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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 22, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Women T20 WC Semifinal: भारत और फाइनल के बीच ऑस्ट्रेलिया की दीवार, बेहतर रणनीति से महिला टीम कर सकती है कमाल

By AgencyEdited By: Umesh Kumar
Published: Wed, 22 Feb 2023 06:47 PM (IST)

भारत पिछले 5 वर्षों में शीर्ष टीमों में शामिल रहा है लेकिन कोई बड़ी ट्राफी अपनी झोली में नहीं डाल ...और पढ़ें

पहले सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया से भिड़ेगी भारतीय महिला टीम।
पहले सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया से भिड़ेगी भारतीय महिला टीम।

नई दिल्ली, पीटीआई। भारतीय टीम का विश्व कप में अभी तक का सफर काफी उतार चढ़ाव भरा रहा है। भारतीय महिला टीम और टी-20 विश्व कप के फाइनल मुकाबले के बीच ऑस्ट्रेलिया की दीवार खड़ी है। गुरुवार को होने वाले पहले सेमीफाइनल में मजबूत ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध उन्हें अपने खेल में काफी सुधार करना होगा।

भारत पिछले 5 वर्षों में शीर्ष टीमों में शामिल रहा है, लेकिन कोई बड़ी ट्राफी अपनी झोली में नहीं डाल सका। उम्मीदों के अनुरूप उसने एक और आईसीसी टूर्नामेंट के अंतिम चार में प्रवेश कर लिया है। हालांकि, भारतीय टीम बीते समय में इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई है, विशेषकर नॉकआउट मैचों में। ऑस्ट्रेलिया ने पिछले टी-20 विश्व कप फाइनल में भारत को हराया था और हाल में पिछले वर्ष बर्मिंघम में स्वर्ण पदक मैच में भी उसने जीत दर्ज की थी।

करो या मरो के मैच में बेहतर करना होगा प्रदर्शन

2017 में वनडे विश्व कप फाइनल में पहुंचने के बाद भारत में महिला क्रिकेट का ग्राफ काफी तेजी से ऊपर की ओर बढ़ा है और अब समय आ गया है जब वह गुरुवार को 'करो या मरो' जैसे मुकाबले में उम्मीदों को प्रदर्शन में तब्दील करे। हालांकि, हरमनप्रीत कौर की अगुआई वाली टीम ने ग्रुप चरण में पिछले चार में से तीन मैच जीते हैं, लेकिन उसकी किसी भी जीत को दमदार नहीं कहा जा सकता, यहां तक कि आयरलैंड के विरुद्ध जीत को भी नहीं।

टीम को एकमात्र हार इंग्लैंड से मिली। अभी तक भारत ने टूर्नामेंट में जिस तरह का खेल दिखाया है, उसे देखते हुए केवल यही उम्मीद ही लगाई जा सकती है कि किसी तरह से टीम बड़े मैच से पहले अपनी सभी समस्याओं से निजात पा लें, जिसमें शीर्ष क्रम की अनिरंतरता के अलावा ऋचा घोष को छोड़कर खिलाडि़यों की छक्के जड़ने की अक्षमता शामिल है।

खिलाड़ियों को करना होगा स्ट्राइक रोटेट

टीम को स्ट्राइक रोटेट न कर पाने की समस्या को भी दूर करना होगा। सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा ने तीन साल पहले अपना अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया था, हालांकि वह अब भी किशोरी ही हैं, लेकिन वह अपनी गलतियों से सबक लेने में नाकाम रही हैं जिसमें स्ट्राइक रोटेट नहीं कर पाना और शार्ट गेंद के विरुद्ध उनकी कमियां शामिल हैं। कप्तान हरमनप्रीत खुद काफी दबाव में हैं, वह अभी तक इस विश्व कप में कोई उपयोगी पारी नहीं खेल पाई हैं।

विश्व कप नॉकआउट मैच में हार से उनका कप्तानी कार्यकाल खत्म हो सकता है। जेमिमा रोड्रिग्स ने अभी तक टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन टीम की मदद के लिए उनके इससे कहीं ज्यादा की उम्मीद है। स्टार बल्लेबाज स्मृति मंधाना निरंतर बल्लेबाजी करने वाली खिलाड़ियों में शामिल रही हैं और एक बार फिर वह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टीम के लिए महत्वपूर्ण होंगी।