नई दिल्ली, विकाश गौड़। साल 1971 में जब वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट की शुरुआत हुई थी तो उस दशक में बड़ा स्कोर बना पाना हर खिलाड़ी के लिए कठिन होता था, लेकिन जैसे ही 80 का दशक आया तो फिर खिलाड़ी लंबी-लंबी पारियां खेलने लगे। 1983 तक भारतीय टीम के कप्तान कपिल देव के नाम एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का सबसे बड़ा स्कोर बनाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज था, लेकिन 1984 में आज ही के दिन यानी 31 मई को वेस्टइंडीज के महान खिलाड़ी सर विवियन रिचर्ड्स ने पहली बार वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में 180 रन का आंकड़ा पार किया था।

वर्ल्ड कप 1983 के फाइनल में भारत के हाथों मिली हार को छोड़ दें तो फरवरी 1980 से वेस्टइंडीज की टीम ने एक भी सीरीज और टूर्नामेंट नहीं हारा था। वर्ल्ड कप के बाद मई 1984 में वेस्टइंडीज की टीम इंग्लैंड के दौरे पर गई थी। इस दौरे पर वनडे सीरीज का पहला मैच 31 मई को मैनचेस्टर में खेला गया था। Texaco Trophy का ये पहला मुकाबला था, जिसमें वेस्टइंडीज के कप्तान क्लाइव लॉयड ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी चुनी थी, लेकिन टीम के दोनों ओपनर बल्लेबाज महज 11 रन के कुल स्कोर पर आउट हो गए थे।

इसके बाद टीम के लिए बल्लेबाजी करने उतरे उस समय के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज विव रिचर्ड्स। उन्होंने अपना विकेट तो नहीं गंवाया, लेकिन दूसरे छोर के बल्लेबाज आउट होते चले गए। 59 गेंदों में उन्होंने अपना अर्धशतक पूरा किया, लेकिन इस बीच टीम का स्कोर 4 विकेट के नुकसान पर 83 रन था। इसके बाद क्लाइव लॉयड, जैफ डुजोन और मैलकम मार्शल भी चलते बने। अब टीम का स्कोर 7 विकेट के नुकसान पर 102 रन था, लेकिन अभी रिचर्ड्स का सर्वश्रेष्ठ आना बाकी बचा हुआ था।

8वें विकेट के लिए विव रिचर्ड्स और Eldine Baptiste के बीच 59 रन की साझेदारी हुई, लेकिन बैपटिस्टे आउट हो गए। इसके बाद भी 14 ओवर बाकी थी। ऐसे में उन्होंने पहले अपना शतक पूरा किया और वेस्टइंडीज टीम का स्कोर 173 रन हो गया। 112 गेंदों में शतक पूरा करने के बाद उन्होंने अपने आतिशी हाथ दिखाने शुरू किए और दूसरे छोर के बल्लेबाज को कम मौका देते हुए 150 रन पूरे कर दिया। इस बीच टीम का स्कोर 200 के पार पहुंच गया था।

इस मैच में रिचर्ड्स ने 170 गेंदों में 21 चौके और 5 छक्कों के साथ 189 रन की पारी खेली थी। ये 1971 में शुरू हुई वनडे क्रिकेट के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के इस फॉर्मेट का सबसे बड़ा स्कोर था। 13 साल में पहली बार किसी ने 180 रन से ज्यादा की पारी खेली थी। वहीं, इसके 13 साल के बाद 1997 में ये रिकॉर्ड टूटा था, जब भारत के खिलाफ पाकिस्तानी ओपनर ने 194 रन की पारी खेली थी। वेस्टइंडीज ने उस मैच में 55 ओवर में 9 विकेट खोकर 272 रन बनाए थे और इंग्लैंड को 168 रन पर समेटकर मैच 104 रन से जीत लिया था।

शतक पूरा करने के बाद विवियन रिचर्ड्स ने महज 58 गेंदों में 86 रन जोड़े थे। आखिरी विकेट के लिए माइक होल्डिंग के साथ अकेले 106 रन जोड़े थे, जिसमें 12 रन होल्डिंग के थे। इस पारी को विजडन की महान वनडे पारियों में शामिल किया गया है। ये पारी उस समय पर आई थी, जब टीम को रनों की सख्त जरूरत था। इस पारी में वो सबकुछ देखने को मिला था, जैसा कि कपिल देव की वर्ल्ड कप की 175 रन की पारी में देखने को मिला था।

Posted By: Vikash Gaur

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