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नई दिल्ली, जेएनएन। ICC cricket world cup 2019 India vs West Indies: मैनचेस्टर में खेले गए वर्ल्ड कप के 34वें मुकाबले में टीम इंडिया ने कैरेबियाई टीम को 125 रन से रहा दिया और अपना विजयी अंदाज जारी रखा। इस मैच में जीत का पूरा श्रेय भारतीय गेंदबाजों को जाता है जिन्होंने कैरेबियाई बल्लेबाजों को पूरी तरह से क्रीज पर टिकने नहीं दिया। इस जीत के साथ ही टीम इंडिया ने सेमीफाइनल में प्रवेश करने की तरफ अपनी दावेदारी और मजबूत कर दी है। ये भारतीय टीम की इस विश्व कप में पांचवीं जीत है और छह मैचों में टीम इंडिया 11 अंक के साथ दूसरे स्थान पर पहुंच गई है। विराट कोहली को मैन ऑफ द मैच का खिताब मिला। 

इस मैच में मिली हार के बाद वेस्टइंडीज की टीम इस विश्व कप की होड़ से बाहर हो गई है। इस मुकाबले में टीम इंडिया के कप्तान विराट ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। भारतीय टीम ने विराट व धौनी की अर्धशतकीय पारी के दम पर 50 ओवर में 7 विकेट पर 268 रन बनाए। इसके जबाव में वेस्टइंडीज की टीम 34.2 ओवर में 143 रन पर ऑल आउट हो गई। इस जीत के बाद भारतीय टीम का विजयी क्रम वर्ल्ड कप में जारी रहा। 

भारतीय गेंदबाजों के सामने धराशाई हुई वेस्टइंडीज की टीम

दूसरी पारी में जीत के लक्ष्य का पीछा करने उतरी वेस्टइंडीज की पारी भारतीय गेंदबाजों के सामने पूरी तरह से धराशाई हो गई। टीम के सबसे तूफानी बल्लेबाज क्रिस गेल को आउट कर शमी ने भारतीय टीम की जीत की नींव रख दी। गेल ने सिर्फ छह रन बनाए। इसके बाद शाई होप को शमी ने अपना दूसरा शिकार बनाया और टीम को बड़ी राहत पहुंचाई। होप ने सिर्फ पांच रन बनाए और वो बोल्ड हो गए। कैरेबियाई टीम का तीसरा विकेट अंबरीस के तौर पर गिरा जिन्हें हार्दिक पांड्या ने 31 रन पर बोल्ड कर दिया। निकोलस पूरन को कुलदीप यादव ने 28 रन पर चलता किया और उनका कैच शमी ने लपका। कप्तान जेसन होल्डर को चहल ने आउट किया। होल्डर ने छह रन की पारी खेली। बुमराह ने ब्रेथवेट को आउट कर अपनी टीम को छठी सफलता दिला दी। फेबियन एलन बिना खाता खोले ही पगबाधा आउट हुए। हेटमायर को 18 रन पर शमी ने अपना तीसरा शिकार बनाया और राहुल ने उनका कैच लिया। शेल्डन कॉर्टरेल दस रन बनाकर चहल का शिकार बने। ओशेन थॉमस छह रन बनाकर रोहित के हाथों कैच आउट हुए जबकि केमार रोच 14 रन बनाकर नाबाद रहे। 

भारत की तरफ से शमी ने चार, बुमराह व चहल ने दो-दो जबकि हार्दिक व कुलदीप ने एक-एक विकेट लिए। 

भारत की पारी, विराट व धौनी के अर्धशतक

पहली पारी में वेस्टइंडीज के खिलाफ धीमी पिच पर धीमी शुरुआत और मध्य क्रम के चरमराने के बाद भारत को 50 ओवर बल्लेबाजी करने के बावजूद 268 रनों पर ही सीमित होना पड़ा। एक समय लग रहा था कि भारतीय टीम 300 का आंकड़ा पार कर जाएगी, लेकिन भारतीय कप्तान विराट कोहली (72), केएल राहुल (48), महेंद्र सिंह धौनी (56) और हार्दिक पांड्या (46) की पारियों के बावजूद ऐसा नहीं हो सका। भारत की तरफ से केवल दो अर्धशतकीय साझेदारियां हुई। कोहली और राहुल ने दूसरे विकेट के लिए 69 तथा धौनी और हार्दिक पांड्या ने छठे विकेट के लिए 70 रन जोड़े। वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज केमार रोच ने तीन तो शेल्डन कॉटरेल व कप्तान जेसन होल्डर ने दो-दो विकेट निकाले। कॉटरेल ने दोनों विकेट अपने आखिरी ओवर में लिए। वेस्टइंडीज ने इस मैच में एश्ले नर्स और इविन लुइस की जगह सुनील अंब्रीश और फेबियन एलेन को खिलाया।

