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फिल्मी परदे पर जादू चलाने से पहले मैदान पर गदर मचा चुकी हैं जेनेलिया डिसूजा, एक नहीं दो-दो खेलों में रहीं चैंपियन प्लेयर

Published: Sat, 10 Oct 2026 04:42 PM (GMT+05:30)

बॉलीवुड अभिनेत्री जेनेलिया डिसूजा फिल्मों में आने से पहले राष्ट्रीय स्तर की फुटबॉलर और राज्य स्तर की एथलीट रह चुकी ...और पढ़ें

एक्टिंग से पहले मैदान पर कमाल दिखा चुकी हैं जेनेलिया डिसूजा

एक्टिंग से पहले मैदान पर कमाल दिखा चुकी हैं जेनेलिया डिसूजा 

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स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। बॉलीवुड की सबसे सफल जोड़ियों की बात की जाए तो इसमें रितेश देशमुख और जेनेलिया डिसूजा का नाम आएगा ही। दोनों की प्रेम कहानी आदर्श मानी जाती है। फिल्मों में साथ काम करने से लेकर जीवन साथ बिताने तक का इनका सफर किसी मिसाल से कम नहीं है, लेकिन दोनों में सिर्फ एक्टिंग ही कॉमन नहीं है बल्कि एक और चीज है और वो है खेलों के प्रति प्यार। सभी जानते हैं कि रितेश क्रिकेट के दीवाने हैं, लेकिन जेनेलिया को कौन सा खेल पसंद है? जेनेलिया को सिर्फ खेल पसंद नहीं हैं बल्कि वह नेशनल लेवल की प्लेयर भी रही हैं।

आज हमारी खास सीरीज 'स्पोर्ट्स टू स्क्रीन' में हम जेनेलिया की उस शख्सियत के बारे में बताएंगे जो कई लोगों से छुपी हुई है। जेनेलिया ने फिल्मों की दुनिया में नाम कमाया। फिर उनकी शादी रितेश से हुई और वह अब एक्टिंग में कम नजर आती हैं, लेकिन बॉलीवुड में कदम रखने से पहले जेनेलिया फुटबॉल खेला करती थीं।

नेशनल लेवल की फुटबॉलर रही हैं जेनेलिया

जेनेलिया जब कॉलेज में थीं तो उनके पास खेलों में हिस्सा लेने का मौका आया था और उस समय उन्होंने फुटबॉल को चुना था। कॉलेज में फुटबॉल चुनने से पहले वह अपने स्कूल में एथलेटिक्स में स्टेट लेवल तक खेल चुकी थीं। इसका कारण उनके पिता थे। उनके पिता चाहते थे कि बच्चे स्पोर्ट्स में हिस्सा लें और इसी कारण उन्होंने खेलों में हिस्सा लिया। एनडीटीवी की वेबसाइट पर 20 अगस्त 2010 को छपी रिपोर्ट के मुताबिक, जेनेलिया स्कूल में एथलीट थीं और कॉलेज में आकर उन्होंने फुटबॉल चुना।

हालांकि, उन्होंने खेलों को अपना करियर नहीं बनाया। रिपोर्ट में उनके हवाले से लिखा गया है, "स्पोर्ट्स में काफी एक्टिव होने के बाद भी मैंने इसे एक पेशे के तौर पर नहीं लिया। हकीकत में मैंने कोई करियर नहीं चुना, करियर ने मुझे चुना।"

इस तरह हुई फुटबॉल में एंट्री

वहीं, एक और इंटरव्यू में जेनेलिया ने बताया है कि वह फुटबॉल और स्पोर्ट्स में कैसे आईं। उन्होंने कहा, "मेरे पिता हमेशा से चाहते थे कि बच्चे स्पोर्ट्स में हिस्सा लें। मैं कॉलेज में गई थी और वहां मुझे पता चला कि फुटबॉल की टीम बन रही है। तब मैंने सोचा कि कोशिश करते हैं। मैंने कभी खेला नहीं था, लेकिन मैंने कोशिश करने के बारे में सोचा। हमारी टीम स्टेट फाइनल तक पहुंची। वहां हम हार गए, लेकिन मुझे नेशनल लेवल के लिए चुना गया।"

जहां तक जेनेलिया के फिल्मी करियर की बात है तो वह बॉलीवुड के अलावा तेलुगू और तमिल फिल्मों में भी काम कर चुकी हैं। 2003 में उन्होंने 'तुझे मेरी कसम' से बॉलीवुड में डेब्यू किया। फिर वह कई बड़े बैनर की फिल्मों में नजर आईं। वह 'जाने तू या जाने ना', सत्यम, मस्ती, हैप्पी, जैसी फिल्मों में दिखाई दीं।

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