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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 03, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पाकिस्तानी बल्लेबाज को 'बंदर' बनाने वाला ये भारतीय खिलाड़ी कभी नहीं लगा पाया शतक

By Vikash GaurEdited By:
Published: Tue, 03 Sep 2019 07:18 PM (IST)Updated: Wed, 04 Sep 2019 08:35 AM (IST)

Happy Birthday Kiran More टीम इंडिया के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज किरण मोरे को उनके क्रिकेट के योगदान के लिए कम ...और पढ़ें

पाकिस्तानी बल्लेबाज को 'बंदर' बनाने वाला ये भारतीय खिलाड़ी कभी नहीं लगा पाया शतक
पाकिस्तानी बल्लेबाज को 'बंदर' बनाने वाला ये भारतीय खिलाड़ी कभी नहीं लगा पाया शतक

नई दिल्ली, जागरण स्पेशल। Happy Birthday Kiran More: टीम इंडिया के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज किरण मोरे को उनके क्रिकेट के योगदान के लिए कम और वर्ल्ड कप 1992 के एक मैच के लिए ज्यादा जाना जाता है। किरण मोरे ने भारतीय टीम की ओर से 143 इंटरनेशनल मैच खेले हैं, लेकिन कभी शतक नहीं लगाया है। हालांकि, बतौर विकेटकीपर किरण मोरे का रिकॉर्ड ठीक-ठाक है, लेकिन बतौर बल्लेबाज वे हमेशा असफल रहे हैं।

साल 1962 में आज ही के दिन 4 सितंबर को गुजरात के बड़ौदा में जन्मे किरण मोरे के साथ साल 1992 के वर्ल्ड कप में ऐसा वाक्या हुआ था, जिसे हमेशा याद किया जाता है। दरअसल, भारत और पाकिस्तान के बीच सिडनी के एससीजी में लीग मैच खेला गया। इस मैच में भारतीय टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए सचिन तेंदुलकर की 54 रन की पारी के दम पर 216 रन बनाए थे। इसके बाद जब पाकिस्तान की टीम बल्लेबाजी करने उतरी तो एक अजीब वाक्या देखने को मिला।

ये था पाकिस्तानी को 'बंदर' बनाने वाला मामला

दरअसल, पाकिस्तान टीम के बल्लेबाज जावेद मिंयादाद और किरण मोरे के बीच इस मैच में काफी वार्तालाप हुआ जो अमर्यादित शब्दों में भी बदल गया। इसी बात से नाराज होकर जावेद मिंयादाद ने अंपायर से शिकायत की, लेकिन कुछ नहीं हुआ। इसके बाद एक गेंद जावेद मिंयादाद ने मिड ऑफ पर खेली और रन लेना चाहते थे, लेकिन दूसरे छोर पर खड़े बल्लेबाज ने मना कर दिया।

इस बीच गेंद किरण मोरे के पास पहुंच गई थी। किरण मोरे ने गेंद को पकड़ और उछलकर विकेट से लगा दिया। इसके बाद जब सब शांत हो गया तो जावेद मिंयादाद से क्रीज में खड़ा नहीं रहा गया और वे बंदर की तरह उछल कूद करने लगे। इसे देखकर हर कोई हैरान रह गया। यहां तक कि आज भी इस वाक्ये को याद करके हर कोई हंसता है।

कभी नहीं लगा पाए शतक

आपको बता दें, किरण मोरे ने साल 1984 में पुणे में इंग्लैंड के खिलाफ वनडे मैच में डेब्यू किया था। इसके बाद से साल 1993 तक किरण मोरे ने टीम इंडिया के लिए 94 वनडे इंटरनेशनल मैच खेले। इस दौरान उन्होंने 94 वनडे मैचों की 65 पारियों में 22 बार नाबाद रहते हुए 13.09 की औसत से 563 रन बनाए थे। वनडे क्रिकेट में किरण मोरे के नाम एक भी अर्धशतक नहीं। इनका वनडे में सबसे बड़ा निजी स्कोर 42 रन नाबाद है।

वहीं, टेस्ट क्रिकेट में किरण मोरे के नाम 49 मैचों की 64 पारियों में 1285 रन बनाने का रिकॉर्ड दर्ज हैं। किरण मोरे ने 25.7 के औसत से टेस्ट क्रिकेट में रन बनाए थे। किरण मोरे के नाम टेस्ट क्रिकेट में 7 अर्धशतक दर्ज हैं। टेस्ट क्रिकेट में भी किरण मोरे कभी तीन अंकों में अपने निजी स्कोर को नहीं ले जा पाए थे। किरण मोरे फिलहाल कोचिंग और कॉमेंट्री से जुड़े हुए हैं।

कई साल तक भारतीय टीम के चीफ सलेक्टर रहने वाले किरण मोरे ने बतौर विकेटकीपर इंग्लैंड के खिलाफ 3 मैचों की टेस्ट सीरीज में 16 कैच पकड़कर सनसनी मचाई थी। बतौर विकेटकीपर किरण मोरे का रिकॉर्ड कुछ इस तरह है कि उन्होंने टेस्ट मैचों में 110 कैच और 20 स्टंपिंग किए हैं। जबकि वनडे में उनके नाम 63 कैच और 27 स्टंपिंग करने का रिकॉर्ड है।