नई दिल्ली, एएनआइ। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की बल्लेबाज पूनम राउत को लगता है कि महिला इंडियन प्रीमियर लीग (WIPL) न केवल युवा खिलाड़ियों को वैश्विक स्तर पर अपने कौशल का प्रदर्शन करने का मौका देगी, बल्कि उन खिलाड़ियों की भी मदद करेगी जो भारतीय टीम में वापसी करना चाहते हैं। भारत के लिए 4 टेस्ट, 73 वनडे और 35 टी20 इंटरनेशनल मैच खेल चुकीं पूनम राउत ने यह भी कहा कि WIPL जैसा टूर्नामेंट भी खिलाड़ियों को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाएगा, क्योंकि वे शोपीस इवेंट में अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के साथ खेलेंगी।

पूनम राउत ने न्यूज एजेंसी से बात करते हुए कहा, "जाहिर है, जब हमें अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के साथ खेलने का मौका मिलता है तो इससे खिलाड़ियों का खेल खेलने का उत्साह बढ़ता है और खेल में काफी सुधार होता है। 15-20 खिलाड़ियों को ही भारत के लिए खेलने का मौका मिलता है, लेकिन ऐसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं। भारतीय रेलवे में ही दो टीमें हो सकती हैं, ऐसी यहां की प्रतिभा है, लेकिन चूंकि भारत में केवल 20 या 15 ही खेल सकते हैं, कई प्रतिभाशाली क्रिकेटर मौके से चूक जाते हैं।"

उन्होंने आगे कहा, "यदि खिलाड़ियों को एक वुमेंस आइपीएल में खेलने को मिलता है और इसके अलावा खेल का प्रसारण होता है, तो इससे खिलाड़ियों को प्रसिद्धि मिलने की संभावना बढ़ जाती है। महिला आइपीएल उन खिलाड़ियों की भी मदद करेगा, जो टीम में वापसी करना चाहते हैं, जैसे पुरुषों के आइपीएल में ऐसे कई खिलाड़ी हैं, जिन्होंने रणजी क्रिकेट नहीं खेला, लेकिन आइपीएल में अच्छे प्रदर्शन के बाद भारतीय टीम में जगह बनाई।"

आइपीएल के वर्तमान महिला संस्करण यानी 'वुमेंस टी20 चैलेंज' में तीन टीमें हैं, लेकिन पूनम राउत ने कहा कि भारत को जो प्रतिभा पूल मिला है, उसे समायोजित करने के लिए कम से कम छह टीमें होनी चाहिए। पूनम राउत ने कहा, "मैं तीन टीमों के बारे में बात नहीं कर रही हूं, मुझे लगता है कि महिला आइपीएल में कम से कम छह टीमें होनी चाहिए ताकि अधिक से अधिक खिलाड़ियों को खेल के माध्यम से अवसर मिल सकें।"

Edited By: Vikash Gaur