तो आवेदन की औपचा
जागरण संवाददाता, बाहरी दिल्ली : यदि मकान या दुकान के लिए बिजली का नया कनेक्शन चाहिए तो आवेदन की औपचारिकताएं पूरी करने के साथ ही अधिकृत इलेक्ट्रीशियन की परीक्षा से भी गुजरना होगा। वह बिजली आपूर्ति के लिए लगाए गए वायर एवं उपकरणों को चेक करेगा। उसके आधार पर वह टेस्ट रिपोर्ट देगा। रिपोर्ट में पास हुए तो कनेक्शन मिलेगा अन्यथा उसके द्वारा बताई गई खामियों को दूर कर दोबारा उसी टेस्ट प्रक्रिया से गुजरना होगा। जब तक खामी दूर नहीं होगी नया कनेक्शन नहीं मिलेगा। नए कनेक्शन के लिए इलेक्ट्रीशियन की टेस्ट रिपोर्ट की अनिवार्यता को करीब पंद्रह साल बाद फिर से दिल्ली में लागू कर दिया गया है। एक अगस्त से लागू किए गए डीईआरसी के इस फरमान का उपभोक्ता यह कहकर विरोध कर रहे हैं कि इससे सुधार के बजाय उन पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा और बिजली कनेक्शन मिलने में देरी होगी।
दिल्ली विद्युत प्रदाय सेवा संस्थान (डेसू) के समय में भी नया कनेक्शन लेने के लिए उपभोक्ता के लिए जरूरी था कि वह आवेदन के साथ टेस्ट रिपोर्ट भी दे। उस दौरान इसका यह कहकर विरोध भी होता था कि इसकी वजह से उपभोक्ता पर बिना वजह अतिरिक्त बोझ पड़ता है। विरोध करने वाले तर्क देते थे कि बिजली का नया कनेक्शन मिलने में देरी होने के साथ डेसू में दलालों की चांदी होती है। अधिकांशत: देखा गया था कि पैसा दो और टेस्ट रिपोर्ट लो, का खूब खेल चलता था। इलेक्ट्रीशियन घर जाकर जांच करने के बजाय डेसू कार्यालयों के बाहर ही बैठकर टेस्ट रिपोर्ट सौंप देते थे। जब तक बिजली व्यवस्था डेसू के माध्यम से सरकार के हाथ में रही तो तब तक विरोध को दरकिनार करते हुए टेस्ट रिपोर्ट देने का सिलसिला चलता रहा। एक जुलाई 2002 को बिजली के निजीकरण के बाद टेस्ट रिपोर्ट की अनिवार्यता को खत्म कर दिया गया। अब दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग द्वारा जारी किए गए दिशानिर्देश के अनुसार एक अगस्त से फिर इस पुरानी व्यवस्था को लागू कर दिया गया है। इसके पीछे तर्क दिया गया कि इससे बिजली के कारण होने वाली आगजनी के मामलों को रोका जा सकेगा। इसके लिए प्रत्येक जिला कार्यालय पर बिजली का कार्य करने वालों को लाइसेंस दिए गए हैं।
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इलेक्ट्रीशियन को देना होगा शुल्क
उपभोक्ता नए कनेक्शन के लिए ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन करेगा तो वायर फि¨टग की जांच के लिए लाइसेंसशुदा इलेक्ट्रीशियन कम से कम 300 रुपये बतौर शुल्क भी लेगा। उन्हीं से प्राप्त टेस्ट रिपोर्ट को बिजली कंपनियां मान्यता देंगी।
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बिजली का निजीकरण लोगों को सहूलियत देने का हवाला देकर किया गया था। टेस्ट रिपोर्ट की पुरानी व्यवस्था उपभोक्ताओं को फिर परेशान करेगी। उपभोक्ता पर बिना वजह का बोझ डाला जा रहा है। लोग खुद ही अपने घर में बिजली की सुरक्षित फि¨टग करवाते हैं, लेकिन अब इलेक्ट्रीशियन के नाम पर खड़े होने वाले ठेकेदार मनमानी करेंगे। उपभोक्ता पर दबाव बनाकर अतिरिक्त पैसा वसूलेंगे।
-बिजेंद्र ¨सह डबास, अध्यक्ष चौगामा विकास समिति, मुबारिकपुर डबास।
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