(गावस्कर का कॉलम)

दक्षिण अफ्रीका इतिहास को देखते हुए उम्मीद कर रहा होगा कि गुलाबी दिवस फिर से उनकी टीम को जीत दिलाने वाला साबित होगा। दक्षिण अफ्रीकी खिलाड़ी स्तन कैंसर के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए गुलाबी कपड़े पहनकर खेलते हैं और अब तक इन मुकाबलों में कभी हारे नहीं हैं। इसके अलावा एबी डिविलियर्स की टीम में वापसी भी कोई छोटी बात नहीं है।

दुनिया जानती है कि वह कितना बड़ा कारण साबित हो सकते हैं और प्रोटियाज को उम्मीद होगी कि वह शानदार पारी के साथ टीम की किस्मत बदलें और गुलाबी दिवस पर उनकी जीत का रिकॉर्ड कायम रहे। वह खुद भी इस मौके पर शानदार पारियां खेल चुके हैं और एक और पारी खेलकर मार्करम एंड कंपनी को प्रेरित करेंगे।

खेल से पैसा बनाने को लेकर अक्सर आलोचना झेलने वाला भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआइ) ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका क्रिकेट बोर्ड से सीख सकता है कि हर सत्र में एक दिन किसी अच्छे काम के लिए तय कर लिया जाए और इसके जरिए जागरूकता फैलाई जाए। जिस बड़ी संख्या में इस खेल को पसंद किया जाता है, उससे एक वनडे मैच से भी बड़े पैमाने पर जागरूकता फैलाई जा सकती है। यहां तक पैसों की बरसात वाला आइपीएल भी फ्रेंचाइजी द्वारा चैरिटी में योगदान देकर इसे लेकर जलन को कम किया जा सकता है। हो सकता है कि यह रकम काफी छोटी हो, लेकिन अच्छे काम हमेशा अनमोल होते हैं।

मुंबई इंडियंस शिक्षा कार्यक्रम चलाकर शानदार काम कर रही है और बच्चों को नीली टीशर्ट पहने देखकर काफी खुशी होती है। बैंगलोर भी एक मैच में हरी जर्सी पहनकर उतरता है। ऐसे में सभी फ्रेंचाइजी आगे कदम बढ़ाएं तो हम एक बेहतर समाज बना सकते हैं।

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By Pradeep Sehgal