नई दिल्ली, जेएनएन। भारत और द. अफ्रीका के बीच जोहानिसबर्ग में खेले गए वनडे मैच को मेजबान टीम ने 5 विकेट से जीतकर मौजूदा वनडे सीरीज़ में अपनी जीत का खाता खोला। इस हार के बावजूद भारत ने सीरीज में 3-1 से बढ़त बनाई हुई है। द. अफ्रीका के लिए ये जीत बेहद जरुरी थी और इसके लिए प्रोटियाज ने अपने पुराने टोटके का इस्तेमाल किया और अपने इस रिकॉर्ड को बरकरार रखा। 

द. अफ्रीका का ये टोटका आया काम

इस सीरीज़ का चौथा वनडे मैच द. अफ्रीकी टीम ने पिंक जर्सी में खेला और गुलाबी जर्सी में खेलते हुए मेजबान ने अपने कभी भी न हारने के रिकॉर्ड को भी बरकरार रखा। द. अफ्रीका की टीम जब-जब भी पिंक जर्सी पहन कर मैदान पर उतरी है, तब-तब जीत का सेहरा प्रोटियाज के सिर ही बंधा है। अब तक दक्षिण अफ्रीका ने गुलाबी जर्सी में 6 वनडे मैच खेले हैं और सभी मुकाबलों में जीत द. अफ्रीकी टीम की ही हुई है।

गुलाबी जर्सी से भारत को दूसरी बार हराया

इस मैच से पहले भी एक बार द. अफ्रीका की टीम भारत को गुलाबी जर्सी में मात दे चुकी है। दिसंबर 2013 में खेले गए उस मुकाबले में विकेटकीपर बल्लेबाज़ क्विंटन डि कॉक ने ताबड़तोड़ पारी खेलते हुए 125 गेंदों में 135 रन ठोक दिए थे। प्रोटियाज ने उस मुकाबले में 141 रन की बड़ी जीत दर्ज की थी।

वांडर्रस में गुलाबी जर्सी में द. अफ्रीका की जीत

2013-      विरोधी पाकिस्तान-      34 रन से हराया

2013-      विरोधी भारत-             141 रन से किया पस्त

2015-      विरोधी वेस्टइंडीज़-       148 रन से दी मात

2017-      विरोधी इंग्लैंड-             एक विकेट से हराया
 
2017-      विरोधी श्रीलंका-            07 विकेट से हराया
 
2018-      विरोधी भारत-             07 विकेट से किया पस्त
 
बारिश ने भी दिया द. अफ्रीका का साथ

भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करने का फैसला किया। सलामी बल्लेबाज शिखर धवन ने करियर के 100वें वनडे अंतरराष्ट्रीय मैच में शतक जड़ा। धवन ने 10 चौकों और दो छक्कों की मदद से 109 रन बनाए, जिससे भारत ने निर्धारित 50 ओवर में सात विकेट पर 289 रन का स्कोर बनाया। बारिश की वजह से दक्षिण अफ्रीका को 28 ओवर में 202 रन का लक्ष्य मिला, जिसे उसने हेनरिक्स क्लासेन की ताबड़तोड़ पारी की बदौलत 15 गेंद बाकी रहते हासिल कर लिया। क्लासेन ने 27 गेंदों पर पांच चौकों और एक छक्के की मदद से नाबाद 49 रन बनाए। दक्षिण अफ्रीका ने 25.3 ओवर में पांच विकेट पर 207 रन बनाकर सीरीज ड्रॉ कराने की अपनी उम्मीद कायम रखीं।

टी-20 की तरह खेली द. अफ्रीकी टीम

बारिश की वजह से लक्ष्य छोटा हो गया तो द. अफ्रीका को 28 ओवर में 202 रन का लक्ष्य मिला। इससे मेजबान टीम को फायदा ये हो गया कि, उनके बल्लेबाज़ इस मैच को टी20 मैच के नजरिए से देखने लगे। बारिश तक द. अफ्रीका का एक ही विकेट गिरा था, तो उसे इससे ज़्यादा नुकसान नहीं हुआ। वहीं, भारतीय टीम इस मैच में पहले बल्लेबाज़़ी कर चुकी थी और भारत ने इस मैच को वनडे की ही रणनीति के साथ खेला था यानि की 50-50 ओवर के माइंटसेट के साथ, लेकिन द. अफ्रीका की पारी में बारिश के बाद लक्ष्य छोटा हुआ तो प्रोटियाज के लिए ये मुकाबला टी-20 में तब्दील हो गया और गेंद गीली हो जाने की वजह से भारतीय गेंदबाज़ों को भी ज़्यादा मदद नहीं मिल रही थी।    

भारत के पास अब भी है इतिहास रचने का मौका

टीम इंडिया भले ही वांडरर्स वनडे 5 विकेट से हार गई हो, लेकिन उसके पास अगले दो मुकाबलों में अभी भी इतिहास रचने का मौका है। भारतीय टीम द. अफ्रीका में अब तक एक बार भी वनडे सीरीज़ नहीं जीत सकी है। चौथे मैच को जीतकर टीम इंडिया के पास इस बार ये उपलब्धि हासिल करने का मौका था, लेकिन वांडर्रस में ऐसा हो न सका। इस सीरीज़ में अभी दो मैच बाकी है और कोहली की विराट सेना की नज़र इन मुकाबले में जीत हासिल करने इतिहास रचने पर होगी।

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Posted By: Pradeep Sehgal