भारत के लिए खेला, रोहित शर्मा और चेतेश्वर पुजारा को बनाया शिकार; क्रिकेट से अचानक हो गया गायब! अब है सुपरस्टार
अपने गानों से नई पहचान बनाने वाला यह सिंगर एक समय क्रिकेटर था और भारत की अंडर-19 टीम, रणजी ट्रॉफी तक में खेल चुका था।

रणजी ट्रॉफी प्लेयर रह चुका है यह सिंगर

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। हार्डी संधू का नाम तो सभी ने सुना होगा। उनके पंजाबी गानों ने तहलका मचा रखा है और हर किसी की जुबां पर उनके गाने होते हैं। हार्डी संधू की गिनती मौजूदा समय के मशहूर गायकों में होती है, लेकिन म्यूजिक उनका पहला प्यार नहीं था बल्कि क्रिकेट था। वह भारत की अंडर-19 टीम के कैम्प और पंजाब की रणजी ट्रॉफी टीम तक में पहुंचे, लेकिन फिर कुछ ऐसा हुआ कि उनका दिल टूट गया और 22 गज की पिच से उन्होंने दूरी बना ली।
हमारी खास सीरीज स्पोर्ट्स टू स्क्रीन में हम आपको हार्डी संधू के बारे में बताएंगे। वह एक तेज गेंदबाज थे और क्रिकेट की दुनिया में नाम कमा रहे थे, लेकिन टीम इंडिया के लिए खेलने का उनका सपना पूरा नहीं हो सका। उनके इसी टैलेंट के कारण वह कबीर खान की फिल्म '83' में भारत के पूर्व तेज गेंदबाज मदन लाल का रोल हासिल करने में सफल रहे थे और उनकी एक्टिंग की भी काफी तारीफ हुई थी।
चोट ने किया परेशान
अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया को 21 फरवरी 2018 को दिए इंटरव्यू में हार्डी ने बताया था कि वह चोट के कारण अपने करियर को आगे नहीं ले जा पाए। उन्होंने बताया, "मैं 10 साल तक खेला। मैं अंडर-19 टीम में शिखर धवन के साथ खेला। वह मेरे रूम मेट थे। मैं चेतेश्वर पुजारा और ईशांत शर्मा के साथ भी खेला, लेकिन 2006 में मुझे कोहनी में चोट लग गई थी। मैं तेज गेंदबाज था और मेरे दाहिने हाथ में चोट लगी थी। मैंने यहां ट्रीटमेंट कराने की कोशिश की, लेकिन कुछ नहीं हुआ। फिर मैं ऑस्ट्रेलिया गया अच्छे डॉक्टरों से इलाज कराने के लिए। मैंने स्टूडेंट वीजा लिया। मैंने सोचा था कि इलाज सही हो गया तो वापस इंडिया आऊंगा नहीं तो वहीं पर रह जाऊंगा। 11 महीने वहां रहा और कई डॉक्टरों को दिखाया और टैक्सी भी चलाई।"
होता है अफसोस
हार्डी ने कहा कि चोट के कारण उन्हें क्रिकेट छोड़ना पड़ा नहीं तो वह भारत के लिए खेलने का दम रखते थे और इसलिए उन्हें अभी तक अफसोस होता है। उन्होंने कहा, "तब आईपीएल शुरू हो चुका था। जो मेरे जूनियर थे उनका भी सेलेक्शन हो गया था। मुझे बहुत बुरा लगा। मैं आसानी से आईपीएल खेल सकता था। फिर मैं वापस भारत आ गया। मैंने आकर सबसे पहले आईपीएल खेलने की कोशिश की। इस दौरान मेरी मुलाकात श्रीलंका के एक फिजियोथेरेपिस्ट से हुई और फिर मैं रणजी ट्रॉफी खेलने लगा, लेकिन फिर चोट लग गई। तब मैंने क्रिकेट छोड़ दिया और सिंगर बन गया।"
उन्होंने कहा, "2012 में मेरी पहली एल्बम आई। कई बार मुझे इस बात का अफसोस होता है कि मैं भारत के लिए नहीं खेल पाया। मुझे लगता है और मेरे कोचेस को भी यही लगता था कि मैं इंडिया के लिए खेल सकता था। मुझमें प्रतिभा थी, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।"
कोच हुए गुस्सा!
वहीं मशहूर पॉडकास्टर राज शमामी के पॉडकास्ट पर बात करते हुए हार्डी ने बताया था कि वह 2006 में भारत की अंडर-19 टीम के कैम्प में थे और उनको लगता था कि वह अंडर-19 वर्ल्ड कप के लिए चुनी जाने वाली टीम में सेलेक्ट हो जाएंगे, लेकिन कुछ ऐसा हुआ कि वह टीम में जगह नहीं बना पाए।
उन्होंने बताया, "2006 अंडर-19 वर्ल्ड कप की तैयारी चल रही थी। पुणे में कैम्प लगा था जिसमें पूरे भारत से 30 क्रिकेटर आए थे। मैं भी उनमें से था। हर खिलाड़ी को तीन प्रैक्टिस मैच खेलने थे और फिर इसके बाद टीम का सेलेक्शन होना था। पहले मैच में मैंने रोहित शर्मा, चेतेश्वर पुजारा, रवींद्र जडेजा, पीनाल शाह, यो महेश जैसे खिलाड़ियों को आउट किया। मुझे लगा कि मेरा सेलेक्शन हो जाएगा।"
उन्होंने कहा, "तीसरे दिन हम बैटिंग कर रहे थे। मैंने राहुल शर्मा जो पंजाब और भारत के लिए खेल चुके हैं, उनसे बैटिंग के लिए कहा। राहुल को हम वैंकी बुलाते थे। इत्तेफाक से हमारे कोच वेंकटेश प्रसाद भी वहीं बैठे थे। मैंने वैंकी राहुल को कहा था, लेकिन वेंकटेश प्रसाद को लगा कि मैंने उनसे कहा है, शायद वह बुरा मान गए और संभवतः इस बात ने टीम सेलेक्शन को प्रभावित किया और सेलेक्टर्स ने वही टीम चुनी जो पिछले दो टूर्नामेंटों में खेली थी।"