कमाल के कोहली : सबसे तेज 20000 अंतरराष्ट्रीय रन बनाने वाले कोहली ने मैदान के ऊपर बादल नहीं दिखने और पिच पर ज्यादा नमी नहीं होने के कारण टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। वेस्टइंडीज के कप्तान जेसन होल्डर ने कहा कि अगर हम टॉस जीतते तो यही करते। भारत ने अपने अंतिम एकादश में कोई परिवर्तन नहीं किया। शुरुआती मैचों में दो शतक और एक अर्धशतक लगाने वाले रोहित शर्मा (18) राहुल के साथ आराम से स्कोर को आगे बढ़ा रहे थे, लेकिन तीसरे अंपायर ने उन्हें विवादास्पद तरीके से कैच आउट दे दिया। इसके बाद विराट ने राहुल के साथ पारी को जारी रखा और लगातार चौथी बार 50 रनों से अधिक का स्कोर किया। हालांकि, वह चौथे मैच में भी अर्धशतक को शतक में बदलने में नाकाम रहे। उन्होंने अपनी पारी में आठ चौके लगाए। इस बीच होल्डर ने कसी हुई गेंदबाजी की और एक बेहतरीन गेंद पर राहुल को बोल्ड किया, जिसके बाद भारतीय मध्य क्रम की कलई खुल गई।

टीम इंडिया का चौथा और पांचवां नंबर सबसे बड़ी कमजोरी बनकर उभरा है। भारत ने 20.3 ओवर में एक विकेट पर 98 रन बना लिए थे और ऐसा लग रहा था कि टीम 300 का आंकड़ा पार करेगी, लेकिन राहुल के आउट होने के बाद विजय शंकर (14) रोच की फुललेंथ गेंद खेलने के लिए सही तरह से लाइन में नहीं आए और विकेटकीपर को कैच देकर चलते बने। इसके बाद केदार जाधव (07) भी इसी गेंदबाज के सामने बिना फुटवर्क का इस्तेमाल किए हुए आउट हुए। इसके बाद तो सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा ट्रोल यही दोनों खिलाड़ी हो रहे थे। अधिकतर लोग इनके अंतिम एकादश में खेलने पर सवाल उठा रहे थे। अगर इन दोनों ने अपने प्रदर्शन में सुधार नहीं किया तो दिनेश कार्तिक या रिषभ पंत में से किसी एक को खेलने का मौका मिल सकता है। भारतीय टीम प्रबंधन के लिए आगे के बड़े मैचों से पहले इन दोनों का प्रदर्शन गहन मंथन का विषय होगा। जाधव को अंपायर ने आउट नहीं दिया था, लेकिन वेस्टइंडीज ने डीआरएस लिया और रीप्ले से साफ हो गया कि गेंद बल्ले को स्पर्श करते हुए विकेटकीपर शाई होप के पास पहुंची थी। इससे पहले, हालांकि रोहित शर्मा के खिलाफ डीआरएस पर तीसरे अंपायर का फैसला विवादास्पद रहा था।

अफगानिस्तान के खिलाफ धीमी पारी खेलने के कारण आलोचना झेल रहे धौनी ने इस मैच में भी शुरुआत इसी तरह की। 28.5 ओवर में 140 के कुल स्कोर पर जब जाधव आउट हुए तब छठे नंबर पर धौनी को उतरने का मौका मिला। जब वह आठ रन पर थे तो विकेटकीपर शाई होप ने उन्हें एक गेंद पर दो बार स्टंप करने का मौका गंवाया। धौनी तो बच गए, लेकिन कोहली होल्डर की शॉर्ट पिच गेंद को पुल करने के चक्कर में कैच आउट हो गए। होल्डर की यह गेंद ज्यादा नहीं उठी और थोड़ी धीमे आई। कोहली ने थोड़ी जल्दबाजी कर दी और मिडविकेट पर आसान कैच दे दिया। डेथ ओवरों में धौनी और पांड्या के रूप में दो जबर्दस्त हिटर क्रीज पर थे, लेकिन दोनों कुछ खास फायदा नहीं उठा पाए। वेस्टइंडीज के गेंदबाजों ने उन्हें लंबे शॉट नहीं खेलने दिए। पांच चौके लगाने के बाद पांड्या ने लंबा शॉट खेलने के प्रयास में ही कैच दिया। धौनी की धीमी पारी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने अपने शुरुआती 18 रन 36 गेंदों पर बनाए थे। जब पांड्या बल्लेबाजी करने उतरे तो धौनी 17 रन पर थे। एक समय पांड्या 24 गेंद पर 25 रन बनाकर खेल रहे थे, जबकि इसी समय धौनी का स्कोर 44 गेंदों पर 25 रन था। धौनी ने आखिरी ओवर में दो छक्के और एक चौका लगाकर भारत और अपना स्ट्राइक रेट सुधारा।

 

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Posted By: Sanjay Savern

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