साउथ अफ्रीकी हायपरमार्केट ने छिड़का ऑस्ट्रेलिया के जख्मों पर नमक, सैंडपेपर का नाम लेकर मारा ताना
साउथ अफ्रीका दौरे पर गई ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम को एक स्थानीय हायपरमार्केट ने 'सैंडपेपर गेट' कांड की याद दिलाकर ताना ...और पढ़ें

सैंडपेपर गेट में फंसे थे स्टीव स्मिथ और डेविड वॉर्नर

समय कम है?
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स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। कहते हैं अतीत पीछा नहीं छोड़ता। ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम के साथ यही हो रहा है। आठ साल बाद ये टीम साउथ अफ्रीका आई है और यहां उसके वो जख्म ताजा किए जाने की कोशिश की जा रही है जिसने ऑस्ट्रेलियाई टीम को काले दिन दिखाए। साल 2018 में ऑस्ट्रेलियाई टीम साउथ अफ्रीका के दौरे पर आई थी। इस दौरे पर ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों को सैंडपेपर से बॉल टेंपरिंग करते हुए पकड़ा गया था।
ऑस्ट्रेलिया को लगा कि आठ साल बाद वह साउथ अफ्रीका जा रही है तो उसे राहत मिलेगी और पुराना मामला दब गया होगा। हालांकि, ऐसा हुआ नहीं। साउथ अफ्रीका की एक हायपरमार्केट ने उसके जख्म ताजा कर दिए हैं।
हटा दिए सैंडपेपर
साउथ अफ्रीका की पिक एंड पे नाम की हायपरमार्केट ने ऐसा विज्ञापन निकाला है जिसे देख ऑस्ट्रेलियाई फैंस और टीम दोनों कहीं न कहीं शर्मिंदगी और गुस्सा महसूस करेंगे। इस मार्केट ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट की है जिसमें अपने विज्ञापन का फोटो पोस्ट किया है और साथ में कैप्शन भी लिखा है। मार्केट ने अपने विज्ञापन में लिखा है, "प्लीज नोट। 31 अक्टूबर तक हमारी अलमारियों में से सभी सैंडपेपर हटा लिए गए हैं।"
इस फोटो को पोस्ट करते हुए कैप्शन लिखा है, "ऑस्ट्रेलियाई टीम शहर में है। हमें याद है।"
यह पोस्ट साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच आज से डरबन में शुरू हुए पहले टेस्ट मैच के बाद आया है।

क्या था सैंडपेपर मामला?
साल 2018 में ऑस्ट्रेलियाई टीम साउथ अफ्रीका के दौरे पर थी। केपटाउन में तीसरा टेस्ट मैच खेला जा रहा था तभी ऑस्ट्रेलिया के सलामी बल्लेबाज कैमरून बैनक्रॉफ्ट को गेंद पर सैंडपेपर रगड़ते हुए देखा गया था। इसके बाद काफी बवाल मचा था। बाद में इस मामले में उस समय ऑस्ट्रेलियाई टीम के कप्तान स्टीव स्मिथ और उप-कप्तान डेविड वॉर्नर को सजा मिली थी। स्मिथ और वॉर्नर पर एक-एक साल का बैन लगा था तो वहीं बैनक्रॉफ्ट पर नौ महीने का बैन लगा था।
