BCCI के नए सेलेक्टर रमेश पोवार का विवादों से है गहरा नाता, मिताली राज के कारण खतरे में पड़ गया था करियर
रमेश पोवार को बीसीसीआई की पुरुष चयन समिति में अजीत अगरकर की जगह शामिल किया गया है। उनकी नियुक्ति से ...और पढ़ें

मिताली राज-रमेश पोवार

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। भारत के पूर्व स्पिनर रमेश पोवार को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने पुरुष टीम की चयन समिति में शामिल किया है। पोवार को अजीत अगरकर की जगह सेलेक्शन कमेटी में जगह मिली है। इससे पहले वे भारतीय महिला क्रिकेट टीम के हेड कोच रह चुके हैं, जहां उनका पूर्व कप्तान मिताली राज के साथ बड़ा विवाद सामने आया था।
पोवार दो बार महिला टीम के हेड कोच रह चुके हैं लेकिन उनके लिए सबसे बड़ा विवाद मिताली राज के साथ रहा। पूर्व भारतीय कप्तान ने पोवार पर उन्हें अंधेरे में रखने का आरोप लगाया था। यही नहीं राज का कहना था कि रमेश ने उनका क्रिकेट करियर बर्बाद करने की कोशिश की। मिताली ने इसके लिए बीसीसीआई को एक पत्र भी लिखा था।
रमेश पोवार और मिताली राज का विवाद
पोवार और मिताली के बीच सबसे बड़ा विवाद साल 2018 में सामने आया था। मिताली ने उनके ऊपर अपमानित करने, करियर खत्म करने की कोशिश और भेदभाव करने का आरोप लगाया था। मिताली ने बीसीसीआई को एक पत्र भी लिख दिया था। दरअसल, पोवार ने 2018 विमंस टी20 वर्ल्ड कप में इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल मैच की प्लेइंग-11 से मिताली को बाहर कर दिया था। भारत को उस मैच में हार मिली थी। इसके बाद मिताली पत्र लिखा और फिर बीसीसीआई ने उन्हें हेड कोच के पद से हटा दिया।
पोवार 2018 में ही भारतीय महिला टीम के हेड कोच बने थे लेकिन मिताली के साथ विवाद की वजह से उन्हें अपना पद गंवाना पड़ा था। हालांकि, पोवार ने मिताली के आरोपों का जवाब दिया था। उनका कहना था कि वे मनमानी करती थीं और अपनी मर्जी से बैटिंग ऑर्डर में खेलना चाहती थीं। 2018 में हटाए जाने के बाद उन्हें 2021 में उन्हें दोबारा से महिला टीम का मुख्य कोच बनाया गया।
रमेश पोवार सेलेक्शन कमेटी में शामिल
पोवार को अजीत अगरकर की जगह चयन समिति में शामिल किया गया है। हालांकि, प्रज्ञान ओझा ने भारत के लिए 24 टेस्ट मैच खेले हैं, जिसकी वजह से उनके सीनियर होने के आधार पर चीफ सेलेक्टर बनाया गया है। अजीत अगरकर का कार्यकाल 4 अक्टूबर को समाप्त हुआ था, जिसके बाद ओझा अंतरिम चीफ सेलेक्टर के तौर पर कार्य कर रहे थे लेकिन अब पोवार की नियुक्ति के बाद उन्हें परमानेंट मुख्य चयनकर्ता बना दिया गया है।
