यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 09, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
IND vs ENG: विकेट के पीछे धोनी सा दिमाग तो मिडिल ऑर्डर में सरफराज का 'राज', टेस्ट सीरीज से भारत को मिले नए सुपरस्टार
IND vs ENG इंग्लैंड के खिलाफ 4-1 से सीरीज जीतने में जहां रोहित शर्मा ने रणनीति बनाई तो वहीं मुख्य ...और पढ़ें

स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज के बीच चोट, खिलाड़ी की अनुपलब्धता, कार्य प्रबंधन और अन्य कारणों से भारत को दो चार होना पड़ा। ऐसे में टीम को पांच खिलाड़ियों को डेब्यू कराने पर मजबूर होना पड़ा। सीनियर खिलाड़ी विराट कोहली, केएल राहुल और मोहम्मद शमी की गैरमौजूदगी में भी भरत ने सीरीज जीती।
इंग्लैंड के खिलाफ 4-1 से सीरीज जीतने में जहां रोहित शर्मा ने रणनीति बनाई तो वहीं, मुख्य कोच राहुल द्रविड़ और चयनकर्ताओं ने युवाओं पर भरोसा जताया। युवाओं ने मिले मौके का भरपूर फायदा उठाया। सीरीज खत्म होने के बाद भारत के ऐसे कई खिलाड़ी मिले जो दबाव में भारत के लिए उपयोगी पारी खेल सकते हैं।
आक्रामक सलामी बल्लेबाज
युवा सलामी बल्लेबाज ने जब से डेब्यू किया है। तब से आक्रामक बल्लेबाजी कर रहे हैं। रोहित शर्मा के साथ मिलकर यशस्वी ने भारत को टेस्ट में आक्रामक शुरूआत दिलाई है। गिल के तीन नंबर पर बल्लेबाजी करने से यशस्वी को ओपनिंग की जिम्मेदारी मिली। जिसे जायसवाल ने बखूबी निभाया है।
𝙒.𝙄.𝙉.𝙉.𝙀.𝙍.𝙎! 🏆
Congratulations #TeamIndia on winning the @IDFCFIRSTBank #INDvENG Test Series 4⃣-1⃣ 👏👏 pic.twitter.com/IK3TjdapYv
— BCCI (@BCCI) March 9, 2024
मध्यक्रम को मिली मजबूती
केएल राहुल और श्रेयस अय्यर के बाहर होने से भारतीय टीम ने रजत पाटीदार, सरफराज खान और देवदत्त पडिक्कल को मीडिल ऑर्डर में मौका दिया। रजत मिले हुए मौके को सही से भुना नहीं पाए लेकिन काफी समय से इंडियन टीम का दरवाजा खटखटा रहे सरफराज ने फैंस का दिल जीत लिया। डेब्यू मैच की दोनों पारियों में अर्धशतक जड़कर अपने चयन को सही ठहराया। वहीं, देवदत्त पडिक्कल ने भी अपने डेब्यू मैच में अर्धशतक जड़कर मध्यक्रम की जिम्मेदारी को बखूबी निभाया।
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बेहतरीन विकेटकीपर बल्लेबाज
पूर्व कप्तान एमएस धोनी के संन्यास के बाद भारत को ऋषभ पंत के रूप में विकेटकीपर बल्लेबाज मिला। हालांकि, कार एक्सीडेंट में घायल होने के बाद से भारत को अच्छे विकेटकीपर बल्लेबाज की तलाश थी। केएस भरत को मौका दिया था। इसके यूपी के ध्रुव जुरेल को मौका दिया गया।
ध्रुव ने विकेट के पीछे धोनी जैसा दिमाग लगाकर कमाल किया ही बल्लेबाजी में भी अपना दम दिखाया। रांची टेस्ट में जब टीम को एक बेहतरी पारी की जरूरत थी तो ध्रुव जुरेल ने अपना हाथ खड़ा किया और जिम्मेदारी ली। 90 रन की जुझारू पारी खेल वह रातों रात वह स्टार बन गए।
