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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 14, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

WTC final में हार के बाद नहीं थम रहा है गावस्कर का गुस्सा, अब रोहित और पुजारा को सुनाई खरी खोटी

By Jagran NewsEdited By: Geetika Sharma
Published: Wed, 14 Jun 2023 05:35 PM (IST)

Sunil Gavaskar on Rohit and Pujara गावस्कर ने डब्ल्यूटीसी हार के लिए रोहित और पुजारा पर जमकर भड़ास निकाली है। ...और पढ़ें

Sunil Gavaskar blames cheteshwar Puajara and Rohit sharma
Sunil Gavaskar blames cheteshwar Puajara and Rohit sharma

नई दिल्ली, स्पोर्ट्स डेस्क। भारत के दिग्गज क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के हाथों भारत को मिली करारी पर टीम को जमकर लताड़ लगाई है। ऐसे में गावस्कर का गुस्सा शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। इस बीच अब गावस्कर ने रोहित और पुजारा पर जमकर भड़ास निकाली है। उन्होंने कहा कि भारत की पारी में कप्तान रोहित शर्मा और चेतेश्वर पुजारा का शॉट काफी निराशाजनक था।

पुजारा से नहीं थी ऐसी उम्मीद-

पुजारा के शॉट से गावस्कर और कई क्रिकेटर चकित रह गए। गावस्कर ने कहा कि इस बात की कोई सफाई नहीं हो सकती कि कप्तान का विकेट खो जाने के कुछ मिनट बाद 103 टेस्ट खेलने वाले खिलाड़ी ने ऐसा शॉट क्यों खेला। गावस्कर ने कहा कि मेरे लिए यह समझना मुश्किल है कि पुजारा ने रैंप शॉट क्यों खेला क्योंकि वह ऐसा शॉट नहीं है, जिसे पुजारा आमतौर पर खेलते हैँ।

पुजारा ने क्यों खेला ऐसा शॉट-

रोहित के आउट होने के बाद अगली दो गेंदों पर इस शॉट को आजमाना पुजारा की सोच पर सवाल उठा रहा है। पुजारा अपने धैर्य और गेंद को शांति से खेलने के लिए जाने जाते हैं। जब उन्हें क्रीज पर टिके रहकर विकेट बचाने की जरूरत थी तो फिर वो इस शॉट को खेलने के बारे में क्यों सोच रहे थे, जहां रन की जरूरत नहीं थी।

टेस्ट क्रिकेट सबसे बड़ा फॉर्मेट-

गावस्कर ने कहा कि दबाव में खिलाड़ी कुछ ऐसा फैसला लेते हैं, जो उन्हें नहीं करना चाहिए। इस कारण ही टेस्ट क्रिकेट खेल का सबसे बड़ा फॉर्मेट है और विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल मैच सबसे बड़ा मैच है। इस बीच विराट कोहली और अजिंक्य रहाणे ने चौथे दिन का खेल खत्म होने तक आगे के खतरे को दूर करने में कामयाबी हासिल की, लेकिन अगली सुबह भारत के बाकी 7 विकेट ताश के पत्तों की तरह गिर गए। ऐसे में ऑस्ट्रेलिया ने अपना पहला डब्ल्यबटीसी खिताब जीतने में सफलता हासिल की।