Vaibhav Suryavanshi की सचिन तेंदुलकर से तुलना! पूर्व चयनकर्ता बोले- वो विशेष है, लेकिन...
14 साल के वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल 2025 में राजस्थान रॉयल्स के लिए अपना डेब्यू किया। उन्होंने गुजरात टाइटंस के खिलाफ सबसे तेज शतक लगाने का रिकॉर्ड बनाकर सुर्खियां बटोरी। वैभव सूर्यवंशी की तुलना महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर से की जाने लगी जिसके बारे में पूर्व चयनकर्ता ने प्रतिक्रिया दी है। पूर्व चयनकर्ता ने वैभव सूर्यवंशी को विशेष प्रतिभा करार दिया।
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। 14 साल के वैभव सूर्यवंशी क्रिकेट की नई सनसनी बनकर उभरे। वह आईपीएल में डेब्यू करने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने। बाएं हाथ के बल्लेबाज ने 19 अप्रैल 2025 को लखनऊ सुपरजायंट्स के खिलाफ राजस्थान रॉयल्स के लिए अपना आईपीएल डेब्यू किया।
याद हो कि आईपीएल 2025 मेगा नीलामी में राजस्थान रॉयल्स ने वैभव सूर्यवंशी को 1.10 करोड़ रुपये में खरीदा था। युवा बल्लेबाज ने पहले ही मैच में 20 गेंदों में 34 रन की पारी खेलकर अपना प्रभाव छोड़ा और फिर आईपीएल में शतक जमाने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने। उन्होंने 14 साल और 32 दिन की उम्र में आईपीएल शतक जमाया था।
वैभव सूर्यवंशी ने गुजरात टाइटंस के खिलाफ केवल 35 गेंदों में शतक ठोककर इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज कराया। वो आईपीएल इतिहास में दूसरा सबसे तेज शतक जमाने वाले बल्लेबाज बने जबकि सबसे तेज शतक जड़ने वाले भारतीय बल्लेबाज बने।
ऐसे हुई क्रिकेट में शुरुआत
वैभव सूर्यवंशी महज पांच साल के थे, जब उनकी क्रिकेट की यात्रा शुरू हुई। 9 साल की उम्र में वह क्रिकेट एकेडमी से जुड़े और 12 की उम्र में वीनू मांकड ट्रॉफी के लिए बिहार की अंडर-19 में चुने गए। हाल ही में भारतीय अंडर-19 टीम के इंग्लैंड दौरे की तैयारी मुकाबले में वैभव ने 90 गेंदों में 190 रन की तूफानी पारी खेली थी।
यह भी पढ़ें: EXCLUSIVE:14 साल के Vaibhav Suryavanshi की सफलता का खुला राज, पिता ने बताया कौन रहा पर्दे के पीछे का असली हीरो
सचिन से हुई तुलना
वैभव सूर्यवंशी ने बहुत ही कम उम्र में उपलब्धि हासिल की और यही वजह रही कि उनकी तुलना महान सचिन तेंदुलकर से होने लगी। तेंदुलकर ने 16 की उम्र में भारत के लिए डेब्यू किया था। उन्होंने 1989 में पाकिस्तान के खिलाफ अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया था।
भारतीय टीम के पूर्व चयनकर्ता वेंकटपति राजू ने वैभव सूर्यवंशी के सीनियर भारतीय टीम में चुने जाने पर धैर्य रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा, 'हां, सूर्यवंशी काफी समय लेंगे। वो उन लोगों में से एक हैं, जिन्हें अंडर-19 क्रिकेट में बेहतर प्रदर्शन करने की जरुरत है। उन्हें घरेलू क्रिकेट में दमदार प्रदर्शन करना होगा। चार दिवसीय मैचों में प्रदर्शन करना होगा। हमें उनको समय देना होगा। देखिए प्रतिभा हम सभी ने उनकी देख ली कि वो सफेद गेंद के साथ क्या कर सकते हैं।'
निरंतरता का महत्व
राजू ने तेंदुलकर के साथ वैभव की तुलना पर कहा कि युवा बल्लेबाज को निरंतरता पर ध्यान देना होगा और लंबे प्रारूप में अनुभव की जरुरत पड़ेगी।
यह निरंतरता पर निर्भर करता है ना? हम इस पर विश्वास करते हैं। हम भले ही बात करें कि कोई सचिन जैसा है? पहले रणजी ट्रॉफी डेब्यू में उसने शतक लगाया। दलीप ट्रॉफी में शतक, शेष भारत के लिए शतक। सभी तीन दिवसीय मैच थे। सभी चार दिवसीय मैच। सभी पांच दिवसीय मैच। तो इसी तरह मेरे ख्याल से जब आप जानते हैं कि प्रतिभा है, तो हमें उसे खेलने का पर्याप्त समय देना चाहिए कि वो अच्छा करे। आपको महसूस हो कि वो वाकई अच्छा है और प्रदर्शन कर सकता है तो क्यों नहीं सीनियर टीम में मौका मिले। उसे जरूर टीम में लाया जाएगा।
युवा प्रतिभा हैं वैभव
बता दें कि वैभव सूर्यवंशी इस समय भारतीय अंडर-19 टीम के साथ इंग्लैंड में हैं। वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपना विकास करने में जुटे हुए हैं। घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में अचानक प्रगति के कारण वैभव सूर्यवंशी को सबसे शानदार प्रतिभाओं में से एक माना जा रहा है।
यह भी पढ़ें: नहीं थम रहा वैभव सूर्यवंशी का तूफान, फिर निकाला गेंदबाजों का कचूमर, 90 गेंदों में ठोके 190 रन
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।