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 नई दिल्ली, जेएनएन। भारत और इंग्लैंड के बीच पहले टेस्ट में भारत को 31 रन से हार का सामना करना पड़ा, ये हार फैंस को इसलिए भी चुभ रही है क्योंकि उन्हें टेस्ट मैच जीतने के लिए केवल 194 रन चाहिए थे। ठीक है पिच गेंदबाजों को मदद कर रही थी लेकिन कागजों पर मजबूत मानी जाने वाली भारतीय बल्लेबाजी से इस लक्ष्य को हासिल करने की उम्मीद की जा सकती थी। इस मैच की दोनों पारियों में भारतीय गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया लेकिन बल्लेबाजों ने टीम की लुटिया डुबा दी। 

इस मैच में केवल एक बल्लेबाज इंग्लैंड से लोहा लेता रहा, वह थे कप्तान विराट कोहली, टेस्ट की दोनों पारियों में उन्होंने अपनी टीम की तरफ से सबसे ज्यादा रन बनाए या ये भी कहें कि सिर्फ उन्होंने ही रन बनाए। पहली पारी में विराट ने 274 रन में से 149 बनाए तो दूसरी पारी में 162 रन में से 51 रन उनके बल्ले से निकले थे, तो अब सवाल ये है कि क्या बाकी बल्लेबाज इंग्लैंड में छुट्टी मनाने गए हैं। टीम इंडिया के ये बल्लेबाज सपाट पिच पर रनों की बारिश कर देते हैं लेकिन जहां गेंद थोड़ी स्विंग हुई, इनकी हालत पतली हो जाती है। तो जानते है विराट को छोड़कर बाकी बल्लेबाजों का रिपोर्ट कार्ड-

शिखर धवन-  टीम इंडिया में गब्बर के नाम से मशहूर शिखर धवन की दहाड़ उसी मैच में लगती है जहां गेंद सीधी बल्ले पर आए।  इनके रन बनाने की कंडीशन ये है कि गेंदबाजों को मदद नहीं मिलनी चाहिए। जहां पिच सपाट मिली इनका बल्ला आग उगलता है लेकिन जहां गेंद स्विंग हुई वह भीगी बिल्ली बन जाते हैं। इस टेस्ट की दोनों पारियों में उनका स्कोर रहा 26 और 13 रन। अब टीम का ओपनर ऐसा खेलेगा तो टीम इंडिया को जीत कैसे मिलेगी।

मुरली विजय- पिछले इंग्लैंड दौरे पर भारत के सबसे सफल बल्लेबाज रहे विजय इस मैच की दोनों पारियों में संघर्ष करते दिखे। जिस तरह नई हेयर स्टाइल में उनके बाल उड़ते दिख रहे हैं उसी तरह उनकी फॉर्म भी उड़ी हुई है। इस टेस्ट की दोनों पारियों में उन्होंने 20 और 6 रन बनाए। टीम इंडिया को उनसे उम्मीद थी कि वह विकेट को बचाकर एक छोर संभाल के रखेंगे लेकिन दोनों पारियों में वह सबसे पहले आउट होकर पविलयन की शोभा बढ़ा रहे थे।

केएल राहुल-  ये बल्लेबाज शायद भूल गया था कि इनको किस बल्लेबाज की जगह टीम में शामिल किया गया था। सब ने माना इस बल्लेबाज में काबिलियत है लेकिन जब तक ये काबिलियत प्रदर्शन में तब्दील नहीं होगी तो इसका क्या फायदा। पहली पारी में वह जिस तरह आउट हुए उसे देखकर लगा कि वह टी-20 मैच खेल रहे हैं, वहीं दूसरी पारी में गेंद हल्की से हिली तो वह पूरी तरह हिल गए। इस मैच की दोनों पारी में इनका स्कोर रहा 4 और 13। अब इस प्रदर्शन की वजह से टीम इंडिया पुजारा जैसे बल्लेबाज को बाहर नहीं बैठा सकती।

अजिंक्य रहाणे- टीम इंडिया के उपकप्तान, ये खिलाड़ी जब टेस्ट सीरीज के लिए गए तो सबको लगा  कि बल्लेबाजी क्रम में एक ऐसा बल्लेबाज मिल गया जिसकी तकनीक इंग्लिश कंडीशन के हिसाब से परफेक्ट है। अब तक ज्यादातर ऐसा ही देखा जाता था कि विराट कोहली रन बनाते थे और बाकी बल्लेबाज केवल उनके प्रदर्शन के लिए ताली बजाने के लिए टीम में होते  है।

ये बात सही है कि कई अहम मौको पर रहाणे ने कई अच्छी पारियां खेली थी लेकिन पहले टेस्ट में वह बिल्कुल रंग में नहीं दिखे। दोनों पारियों में उनका स्कोर रहा 15 और 2 यानी 17 रन, इनसे ज्यादा रन तो इशांत शर्मा ने बना दिए।

दिनेश कार्तिक- यह इस टीम का इकलौता खिलाड़ी है जो इंग्लैंड में सीरीज जीतने वाली टीम का हिस्सा रहा है। ये सभी को पता है कि अगर साहा चोटिल नहीं होते तो इस खिलाड़ी को दोबारा मौका भी नहीं मिलता। अब अफगानिस्तान के खिलाफ जब उन्होंने टेस्ट टीम में 8 साल बाद वापसी की थी तो उम्मीद थी जैसा प्रदर्शन वह आइपीएल या टी-20 में कर रहे थे वैसा ही सफेद कपड़ो में दिखेगा लेकिन पहले वह अफगानिस्तान के खिलाफ फेल रहे और अब इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट में उनका फ्लॉप शो देखने को मिला।

टेस्ट की दोनों पारियों में उन्होंने 0 और 20 रन बनाए। अब उनसे इसकी उम्मीद तो कतई नहीं थी। अब उनको ये भी याद रखना चाहिए कि रिषभ पंत जैसा खिलाड़ी ड्रेसिंग रूम में बैठा है। अगर वह ऐसा ही खेलते रहे तो जल्द ही फिर से टीम से बाहर भी हो जाएंगे।

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Posted By: Lakshya Sharma

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