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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 04, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

डीयू लॉ सेंटर के साथ न करे सौतेला व्यवहार : हाई कोर्ट

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Published: Wed, 04 Mar 2015 10:10 PM (IST)

जासं, नई दिल्ली : दिल्ली हाई कोर्ट ने डीयू से कहा कि वह अपने तीनों लॉ कॉलेजों से सौतेला व्यवहार न कर

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जासं, नई दिल्ली : दिल्ली हाई कोर्ट ने डीयू से कहा कि वह अपने तीनों लॉ कॉलेजों से सौतेला व्यवहार न करें। मुख्य न्यायाधीश जी रोहिणी व न्यायमूर्ति आरएस एंडलॉ की खंडपीठ ने कहा कि दिल्ली लॉ स्कूल समेत तीनों लॉ सेंटर डीयू का हिस्सा है। गौरतलब है कि विगत वर्ष बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने लॉ सेंटर का निरीक्षण किया था और उसे बंद करने के लिए कहा था। मामले में अगली सुनवाई अब 12 मार्च को होगी। पेश मामले में तरुण नारंग ने जनहित याचिका दायर की थी। याचिका में लॉ स्कूल से पढ़ने वाले नए वकीलों को पंजीकृत न करने के फैसले को रद करने की मांग की गई है।

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हाई कोर्ट ने मांगा जवाब

जासं, नई दिल्ली : हाई कोर्ट ने दिल्ली बार काउंसिल से वेलफेयर फंड से अधिवक्ताओं को दी जा रही रकम पर जवाब मांगा है। कोर्ट जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी। मुख्य न्यायाधीश जी रोहिणी व न्यायमूर्ति आरएस एंडलॉ की खंडपीठ ने निर्देश दिए कि काउंसिल अगली सुनवाई 6 अप्रैल तक मामले में अपना जवाब दाखिल करें। पेश मामले में कुछ वकीलों ने जनहित याचिका दायर की है। याचिका में कहा गया है कि बार काउंसिल ऑफ दिल्ली व बार काउंसिल ऑफ इंडिया नियमों का उल्लंघन कर वेलफेयर फंड से राशि वकीलों को दे रही है।