नई दिल्ली, (अभिषेक त्रिपाठी)। हाल ही में प्रशासकों की समिति (सीओए) ने राजस्थान के पूर्व डीजीपी अजय सिंह को बीसीसीआइ की भ्रष्टाचार निरोधी इकाई (एसीयू) का प्रमुख बनाने का फैसला किया था। अब उस फैसले पर उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी आनंद लाल बनर्जी ने सवाल खड़े कर दिए हैं।

दरअसल आनंद लाल ने भी बीसीसीआइ के एसीयू प्रमुख पद के लिए आवेदन किया था लेकिन उनके मुताबिक तमाम पात्रता होने के बावजूद उनके नाम पर विचार भी नहीं किया गया। आनंद लाल ने बीसीसीआइ के सीईओ राहुल जौहरी को एक ईमेल भेजकर इसका स्पष्टीकरण मांगा है और फिर से उनके नाम पर विचार करने का आग्रह किया है। दैनिक जागरण के पास ये मेल मौजूद है। आनंद लाल ने अपने ईमेल में लिखा है कि मैंने जनवरी में एसीयू प्रमुख के पद के लिए आवेदन किया था जिसके बाद आपके दफ्तर ने मुझे मेरी जन्म तिथि स्पष्ट करने को कहा था जिसे मैंने शीघ्र ही कर दिया था लेकिन इसके बाद आपकी ओर से मुझे कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। मुझे लगा कि समिति इस पर देर से फैसला करेगी है लेकिन मीडिया में आई खबरों से मुझे पता चला कि राजस्थान के पूर्व डीजीपी अजय सिंह को एसीयू प्रमुख के पद पर बहाल कर लिया गया है।

आनंद ने आगे लिखा है कि इस फैसले से मैं बिलकुल हैरान था क्योंकि मेरे पास सभी जरूरी पात्रता थी जिसमें उत्तर प्रदेश भ्रष्टाचार निरोधक इकाई के प्रमुख का पद भी शामिल था। उन्होंने अपने लंबे कार्यकाल का हवाला देते हुए लिखा है कि उन्हें उम्मीद थी कि बीसीसीआइ उनके नाम पर विचार करेगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता और अस्पष्टता पर भी सवाल खड़े करते हुए बीसीसीआइ से अपने नाम पर दोबारा विचार करने का अनुरोध किया है। उन्होंने लिखा है कि मैं बीसीसीआइ से मेरे आवेदन पर दोबारा विचार करने का आग्रह करता हूं। उत्तर प्रदेश के डीजीपी रहते हुए करीब दो लाख लोग मेरे नेतृत्व में काम करते थे इसलिए मैं आपसे न्यायगत चुनाव की आशा करता हूं। उन्होंने अपने इस मेल की प्रति बीसीसीआइ के कार्यवाहक अध्यक्ष सीके खन्ना और कार्यवाहक सचिव अमिताभ चौधरी को भी भेजा है।

By Arti Yadav