Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    कोलकाता में कौन सी चीज होगी हार-जीत का बड़ा फैक्टर, सौरव गांगुली ने किया खुलासा

    By Vikash GaurEdited By:
    Updated: Sun, 21 Nov 2021 09:24 AM (IST)

    Ind vs NZ Final T20I कोलकाता के ईडन गार्डेंस पर भारत और न्यूजीलैंड के बीच आखिरी टी20 इंटरनेशनल मैच खेला जाएगा। इस मैच से पहले बीसीसीआइ के मौजूदा अध्यक्ष और बंगाल क्रिकेट संघ के पूर्व प्रमुख सौरव गांगुली ने ओस को बड़ा फैक्टर बताया है।

    Hero Image
    सौरव गांगुली ने ईडन गार्डेंस को लेकर बयान दिया है

    राज्य ब्यूरो, कोलकाता। लंबे समय तक बंगाल क्रिकेट संघ के प्रशासक रहे पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने यहां के ईडन गार्डेंस मैदान पर होने पर वाले भारत बनाम न्यूजीलैंड मैच को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआइ के मौजूदा अध्यक्ष सौरव गांगुली ने बताया है कि कोलकाता में होने वाले आखिरी टी20 मैच में हार-जीत का फैसला सबसे ज्यादा किस बात पर निर्भर होगा। कोलकाता के ईडन गार्डेंस में ही बंगाल क्रिकेट संघ का दफ्तर है।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    कोलकाता के ईडन गार्डेंस को एक क्रिकेटर, एक प्रशासक और एक प्रशंसक के तौर पर शायद ही कोई सौरव गांगुली से ज्यादा जानता और पहचानता होगा, तभी तो उन्होंने हार-जीत वाले फैक्टर की बात की है। सौरव गांगुली ने कहा कि यहां भारत-न्यूजीलैंड के बीच रविवार को होने वाले तीसरे व आखिरी टी20 मैच में ओस फैक्टर साबित हो सकता है। जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में हुए पहले टी20 मैच और रांची के जेएससीए क्रिकेट स्टेडियम में हुए दूसरे मैच में भी ओस बड़ा कारक थी।

    सौरव गांगुली ने कहा, "ईडन का विकेट हमेशा की तरह अच्छा है, लेकिन ओस फैक्टर साबित हो सकता है। देखते हैं क्या होता है।" बीसीसीआइ अध्यक्ष और कैब के पूर्व मुखिया सौरव गांगुली ने शुक्रवार की शाम ईडन गार्डेंस का मुआयना भी किया था। इस बीच बंगाल क्रिकेट संघ (कैब) के सूत्रों से पता चला है कि ओस के प्रभाव को कम करने के लिए ग्राउंड पर खास तरह के स्प्रे का छिड़काव किया जाएगा। हालांकि, इससे कितनी कामयाबी मिल पाएगी, ये वक्त ही बताएगा।

    सौरव गांगुली के बयान से एक बात तो स्पष्ट हो गई है कि जो टीम पहले बल्लेबाजी करेगी, उसको स्कोर को डिफेंड करने में परेशानी होगी। वैसे तो ओस का प्रभाव सात बजे से ही शुरू हो जाता है, लेकिन आखिर में बल्लेबाजी करने वाली टीम को इससे ज्यादा फायदा होता है, क्योंकि तेज गेंदबाजों के साथ-साथ स्पिनरों को भी गीली गेंद को पकड़ने में कठिनाई होती है और इसका फायदा बल्लेबाजी वाली टीम उठाती है। ऐसे में जो भी टीम टास जीतेगी, वो पहले गेंदबाजी करना पसंद करेगी।