नई दिल्ली, आइएएनएस। लेग स्पिनर रवि बिश्नोई ने हाल ही में दक्षिण अफ्रीका में खत्म हुए अंडर-19 विश्व कप में शानदार प्रदर्शन करते हुए 17 विकेट अपने नाम किए और वह टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बने। बिश्नोई के लिए अब आगे देखने का समय है और वह इंडियन प्रीमियर लीग (आइपीएल) में अनिल कुंबले के मार्गदर्शन में अपने खेल में पैनापन लाना चाहते हैं।

आइपीएल 2020 में किंग्स इलेवन पंजाब के लिए चुने गए बिश्नोई ने कहा कि वह कुंबले के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताकर सीखना चाहते हैं। बिश्नोई ने कहा कि मैं इस बात को लेकर काफी उत्साहित हूं कि मुझे आइपीएल में कुंबले सर के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा। मेरी कोशिश उनका दिमाग पढ़ने और उनसे ज्यादा से ज्यादा सीखने की होगी। मैं उनके साथ रहकर अपनी गेंदबाजी को और बेहतर करना चाहूंगा।

बिश्नोई ने अपनी लेग स्पिन से टीम को अहम समय पर सफलताएं दिलाईं। उनका कहना है कि दक्षिण अफ्रीका में उनका एक ही मकसद था कि वह अपनी टीम के लिए मैच जीतें। उन्होंने कहा कि मैं वहां रिकॉर्ड के लिए नहीं गया था। मेरा मकसद टीम के लिए मैच जीतना था और ट्रॉफी के साथ लौटना था। मैं जब भी मैदान पर उतरता था तब मेरे दिमाग में यही होता था। मैं उस तरीके से अपना योगदान देना चाहता था कि अंत में हम मैच जीतकर लौटें।

टीम हालांकि फाइनल जीत नहीं सकी और बांग्लादेश के हाथों हार गई। क्या वह इससे निराश हैं? इस पर बिश्नोई ने कहा कि अगर मैं कहूं कि मैं निराश नहीं हूं तो गलत होगा। यह मेरी यादों में हमेशा रहेगा कि हम अंतिम पड़ाव पार नहीं कर सके। हमने पूरे टूर्नामेंट में अच्छा किया, लेकिन फाइनल जीतते तो और अच्छा होता। फाइनल मैच के बाद विवाद ने भी हवा पकड़ ली थी। दोनों टीमों के खिलाड़ी अंत में एक-दूसरे से उलझ पड़े थे। इसी कारण आइसीसी ने पांच खिलाडि़यों को सजा भी दी, जिसमें बिश्नोई का नाम भी शामिल है। बिश्नोई हालांकि इस बारे में बात नहीं करना चाहते। उन्होंने कहा कि मैं इस पर किसी तरह की टिप्पणी नहीं करना चाहता। अतीत में जो कुछ भी हुआ, मैं उसमें नहीं जाना चाहता।

बिश्नोई अब आगे बढ़ते हुए आइपीएल पर ध्यान देना चाहते हैं जिसमें अभी 45 दिन का समय बाकी है। उन्होंने कहा कि अंडर-19 विश्व कप और आइपीएल किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए दो अहम मंच हैं। यह ऐसे टूर्नामेंट हैं जहां आपके प्रदर्शन को देखा जाता है और चयनकर्ता ध्यान देते हैं इसलिए मैं अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करूंगा क्योंकि अंत में हम सभी भारतीय टीम के लिए खेलना चाहते हैं। मुझे जब भी मौका मिलेगा मैं अपना 10 फीसदी देना चाहता हूं। बिश्नोई से जब पूछा गया कि क्या वह अपनी बल्लेबाजी पर काम कर रहे हैं तो उन्होंने कहा कि आप सिर्फ एक गेंदबाज या सिर्फ एक बल्लेबाज के तौर पर ही नहीं रुक सकते। आज के दिन आपको काफी कुछ आना चाहिए और मैं ऐसा ही करने की कोशिश कर रहा हूं। मैं अपनी बल्लेबाजी पर भी काम कर रहा हूं और उम्मीद है कि मैं एक उपयोगी बल्लेबाज बन सकूं।

Posted By: Sanjay Savern

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