नई दिल्ली, [जागरण स्पेशल]। भारत और इंग्लैंड के बीच खेले जा रहे पांचवें टेस्ट मैच के पांचवें दिन भारत के ओपनिंग बल्लेबाज़ लोकेश राहुल ने शानदार शतक ठोक दिया। ये उनके टेस्ट करियर का पांचवीं सेंचुरी रही। इंग्लैंड के खिलाफ राहुल का ये दूसरा शतक रहा, लेकिन एक वजह से ये सैंकड़ा इस खिलाड़ी के लिए बेहद खास रहा।

राहुल के लिए खास है ये शतक

इंग्लैंड के खिलाफ भले ही राहुल का ये दूसरा शतक हो, लेकिन इंग्लैंड की धरती पर ये उनका पहला शतक रहा। इससे भी खास बात ये है कि राहुल का ये टेस्ट शतक 28 पारियों और 20 महीने के बाद आया है। राहुल ने अपने टेस्ट करियर का पांचवां शतक लगाने के लिए 118 गेंदों का सामना किया। इस दौरान उन्होंने अपनी स्टाइलिश बल्लेबाज़ी से दर्शकों का मनोरंजन करते हुए 16 चौके और एक शानदार छक्का भी लगाया। इससे पहले राहुल ने जो शतक लगाया था वो दो साल पहले इंग्लैंड के खिलाफ ही जड़ा था। चेपॉक के मैदान पर वो दोहरे शतक से चूक गए थे। उस मुकाबले में वो 199 रन बनाकर आउट हो गए थे। खास बात ये है कि इस शतक से पहले राहुल इस सीरीज़ में एक अदद अर्धशतक के लिए तरस रहे थे। उससे भी अहम बात ये कि ये इस सीरीज़ में किसी भी भारतीय ओपनर द्वारा लगाया गया पहला शतक रहा।

राहुल ने समझदारी से ठोका शतक

ओवल टेस्ट की दूसरी पारी में भारत को जीत के लिए 464 रन का लक्ष्य मिला था। भारत की शुरुआत इतनी खराब रही थी कि एक रन के स्कोर पर ही भारत के दो विकेट गिर गए थे। इसके बाद दो रन के स्कोर पर कप्तान कोहली भी आउट हो गए थे। राहुल को रहाणे का साथ मिला और इन दोनों ने 118 रनों की साझेदारी की और फिर रहाणे भी साथ छोड़ गए। विहारी भी एक रन तक साथ रहे और आउट हो गए। लेकिन राहुल ने एक छोर संभाले रखा और फिर शतक बनाकर ही दम लिया। इस टेस्ट मैच के पांचवें दिन लंच तक राहुल 108 रन बनाकर नाबाद रहे। लंच से पहले तक पंत और राहुल के बीच 46 रन की साझेदारी हो गई थी। 

राहुल के टेस्ट शतक 

पहला शतक- 110 रन, बनाम ऑस्ट्रेलिया, सिडनी, 2015

दूसरा शतक- 108 रन- बनाम श्रीलंका, प्रेमदासा, 2015

तीसरा शतक- 158 रन- बनाम वेस्टइंडीज़, किंगस्टन, 2016

चौथा शतक- 199 रन- बनाम इंग्लैंड, चेन्नई, 2016

पांचवां शतक- 149 रन- बनाम इंग्लैंड, ओवल, 2018

लोकेश के लिए इस वजह से भी खास रहा ओवल टेस्ट

ओवल टेस्ट के चौथे दिन इंग्लैंड की दूसरी पारी में केएल राहुल ने बेन स्टोक्स का कैच पकड़कर राहुल द्रविड़ के एक सीरीज में सबसे ज्यादा 13 कैच लेने के भारतीय रिकॉर्ड को तोड़ दिया। उन्होंने पहली पारी में ब्रॉड का कैच लेकर एक टेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा 13 कैच लपकने के पूर्व भारतीय कप्तान द्रविड़ के रिकॉर्ड की बराबरी की थी जो उन्होंने 2004 में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के दौरान बनाया था।

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Posted By: Pradeep Sehgal