वेस्टइंडीज के खिलाफ हार के बाद अश्विन ने गौतम गंभीर को बताया 'नासमझ', गावस्कर ने भी निकाली अपनी भड़ास
वेस्टइंडीज के खिलाफ हैदराबाद में खेले गए चौथे टी20 मैच में भारत को 24 रनों से हार का सामना करना ...और पढ़ें

रविचंद्रन अश्विन-सुनील गावस्कर

समय कम है?
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जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। वेस्टइंडीज के विरुद्ध चौथे टी-20 मुकाबले में 24 रन से मिली हार के बाद कई पूर्व क्रिकेटरों ने भारत के प्रदर्शन व टीम प्रबंधन के निर्णयों पर सवाल उठाए हैं। पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने बल्लेबाजों को लक्ष्य का पीछा करते समय अधिक जिम्मेदारी लेने की सलाह दी, जबकि पूर्व भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने कुलदीप यादव को एकादश से बाहर रखने पर हैरानी जताई।
हैदराबाद में हार के बाद पांच मैचों की यह टी-20 सीरीज 2-2 से बराबरी पर है और अब विजेता का निर्णय शनिवार को बेंगलुरु में होगा। गावस्कर ने जियोस्टार से कहा, इस भारतीय टीम को सबसे पहले अपने लक्ष्य का पीछा करने के तरीके में सुधार करना होगा। बल्लेबाजी इकाई को अधिक जिम्मेदारी दिखानी होगी। अगर बल्लेबाज जिम्मेदारी नहीं लेते हैं, तो यह टीम सफल नहीं होगी।
सुनील गावस्कर गुस्से से हुए लाल
उन्होंने कहा कि ओस से प्रभावित पिच पर भारत को लगातार दो टी-20 विश्व कप जीतने वाली टीम की तरह दबदबा दिखाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। गावस्कर के अनुसार, संजू सैमसन ने शानदार शुरुआत दिलाई, लेकिन दूसरे बल्लेबाज उसका फायदा नहीं उठा सके।
उन्होंने अभिषेक शर्मा की पारी को उनके स्तर के अनुरूप नहीं बताया। ईशान किशन की बल्लेबाजी को कीमो पॉल के जाल में फंसना करार दिया और कहा कि श्रेयस अय्यर भी शतक लगाने के बाद से लय हासिल नहीं कर पाए हैं। हालांकि, गावस्कर ने युवा गेंदबाजों को बड़े स्कोर के लिए जिम्मेदार ठहराने से परहेज किया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में नए गेंदबाजों को अनुभव हासिल करने के लिए रन पड़ने का सामना करना होगा।
कुलदीप को बाहर रखने पर अश्विन हैरान
अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा कि वेस्टइंडीज के बल्लेबाज कुलदीप की गुगली और लेग स्पिन को अच्छी तरह नहीं पढ़ पा रहे हैं, ऐसे में उन्हें बाहर रखना समझदारी भरा फैसला नहीं था। कुलदीप ने लखनऊ में पहले टी-20 में 33 रन देकर दो विकेट लिए थे, जबकि रांची में 53 रन खर्च किए थे। इसके बाद उन्हें इंदौर और हैदराबाद में मौका नहीं मिला।
अश्विन ने कहा, अगर आप वेस्टइंडीज के खिलाफ कुलदीप को बाहर रखते हैं, तो इसमें थोड़ी सामान्य समझ की कमी नजर आती है। मुझे लगता है कि उनकी मौजूदगी से 15-20 रन का अंतर पड़ सकता था। उन्होंने इंदौर में छोटे मैदान के कारण कुलदीप को बाहर रखने के फैसले का समर्थन किया, लेकिन रांची की हार का ठीकरा अकेले उन पर फोड़ने को गलत बताया। कुलदीप ने इससे पहले वनडे सीरीज में तीन मैचों में सात विकेट लिए थे।
संजू ने किया गेंदबाजों का बचाव
भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन ने हार के बाद गेंदबाजों का बचाव करते हुए कहा कि उभरते हुए तेज गेंदबाज अनुभव हासिल करने के साथ बेहतर होते जाएंगे। वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किए जाने के बाद तीन विकेट पर 247 रन बनाए जिसके जवाब में भारतीय टीम 19.3 ओवर में 223 रन पर आउट हो गई।
सैमसन ने स्वीकार किया कि भारत के पास जसप्रीत बुमराह का कोई विकल्प नहीं है जिन्हें विश्राम दिया गया है। उन्होंने मैच के बाद कहा, उनके जैसे गेंदबाज विरले ही पैदा होते हैं और हम भाग्यशाली हैं कि हमारे पास उनके जैसा गेंदबाज है, लेकिन हमारे पास कुछ अच्छे युवा तेज गेंदबाज हैं। अर्शदीप सिंह शानदार प्रदर्शन कर रहा है और पिछले कुछ मैचों में प्रिंस यादव की गेंदबाजी बेहद प्रभावशाली रही है। हम उन्हें जितना अधिक खेलने का मौका देंगे उतना ही वह बेहतर होते जाएंगे।
भारतीय गेंदबाजों की शर्मनाक गेंदबाजी
भारतीय गेंदबाज वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों पर अंकुश लगाने में नाकाम रहे। मयंक यादव और अर्शदीप सिंह ने अपने-अपने चार ओवरों में 52-52 रन लुटाए। भारतीय पारी के आखिरी ओवर में शमार जोसेफ की शॉर्ट पिच गेंद अर्शदीप की बायीं बांह पर लगी जिसके कारण उन्हें मैदान छोड़ना पड़ा।
