एक ही दिन में दो टेस्ट हैट्रिक लेकर इस खिलाड़ी ने बनाया था वर्ल्ड रिकॉर्ड, 109 साल से है अटूट
एक दिन में दो टेस्ट हैट्रिक। ये बहुत मुश्किल लगता है लेकिन ऐसा हो चुका है। आज से 109 साल पहले कंगारू टीम के स्पिनर जिम्मी मैथ्यूज ने ये कर दिखाया है जब उन्होंने दो हैट्रिक एक दिन लीं।

नई दिल्ली, जेएनएन। टी20 और वनडे क्रिकेट में हैट्रिक लेना थोड़ा आसान है, क्योंकि इस प्रारूप में खिलाड़ी रन बनाने के लिए खराब शॉट खेलते हैं, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में ऐसा बहुत कम बार देखा जाता है जब किसी गेंदबाज को हैट्रिक नसीब हो, लेकिन एक खिलाड़ी एक दिन में दो बार ये काम किया है। ये अपने आप में एक बड़ा विश्व रिकॉर्ड है, जिसे तोड़ना नामुमकिन तो नहीं है, लेकिन मुमकिन भी नहीं लगता, क्योंकि टेस्ट क्रिकेट में कोई बल्लेबाज इतनी आसानी से आउट नहीं होता है। हालांकि, आज से 109 साल पहले जो हुआ उसका कोई जवाब नहीं है।
दरअसल, ऑस्ट्रेलिया, साउथ अफ्रीका और इंग्लैंड के बीच साल 1912 में ट्रायंगुलर टेस्ट सीरीज खेली गई थी। इस सीरीज के पहले मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया के सामने साउथ अफ्रीका की टीम थी। इस मैच में मैनचेस्टर के मैदान पर ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 122.3 ओवर में 448 रन बनाए, जिसमें Warren Bardsley (121) और Charles Kelleway (114) की शतकीय पारियां शामिल थीं। उधर, सिड पेलगर ने साउथ अफ्रीका के लिए 6 विकेट चटकाए थे, लेकिन 27 मई को शुरू हुए इस मैच के दूसरे दिन जो हुआ वो हैरान करने वाला था।
ऑस्ट्रेलियाई टीम ने गेंदबाजी की जिम्मेदारी संभाली तो पहली पारी में साउथ अफ्रीका ने Aubrey Faulkner की 122 रन की पारी के दम पर 265 रन बना लिए थे। जब फॉक्नर पुछल्ले बल्लेबाजों के साथ खेल रहे थे तो जिम्मी मैथ्यूज गेंदबाजी करने आए और उन्होंने लगातार तीन गेंदों पर दो सेट बल्लेबाज और एक टेल-एंडर बैट्समैन को पवेलियन भेजकर हैट्रिक अपने नाम की। जिम्मी मैथ्यूज ने रोलैंड ब्यूमाउंट, सिड पेगलर और टॉमी वार्ड को आउट किया। ये सब 28 मई को हुआ और फिर उन्होंने उसी दिन दूसरी हैट्रिक भी पूरी की।
मैच के दूसरे ही दिन 183 रन से पिछड़ने के बाद साउथ अफ्रीका को फॉलोऑन खेलना पड़ा और इस दौरान जिम्मी मैथ्यूज भी गेंदबाजी करने आए तो उन्होंने फिर से हैट्रिक ली। इस बार उन्होंने हेरबी टेलर, रेगी सचवार्ट्ज और टॉमी वार्ड को चलता किया। इस तरह जिम्मी मैथ्यूज ने एक ही दिन में दो हैट्रिक लेने का काम किया। ये एक विश्व रिकॉर्ड है, जो टूट तो सकता है, लेकिन इस रिकॉर्ड को तोड़ना आज के समय में आसान नहीं है।
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