नई दिल्ली, आनलाइन डेस्क। आइसीसी टी-20 वर्ल्ड कप 2007 में पाकिस्तान को हराकर टीम इंडिया चैंपियन बनी थी। पाकिस्तान को जीत के लिए पांच गेंदों में 12 रनों की जरूरत थी। क्रीज पर मिस्बाह उल हक थे। गेंदबाजी जोगिंदर शर्मा कर रहे थे। ओवर की दूसरी गेंद पर मिस्बाह छक्का जड़ चुके थे और ऐसा लगा रहा था मैच भारत के हाथ से निकल गया। तभी पाकिस्तानी बल्लेबाज ने कुछ ऐसा किया, जिसका उन्हें आज भी मलाल है। उन्होंने उन्होंने शार्ट फाइन लेग के ऊपर से स्कूप शाट खेलने की कोशिश की और श्रीसंत के हाथों कैच आउट हो गए। इस तरह महेंद्र सिंह धौनी की अगुवाई में टीम इंडिया वर्ल्ड कप जीतने में सफल रही।  

अब पाकिस्तान के पूर्व कप्तान मिस्बाह-उल-हक ने स्वीकार किया है कि 2007 टी 20 विश्व कप फाइनल में भारत के खिलाफ स्कूप शाट खेलते समय वह अति आत्मविश्वास के शिकार हो गए थे। इस ऐतिहासिक घटना के 15 साल बाद पाकिस्तान के पूर्व खिलाड़ी ने स्वीकार किया कि उन्होंने टूर्नामेंट में ये शट कई बार खेला था, ऐसे में उन्होंने यह शाट खेली। शोएब अख्तर के यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए उन्होंने कहा, ' मैं हमेशा कहता हूं कि 2007 में हर मैच के दौरान मैंने उस शॉट को खेलते हुए चौके लगाए। यहां तक कि फाइन लेग पर फील्डर होने के बाद भी मैं आस्ट्रेलिया के खिलाफ उस शाट को खेलते हुए सिंगल ले रहा था। स्पिनरों के खिलाफ मैं उस शाट से फाइन लेग के फील्डर को छका देता था। तो आप कह सकते हैं कि मुझे अति आत्मविश्वास हो गया। मैंने उस शाट को मिस टाइम किया, जिस पर मुझे सबसे ज्यादा भरोसा था।'

मिस्बाह ने 2008-2015 के बीच 87 टेस्ट और 56 एकदिवसीय मैचों में पाकिस्तान क्रिकेट टीम का नेतृत्व किया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सभी प्रारूपों में 10 टेस्ट शतकों के साथ 11,132 रन बनाए। मिस्बाह ने 2017 में खेल से संन्यास ले लिया और मिकी आर्थर को हटाने के बाद उन्हें पाकिस्तान का मुख्य कोच नियुक्त किया गया, क्योंकि टीम 2019 विश्व कप में सेमीफाइनल में जगह बनाने में विफल रही थी। मिस्बाह ने पिछले साल टी20 विश्व कप से कुछ महीने पहले ही पाकिस्तान टीम के मुख्य कोच की भूमिका से इस्तीफा दे दिया था। पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज वकार यूनिस ने भी उसी समय मिस्बाह के साथ गेंदबाजी कोच की भूमिका से हट गए थे।

Edited By: Tanisk