राष्ट्र निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है युवा संपादक
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली : युवा संपादक प्रतियोगिता राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली :
युवा संपादक प्रतियोगिता राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। हम सभी को इसके साथ जुड़कर राष्ट्र के निर्माण में योगदान देने का प्रण लेना चाहिए। यह विचार जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के प्रोफेसर विवेक कुमार ने व्यक्त किए। प्रो. विवेक कुमार शुक्रवार को कंस्टीट्यूशन क्लब में दैनिक जागरण द्वारा आयोजित युवा संपादक प्रतियोगिता के पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। कार्यक्रम में ब्लू डायमंड पब्लिक स्कूल, गाजियाबाद की छात्रा प्राची बसोया को पहला, जागरण पब्लिक स्कूल, नोएडा के छात्र शुभांकित शर्मा को दूसरा और नेहरू वर्ल्ड स्कूल, गाजियाबाद की छात्रा कीरत कौर रीहल को तीसरा पुरस्कार प्रदान किया गया।
जेएनयू के सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ सोशल सिस्टम, स्कूल ऑफ सोशल साइंस के प्रोफेसर विवेक कुमार ने कहा कि साक्षर होने के साथ ही शिक्षित होना भी जरूरी है। शिक्षित होने से ही व्यक्ति में सामाजिकता आती है। उंन्होंने अखबार के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि 16वीं शताब्दी में विचारक बेनेडिक्ट एंडरसन ने समाचार पत्र को राष्ट्र निर्माण का प्रमुख जरिया बताया इसलिए अखबार को मात्र कागज का टुकड़ा नहीं समझना चाहिए। उन्होंने समाचार चैनलों की तुलना में अखबारों को ज्यादा गंभीर बताया।
प्रो. कुमार ने कहा कि भाषा के सही ज्ञान के बिना न तो कोई अच्छा वक्ता बन सकता है और न ही अच्छा शिक्षक और संपादक, इसलिए प्रत्येक विद्यार्थी को कम से कम एक भाषा का अच्छा ज्ञान हासिल करना जरूरी है। यदि एक भाषा का अच्छा ज्ञान है तो दूसरी भाषा आसानी से सीखी जा सकती है। उन्होंने युवा संपादक प्रतियोगिता के महत्व को एक कहानी के माध्यम से बताया। उन्होंने कहा कि जंगल में आग लगने पर एक चिड़िया अपनी चोंच में पानी भरकर इसे बुझाने की कोशिश करती है, क्योंकि वह चाहती है कि इतिहास में उसका नाम आग बुझाने वालों में दर्ज हो न कि आग लगाने वालों में। इसी प्रकार युवा संपादक प्रतियोगिता से जुड़कर विद्यार्थियों को राष्ट्र निर्माण से जुड़ना चाहिए और अपना छोटा लेकिन महत्वपूर्ण योगदान देना चाहिए। हम सभी को गर्व करना चाहिए कि हम विश्व के सबसे बड़े प्रजातंत्र के सबसे बड़े अखबार से जुड़े हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग के प्रमुख डॉ. सीपी सिंह ने कहा कि बच्चे सवालों के समंदर होते हैं और उनके निर्माण में उनके स्कूल, शिक्षक व परिवार का महत्वपूर्ण योगदान होता है। उन्होंने युवा संपादक प्रतियोगिता में बच्चों द्वारा चयनित समाचारों की सराहना की और इजरायल में प्रकाशित होने वाले अखबारों का उदाहरण देते हुए कहा कि सकारात्मक खबरों को प्रमुखता मिलनी चाहिए। युवा संपादकों ने भी सकारात्मक खबरों को महत्व दिया है। उन्होंने कहा कि बच्चे हिम्मत से भरे हुए हैं। उनकी यह हिम्मत हाथ से हाथ मिलाकर चलने के लिए है न कि किसी को नुकसान पहुंचाने के लिए। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों ने प्रतियोगिता में विजेता रहे बच्चों को पुरस्कृत किया।
-----------
विजेता बच्चों का कोट :-
युवा संपादक प्रतियोगिता में ज्यादा से ज्यादा विद्यार्थियों को शामिल किया जाना चाहिए। अखबार प्रबंधन से मेरी अपील है कि भविष्य में भी इस तरह की प्रतियोगिता आयोजित हो।
-प्राची बसोया
युवा संपादक प्रतियोगिता में शामिल होने से देश-दुनिया की घटनाओं की जानकारी मिलने के साथ ही विश्लेषणात्मक क्षमता बढ़ती है। इसलिए प्रत्येक विद्यार्थी को इसमें भाग लेना चाहिए।
-शुभांकित शर्मा
दैनिक जागरण की युवा संपादक प्रतियोगिता से मुझमें अधिक से अधिक सूचनाएं हासिल करने की इच्छा बढ़ी है। इससे मेरी जानकारी बढ़ रही है।
-कीरत कौर रीहल
-----------------
प्रथम पुरस्कार- प्राची बसोया-ब्लू डायमंड पब्लिक स्कूल, गाजियाबाद।
द्वितीय पुरस्कार- शुभांकित शर्मा, जागरण पब्लिक स्कूल, नोएडा।
तृतीय पुरस्कार-कीरत कौर रीहल, नेहरू वर्ल्ड स्कूल, ई ब्लॉक, शास्त्री नगर, गाजियाबाद।
सांत्वना पुरस्कार:-
1. युक्ति यादव- ब्लू बेल्स पब्लिक स्कूल, गुड़गांव।
2. श्रुति ठाकुर-विद्या मंदिर पब्लिक स्कूल, फरीदाबाद।
3. इशिता भारद्वाज- शारदा इंटरनेशनल स्कूल, लक्ष्मी गार्डन, गुड़गांव।
4. शौर्य श्रीवास्तव-केडीबी इंटरनेशनल स्कूल, गाजियाबाद।
5. करीना यादव-रोटरी पब्लिक स्कूल, गुड़गांव।
6. सिद्धांत डोगरा- एमआरवी स्कूल, मुखराम पार्क, दिल्ली।
7. अनाम खान- रावल इंटरनेशनल स्कूल, फरीदाबाद।
8. डिंपी सिंह-लायंस पब्लिक स्कूल, गुड़गांव।
9. तुषार जायसवाल-केंद्रीय विद्यालय नंबर 1, एएफएस, सेक्टर 14, गुड़गांव।
10. यशस्वी छिब्बर, ब्लू बेल्स पब्लिक स्कूल, गुड़गांव।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।