छतरपुर मंदिर - श्री आद्य कात्यायनी शक्ति पीठ
प्रसिद्ध श्री आद्य कात्यायनी शक्ति पीठ मंदिर, छतरपुर अपनी भव्यता और वास्तुकला के साथ ही नवरात्र के द
प्रसिद्ध श्री आद्य कात्यायनी शक्ति पीठ मंदिर, छतरपुर अपनी भव्यता और वास्तुकला के साथ ही नवरात्र के दौरान आयोजित होने वाले समारोह से लिए प्रसिद्ध है। मंदिर परिसर लगभग 70 एकड़ क्षेत्रफल में फैला है।
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ऐसे पहुंचें
मंदिर छतरपुर मेट्रो स्टेशन से लगभग 300 मीटर की दूरी पर स्थित है। मेट्रो स्टेशन के पास ही उतर कर मंदिर पहुंचा जा सकता है। मंदिर के सामने से ऑटो की व्यवस्था है। निजी वाहनों के लिए मंदिर ट्रस्ट की ओर से नि:शुल्क पार्किग की सुविधा है।
मंदिर का इतिहास
मंदिर की स्थापना मां काली के भक्त संत बाबा नागपाल ने 1974 में किया था। उस समय यह स्थान शहर से बाहर छोटा सा छतरपुर गांव हुआ करता था। यहां उन्होंने श्री आद्य कात्यायनी शक्ति पीठ की स्थापना की। कुछ ही समय में यहां भव्य मंदिर बन गया। अष्टधातु के सिंहासन पर माता की मूर्ति स्थापित है। मुख्य मंदिर के अलावा श्री मार्कडेय भवन, मातंगी भवन, लक्ष्मी विनायक मंदिर एवं शिव गौरी नागेश्वर मंदिर हैं। यहीं लक्ष्मी विनायक मंदिर व एक विशाल लंगर भवन है, जहां एक साथ हजारों श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण कर सकते हैं।
तैयारी
नवरात्र में मंदिर को विशेष रूप से सजाया गया है। फूलों के साथ ही आकर्षक लाइट का इस्तेमाल किया गया है। शाम होते ही आकर्षक वास्तुकला पर पड़ने वाली रंगीन रोशनी से मंदिर बहुत आकर्षक लगता है। यहां देश भर से बुलाए गए 61 पंडित यज्ञ व अनुष्ठान कर रहे हैं। नवरात्र में रोज लंगर की व्यवस्था है। हर दिन औसतन एक लाख श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं। लंगर के दौरान नवरात्र में व्रत करने वाले के लिए अलग व्यवस्था है।
कोट :
इस साल भी भव्य पूजा अर्चना की व्यवस्था है। पहले दिन से ही देश भर से आए 61 ब्राह्मण यज्ञ का आयोजन कर रहे हैं। इसमें दुर्गा सप्तशती का पाठ हो रहा है। श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के मां का दर्शन कर सकें, इसकी व्यवस्था की गई है।
- पंडित लाल शंकर झा, मुख्य पुजारी
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