नई दिल्ली, आनलाइन डेस्क। टीम का सबसे अच्छा खिलाड़ी कप्तान नहीं होता, कप्तान वह होता है जो अपने टीम के खिलाड़ियों से बेस्ट निकलवाना जानता है यह संवाद इंग्लैंड के कप्तान इयोन मार्गन पर बिल्कुल फिट बैठता है। जिन्होंने इसलिए अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से रिटायरमेंट का एलान कर दिया क्योंकि उनकी मौजूदा फार्म अच्छी नहीं चल रही है। 2021 के बाद घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में उन्होंने 48 इनिंग्स में केवल एक हाफ सेंचुरी बनाई है। इसके अलावा वह हालिया नीदरलैंड के खिलाफ दो इनिंग्स में एक भी रन नहीं बना पाए थे जिसके बाद उन्होंने क्रिकेट को हमेशा के लिए छोड़ देने का मन बना लिया।

10 सिंतबर 1986 को आयरलैंड के डबलिन में जन्में मार्गन बचपन से ही क्रिकेट खेलने के शौकीन थे। 20 साल की उम्र में मिडलसेक्स काउंटी क्रिकेट क्लब से जुड़ने वाले मार्गन ने पहले आयरलैंड की तरफ से क्रिकेट की शुरुआत की और फिर बाद में इंग्लैंड क्रिकेट से जुड़े।

2006 में आयरलैंड के लिए वनडे डेब्यू

2006 में उन्होंने 20 साल की उम्र में आयरलैंड के लिए स्काटलैंड के खिलाफ अपना वनडे डेब्यू किया। इस मैच में उन्होंने धमाकेदार 99 रनों की पारी खेली। उन्होंने अपना पहला शतक 4 फरवरी 2007 में कनाडा के खिलाफ नैरोबी में लगाया। 2007 क्रिकेट वर्ल्ड कप में वह आयरलैंड की तरफ से खेलने उतरे।

2009 में इंग्लैंड के लिए टी20 डेब्यू

2009 में उन्होंने इंग्लैंड के लिए टी20 मैच में बतौर मीडिल आर्डर बल्लेबाज अपना डेब्यू किया। उस वक्त उनकी उम्र केवल 23 साल हो रही थी। एक साल बाद ही उन्हें इंग्लैंड की तरफ से टेस्ट खेलने का मौका मिला जब उन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ इंग्लैंड के लिए टेस्ट में डेब्यू किया।

मार्गन के लिए कप्तानी की शुरुआत

2015 वर्ल्ड कप से ठीक पहले मार्गन को इंग्लैंड की वनडे टीम का कप्तान नियुक्त किया गया। उस वक्त इंग्लैंड टीम अपने खराब दौर से गुजर रही थी। ईसीबी को भरोसा था कि मार्गन इस टीम में जान फूंक सकते हैं लेकिन 2015 वर्ल्ड कप सीजन टीम के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं था। इस वर्ल्ड कप में टीम अपने ग्रुप में 5वें नंबर पर थी। उसे केवल दो जीत नसीब हुई वह भी स्काटलैंड और अफगानिस्तान जैसी टीमों के खिलाफ।

व्हाइट गेंद क्रिकेट में इंग्लैंड टीम का उदय

2015 वर्ल्ड कप की असफलताओं नें मार्गन को अंदर से झकझोर दिया और उन्होंने फैसला किया कि वह एक ऐसी टीम बनाएंगे जो निडर रवैये के साथ आगे बढ़ेगी। कई सीनियर खिलाड़ियों को बाहर का रास्ता दिखाया गया और युवाओं को तरजीह दी गई। उन्होंने अपने युवा खिलाड़ियों को खुलकर खेलने की छूट दे दी। जल्द ही उनकी यह कोशिश रंग लाने लगी और टीम एक अलग अंदाज में नजर आने लगी। 2018 में इसका असर दिखा जब टीम ने भारत को पीछे छोड़ 5 साल में पहली बार वर्ल्ड रैंकिंग में नंबर वन का स्थान हासिल कर लिया।

4 साल में फर्श से अर्श तक का सफर

2015 वर्ल्ड कप में क्वार्टर फाइनल तक में नहीं पहुंचने वाली टीम 2019 वर्ल्ड कप में सबसे बड़े दावेदार के रूप में सामने आई। इसे मार्गन की कप्तानी का सबूत कहा जा सकता है। वर्ल्ड कप नें उनके द्वारा अफगानिस्तान के खिलाफ खेली गई 48 गेंदों पर 148 रनों की विस्फोटक पारी को कोई नहीं भूल सकता जिसमें उन्होंने 16 छक्के मारे थे। केवल वही नहीं बल्कि टीम के बाकी बल्लेबाजों का भी वही अप्रोच था जिसका नतीजा हुआ कि मार्गन की कप्तानी में टीम ने इतिहास रचते हुए पहली बार वर्ल्ड कप का खिताब न्यूजीलैंड को हराकर अपने नाम किया और 44 साल के लंबे इंतजार को खत्म किया।

मार्गन का क्रिकेट करियर

इयोन मार्गन ने 248 वनडे, 16 टेस्ट और 115 टी20 अंतर्राष्ट्रीय मैचों में क्रमश: 7,701, 700 और 2,458 रन बनाए। वनडे में उनके नाम 14 शतक; 47 अर्धशतक, टेस्ट में 2 शतक; 3 अर्धशतक और टी20 में 14 अर्धशतक हैं। इसमें 23 वनडे मैच में आयरलैंड की तरफ से उनके द्वारा बनाए गए 744 रन शामिल हैं। इंग्लैंड के लिए मार्गन ने कुल 225 वनडे खेलते हुए 6957 रन बनाए। 

मार्गन जैसा कोई नहीं

कप्तान के तौर पर उन्होंने इंग्लैंड के लिए 126 मैचों में 76 में जीत दर्ज की है जबकि टी20 में बतौर कप्तान उन्होंने 72 में से 42 मैचों में जीत दर्ज की है। वनडे में उनका जीत प्रतिशत 62.25 जबकि टी20 में 60.56 प्रतिशत है जो बतौर कप्तान एक रिकार्ड है। इसके अलावा वह एकमात्र क्रिकेटर हैं जिनके नाम दो अलग-अलग देशों के लिए शतक बनाने का रिकार्ड है। 2011 में विजडन क्रिकेटर आफ द इयर चुने जाने के अलावा 2019 वर्ल्ड कप में इंग्लैंड को चैंपियन बनाया और टी20 वर्ल्ड कप में 2016 में उप-विजेता और 2022 में सेमीफाइनल तक का सफर तय किया।

Edited By: Sameer Thakur