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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 06, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

IPL 2020 के लिए VIVO से करार कैंसिल, फैंस के आगे झुकी BCCI

By Vikash GaurEdited By:
Published: Thu, 06 Aug 2020 03:38 PM (IST)

IPL 2020 BCCI ने इस बात का आधिकारिक ऐलान कर दिया है कि इस साल के आइपीएल के लिए चीनी मोबाइल कंपनी VIVO टाइटल स्पॉन्सर नहीं होगी।

IPL 2020 के लिए VIVO से करार कैंसिल, फैंस के आगे झुकी BCCI
IPL 2020 के लिए VIVO से करार कैंसिल, फैंस के आगे झुकी BCCI

नई दिल्ली, जेएनएन। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने IPL 2020 के लिए चीनी मोबाइल कंपनी VIVO के साथ बतौर टाइटल स्पॉन्सर अपनी राहें अलग कर ली हैं। 5 साल के लिए किया गया ये करार दो साल के बाद टूट रहा है। चीन के साथ टकराव का असर अन्य क्षेत्रों के साथ-साथ क्रिकेट पर भी पड़ा है। हालांकि, बीसीसीआइ ने अभी इस बात की पुष्टि की है कि VIVO फिलहाल 2020 के आइपीएल के मुख्य प्रायोजक के तौर पर नहीं रहेगा। IPL का आयोजन इस साल संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में 19 सितंबर से 10 नवंबर तक होना है। 

BCCI ने मीडिया को एक मेल जारी करते हुए इस बात का आधिकारिक ऐलान कर दिया है कि इस साल के आइपीएल के लिए चीनी मोबाइल VIVO टाइटल स्पॉन्सर नहीं होगी। बीसीसीआइ ने अपने मेल में कहा है, "भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) और vivo मोबाइल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने मिलकर 2020 में इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के लिए अपनी साझेदारी को स्थगित करने का निर्णय लिया है।"

बता दें कि भारत और चीन के सैनिकों के बीच पूर्वी लद्दाख में हुई हिंसक झड़प के बाद दोनों देशों में तनाव की स्थिति पैदा हो गई है। इस बीच भारतीय लोगों ने चीन के हर प्रकार के सामानों का बहिष्कार शुरू कर दिया है। ऐसे में बीसीसीआइ ने जब आइपीएल के 13वें सीजन का ऐलान किया था और बताया था कि वीवो ही इस साल आइपीएल की मुख्य प्रायोजक होगी तो क्रिकेट फैंस नाराज हो गए थे, क्योंकि इससे पहले बोर्ड के सचिव जय शाह ने कहा था कि वे चीनी कंपनियों के साथ हुए करार पर विचार करेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ था। 

भारतीय फैंस ने आइपीएल के टाइटल स्पॉन्सर (वीवो) के ऐलान होने के दूसरे ही दिन सोशल मीडिया पर बायकॉट आइपीएल के नाम से ट्रेंड शुरू कर दिया था, जिससे बीसीसीआइ को झुकना पड़ा और कम से कम इस साल के लिए वीवो के साथ अपनी डील को सस्पेंड कर दिया है। हालांकि, बीसीसीआइ ने स्पष्ट तौर पर इस बात की पुष्टि नहीं की है कि क्यों वीवो और बीसीसीआइ ने इस डील को एक साल के लिए स्थगित किया है।