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    थोड़ी आसान हुई लॉर्ड्स की बुम'राह', इंग्लैंड की पहली पारी 387 रन पर सिमटी, जसप्रीत ने चटकाए पांच विकेट

    By abhishek tripathiEdited By: Rajat Gupta
    Updated: Fri, 11 Jul 2025 10:31 PM (IST)

    दुनिया के सबसे मशहूर ऑनर बोर्ड पर अपना नाम लिखवाने का प्रलोभन कहें या अपने देश के लिए जी-जान लगा देना का जज्बा.. दोनों में ही भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह का कोई सानी नहीं है। इंग्लैंड के विरुद्ध पांच टेस्ट मैचों की सीरीज के दूसरे दिन भारत ने पहले पांच ओवरों में तीन विकेट लिए और तीनों पर ही करिश्माई तेज गेंदबाज बुमराह का नाम लिखा था।

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    जसप्रीत बुमराह ने खोला पंजा। इमेज- पीटीआई

     अभिषेक त्रिपाठी, लंदन: दुनिया के सबसे मशहूर ऑनर बोर्ड पर अपना नाम लिखवाने का प्रलोभन कहें या अपने देश के लिए जी-जान लगा देना का जज्बा.. दोनों में ही भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह का कोई सानी नहीं है। इंग्लैंड के विरुद्ध पांच टेस्ट मैचों की सीरीज के दूसरे दिन भारत ने पहले पांच ओवरों में तीन विकेट लिए और तीनों पर ही करिश्माई तेज गेंदबाज बुमराह का नाम लिखा था।

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    उन्होंने इस मैच में पांच विकेट लेकर ला‌र्ड्स के प्रतिष्ठित ऑनर बोर्ड में अपना नाम तो लिखवाया ही साथ ही इंग्लैंड की पहली पारी 387 रनों पर रोक दी। दूसरे दिन के चायकाल तक भारत ने भी सिर्फ यशस्वी जायसवाल का विकेट खोकर 44 रन बना लिए थे। यशस्वी 13 रन बनाकर जोफ्रा आर्चर का शिकार हुए। करुण नायर 18 और केएल राहुल 13 रन बनाकर क्रीज पर थे।

    रूट का शतक, बुमराह का धमाका

    इंग्लैंड ने चार विकेट पर 251 रन के स्कोर से आगे खेलना शुरू किया और पहले दिन 99 रन पर वापस लौटे जो रूट ने अपना 37वां टेस्ट शतक पूरा किया। ला‌र्ड्स में सभी लोग रूट का अभिवादन करने के लिए खड़े हो गए। 99 रन वाली बेचैन रात बिताने वाले रूट ने भी इस अभिवादन को स्वीकार किया क्योंकि वह अब टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले शीर्ष-पांच खिलाड़ियों की सूची में शामिल हो गए हैं। उन्होंने राहुल द्रविड़ और स्टीव स्मिथ को पीछे छोड़ दिया।

    हालांकि जसप्रीत बुमराह दूसरे दिन कुछ अलग ही सोचकर आए थे। उन्होंने अपने लगातार दो ओवरों में इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स और शतकवीर रूट और गेंदबाज क्रिस वोक्स को पवेलियन की राह दिखा दी। रूट 11वीं बार भारतीय तेज गेंदबाज का शिकार बने। इस दौरान गिल को भी एक खुशी मिली क्योंकि उन्होंने अपने टेस्ट करियर का पहला सफल रिव्यू लिया जिसमें क्रिस वोक्स आउट हुए।

    स्मिथ का कैच छोड़ना भारी पड़ा

    इंग्लैंड ने 271 रन पर सात विकेट गंवा दिए थे। ये आठ विकेट भी हो सकते थे और इंग्लैंड की टीम 300 के अंदर भी आउट हो सकती थी लेकिन पांच रन के निजी स्कोर पर केएल राहुल ने जैमी स्मिथ का कैच छोड़ दिया। इसका फायदा उठाकर उन्होंने 51 रन बना डाले। एक बार फिर उन्होंने इंग्लैंड के निचले क्रम को उबारने में अहम भूमिका निभाई। उनका कौशल इस काम के लिए बिल्कुल उपयुक्त था।

    52 गेंदों में अर्धशतक लगाकर स्मिथ ने भारतीय टीम को चिंता में डुबो दिया। भारत ने स्मिथ को भुलाकर दूसरे छोर को तहस-नहस करने की कोशिश की, लेकिन वह भी काम नहीं आया। ब्रायडन कार्स इतनी अच्छी बल्लेबाजी कर रहे थे कि उन्होंने आकाश दीप की गेंद को कवर्स के ऊपर से मारा और घुटने के बल बैठकर बुमराह की गेंद को प्वाइंट के पार पहुंचा दिया। स्मिथ ने सीरीज में 400 रन पूरे किए। स्मिथ और कार्स ने आठवें विकेट के लिए 84 रन जोड़ डाले। सिराज ने इस साझेदारी को तोड़ा तो बुमराह ने आर्चर को आउट करके 15वीं बार पारी में पांच विकेट लिए।

    राहुल और करुण ने संभाला

    2019 में इसी मैदान में टेस्ट पदार्पण करने वाले जोफ्रा आर्चर लगभग चार साल बाद सबसे बड़े प्रारूप में गेंदबाजी करने उतरे। उन्होंने सैकड़ों घंटे इस सोच में बिताए कि इस प्रारूप में वापसी कर पाएंगे कि नहीं लेकिन आखिरकार उतरे और 93 मील प्रति घंटे की तूफानी रफ्तार से गेंद भी फेंकी।

    उनके और चोट के बीच एक खास रिस्ता रहा है लेकिन यह खिलाड़ी काफी हार नहीं माना और यही कारण है उसने आते ही अपने पहले ओवर की तीसरी गेंद पर जायसवाल को आउट कर दिया। उनकी पहली गेंद डेक पर लगी और सीम हो गई। दूसरी गेंद ऊपर की ओर पिच हुई और स्विंग हुई। तीसरी गेंद ने मानो जायसवाल को परेशान कर दिया। गेंद ने बल्ले का किनारा लिया और ब्रुक ने कैच लपका। और पूरा इंग्लैंड गर्व से आर्चर को देखकर झूम उठा।

    हालांकि इसके बाद शांतचित्त केएल राहुल और उनके पुराने दोस्त करुण नायर ने सतर्कता बरतते हुए बल्लेबाजी की। राहुल बेदाग दिखे। ऑफ स्टंप के आसपास उन्होंने जो अनुशासन और समझदारी दिखाई है, वह सीधी गेंदों के प्रति उनकी सतर्कता के साथ मेल खाता है। दूसरे सत्र में उन्होंने जितनी भी गेंदों का सामना किया है, उनमें से 95त्‍‌न पर उनका नियंत्रण रहा है। दूसरे छोर पर नायर पर दबाव बनाया जा रहा है।

    बेन स्टोक्स ने लेग गली और शार्ट लेग लगाकर जाल बिछाया था। आर्चर तेजी के साथ शार्ट गेंद फेंक रहे थे। यह रणनीति लगभग काम भी कर गई थी जब एक उठती हुई गेंद ने करुण को चौंका दिया। उनके आधे अधूरे शाट के कारण गेंद उनके दस्ताने से टकराकर स्क्वायर के पीछे बेन स्टोक्स के दाईं ओर चली गई। नायर ने भारतीय टेस्ट टीम में वापसी के लिए संघर्ष किया, लेकिन टीम में बने रहने के लिए उन्हें एक बड़ा स्कोर बनाना होगा।